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दो दिसंबर से शुरू होगा सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान
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कन्नौज। बचपन में होने वाली ऐसी सभी बीमारियों से बचाए रखने के लिए संपूर्ण टीकाकरण हर एक बच्चे का हक है, जिनसे बचाव मुमकिन है। दो दिसंबर से चार चरणों में सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान चलेगा। शासन स्तर से पहले ही निर्देश जारी हो चुके हैं।
इंद्रधनुष के सात रंगों को प्रदर्शित करने वाले इस मिशन का उद्देश्य है कि 2020 तक सभी बच्चों का टीकाकरण करना है। जिनके टीके नहीं लगे हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. रमेश चंद्रा ने बताया कि अभियान की शुरुआत दिसंबर माह के प्रथम सोमवार से की जाएगी। महानिदेशक परिवार कल्याण डा. उमाकांत के निर्देशों के तहत तैयारी की जा रही है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर चंद्रा ने बताया कि अपने घर परिवारों में कोई गर्भवती महिला व 0 से 2 वर्ष के बच्चे जो किसी कारण टीकों से वंचित रह गए हैं। वह इस अभियान के तहत निकटतम स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर टीके लगवाकर जानलेवा बीमारियों से बचाव करें। अगर हम बच्चों का टीकाकरण समय से कराते हैं तो बच्चे जीवन भर स्वस्थ और खुशहाल रहेंगे।
टीकाकरण अभियान से पहले स्वास्थ्य विभाग की टीमें विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) व यूनिसेफ की टीमों के साथ मिलकर जनपद में सर्वे करेंगी। सर्वे के जरिए ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा, जहां टीकाकरण कम हुआ है। सर्वे के दौरान टीकाकरण से छूटे, आंशिक टीकाकरण व टीकाकरण न करवाने वाले परिवारों का भी पता लगाया जाएगा। उनकी काउंसिलिंग की जाएगी और टीकाकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। अभियान में ईंट-भट्ठों और निर्माण साइटों पर रहने वाले परिवारों के टीकाकरण पर जोर दिया जाएगा। इन दोनों स्थानों पर रहने वाले परिवार एक से दूसरे स्थान पर शिफ्ट होते रहते हैं। इसलिए सामान्य अभियान के दौरान इनके छूट जाने की आशंका बनी रहती है। वीसीसीएम इरसाद बेग ने बताया कि केंद्र सरकार ने अभियान के तहत टीकाकरण की कवरेज को बढ़ाकर 90 फीसदी तक पहुंचाने का लक्ष्य दिया है। टीकाकरण न होने वाले या फिर आंशिक टीकाकरण वाले बच्चों को अभियान के तहत सात तरह की बीमारियों से बचाने वाले टीके लगाए जाएंगे।
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इंद्रधनुष के सात रंगों को प्रदर्शित करने वाले इस मिशन का उद्देश्य है कि 2020 तक सभी बच्चों का टीकाकरण करना है। जिनके टीके नहीं लगे हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. रमेश चंद्रा ने बताया कि अभियान की शुरुआत दिसंबर माह के प्रथम सोमवार से की जाएगी। महानिदेशक परिवार कल्याण डा. उमाकांत के निर्देशों के तहत तैयारी की जा रही है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर चंद्रा ने बताया कि अपने घर परिवारों में कोई गर्भवती महिला व 0 से 2 वर्ष के बच्चे जो किसी कारण टीकों से वंचित रह गए हैं। वह इस अभियान के तहत निकटतम स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर टीके लगवाकर जानलेवा बीमारियों से बचाव करें। अगर हम बच्चों का टीकाकरण समय से कराते हैं तो बच्चे जीवन भर स्वस्थ और खुशहाल रहेंगे।
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टीकाकरण अभियान से पहले स्वास्थ्य विभाग की टीमें विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) व यूनिसेफ की टीमों के साथ मिलकर जनपद में सर्वे करेंगी। सर्वे के जरिए ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा, जहां टीकाकरण कम हुआ है। सर्वे के दौरान टीकाकरण से छूटे, आंशिक टीकाकरण व टीकाकरण न करवाने वाले परिवारों का भी पता लगाया जाएगा। उनकी काउंसिलिंग की जाएगी और टीकाकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। अभियान में ईंट-भट्ठों और निर्माण साइटों पर रहने वाले परिवारों के टीकाकरण पर जोर दिया जाएगा। इन दोनों स्थानों पर रहने वाले परिवार एक से दूसरे स्थान पर शिफ्ट होते रहते हैं। इसलिए सामान्य अभियान के दौरान इनके छूट जाने की आशंका बनी रहती है। वीसीसीएम इरसाद बेग ने बताया कि केंद्र सरकार ने अभियान के तहत टीकाकरण की कवरेज को बढ़ाकर 90 फीसदी तक पहुंचाने का लक्ष्य दिया है। टीकाकरण न होने वाले या फिर आंशिक टीकाकरण वाले बच्चों को अभियान के तहत सात तरह की बीमारियों से बचाने वाले टीके लगाए जाएंगे।
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