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Kannauj News: चर्च में प्रार्थना सभा की फोटो भेजने पर मिलते थे रुपये
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तिर्वा (कन्नौज)। ठठिया क्षेत्र के करसाह गांव में सामने आए धर्मांतरण प्रकरण की जांच अब एक बड़े और संगठित नेटवर्क की ओर इशारा कर रही है। पुलिस द्वारा आरोपी के बैंक खाते और कॉल डिटेल की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में पाया गया कि आरोपी गांव स्थित एक घर में बने तथाकथित चर्च में रोजाना होने वाली प्रार्थना सभा की फोटो भेजता था। इसके लिए उसे रुपये भी मिलते थे। इतना ही नहीं, उससे प्रतिदिन धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों का विवरण भी लिया जाता था।
सीओ कुलवीर सिंह ने बताया कि आरोपी पन्नालाल को धनराशि भेजने वाला युवक कानपुर का निवासी है, जो खुद को अधिवक्ता बताता है। वह मूल रूप से हरियाणा का रहने वाला है। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि वह युवक इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार है और वर्ष 1990 में ही ईसाई धर्म अपना चुका है। पन्नालाल द्वारा भेजी गई हर रिपोर्ट और फोटो पर वह सीधे निगरानी रखता था और उसी आधार पर फंडिंग की जाती थी। जांच में यह भी उजागर हुआ है कि अधिवक्ता के दो विद्यालय और उसके परिवार में पत्नी, बेटा और बेटी के खाते एक ही प्राइवेट बैंक में संचालित हैं, जिनसे पन्नालाल के खाते में लगातार लेनदेन होते रहे।
पुलिस ने इन सभी खातों का पूरा विवरण बैंक से तलब किया है, जिससे फंडिंग के स्रोत और प्रवाह की स्पष्ट जानकारी मिल सके। सीओ ने बताया कि बैंक खातों की प्रारंभिक जांच में रुपये की फंडिंग की भी जानकारी हुई है। कहा कि खातों में पैसा आता है और तुरंत अन्य खातों में भेज दिया जाता है। पूरी जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि धर्मांतरण गतिविधियों में शामिल लोगों को किस प्रकार निर्देश दिए जाते थे और फंडिंग किस तरीके से संचालित होती थी। एसपी विनोद कुमार ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए तीन टीमों को लगाया गया है। जल्द ही राजफाश किया जाएगा।
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सीओ कुलवीर सिंह ने बताया कि आरोपी पन्नालाल को धनराशि भेजने वाला युवक कानपुर का निवासी है, जो खुद को अधिवक्ता बताता है। वह मूल रूप से हरियाणा का रहने वाला है। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि वह युवक इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार है और वर्ष 1990 में ही ईसाई धर्म अपना चुका है। पन्नालाल द्वारा भेजी गई हर रिपोर्ट और फोटो पर वह सीधे निगरानी रखता था और उसी आधार पर फंडिंग की जाती थी। जांच में यह भी उजागर हुआ है कि अधिवक्ता के दो विद्यालय और उसके परिवार में पत्नी, बेटा और बेटी के खाते एक ही प्राइवेट बैंक में संचालित हैं, जिनसे पन्नालाल के खाते में लगातार लेनदेन होते रहे।
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पुलिस ने इन सभी खातों का पूरा विवरण बैंक से तलब किया है, जिससे फंडिंग के स्रोत और प्रवाह की स्पष्ट जानकारी मिल सके। सीओ ने बताया कि बैंक खातों की प्रारंभिक जांच में रुपये की फंडिंग की भी जानकारी हुई है। कहा कि खातों में पैसा आता है और तुरंत अन्य खातों में भेज दिया जाता है। पूरी जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि धर्मांतरण गतिविधियों में शामिल लोगों को किस प्रकार निर्देश दिए जाते थे और फंडिंग किस तरीके से संचालित होती थी। एसपी विनोद कुमार ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए तीन टीमों को लगाया गया है। जल्द ही राजफाश किया जाएगा।
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