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Kannauj News: गाजियाबाद से लौट रहे अधेड़ की रोडवेज बस में मौत
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छिबरामऊ। गाजियाबाद से घर लौट रहे अधेड़ की रास्ते में संदिग्ध हालातों में मौत हो गई। सुबह पूर्वी बाईपास पहुंचने पर परिचालक ने बस से उतरने के लिए उठाया लेकिन शरीर में कोई हरकत न होने पर मौत की जानकारी हुई। पहचान होने के बाद पुलिस की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
शनिवार की सुबह सात बजे के करीब गाजियाबाद से कानपुर जा रही बेबर डिपो की रोडवेज पूर्वी बाईपास पर रुकी। चालक आशाराम व परिचालक सुभाष ने पीछे सीट पर सो रहे एक यात्री को उतरने के लिए जगाया लेकिन उसके शरीर में कोई हरकत नहीं थी। इस पर दोनों ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने अधेड़ की पहचान कराने के बाद परिजनों को जानकारी दी।
परिचालक ने बताया कि बृजेश ने दिल्ली में लालकुआं से छिबरामऊ की टिकट ली थी। कोतवाल विष्णुकांत तिवारी ने बताया कि बृजेश उर्फ पप्पी गुप्ता (55) नगर के मोहल्ला बजरिया का रहने वाला था। वह अविवाहित है। भरण पोषण के लिए वह दक्षिणी खुड़ावा गांव के विकास राठौर के साथ गाजियाबाद में रहकर प्राइवेट नौकरी करता था। पिछले पांच छह दिनों से वह सांस व ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान था। रास्ते में बीमारी के चलते उसकी मौत हो गई। परिजन पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर शव साथ ले गए हैं।
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शनिवार की सुबह सात बजे के करीब गाजियाबाद से कानपुर जा रही बेबर डिपो की रोडवेज पूर्वी बाईपास पर रुकी। चालक आशाराम व परिचालक सुभाष ने पीछे सीट पर सो रहे एक यात्री को उतरने के लिए जगाया लेकिन उसके शरीर में कोई हरकत नहीं थी। इस पर दोनों ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने अधेड़ की पहचान कराने के बाद परिजनों को जानकारी दी।
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परिचालक ने बताया कि बृजेश ने दिल्ली में लालकुआं से छिबरामऊ की टिकट ली थी। कोतवाल विष्णुकांत तिवारी ने बताया कि बृजेश उर्फ पप्पी गुप्ता (55) नगर के मोहल्ला बजरिया का रहने वाला था। वह अविवाहित है। भरण पोषण के लिए वह दक्षिणी खुड़ावा गांव के विकास राठौर के साथ गाजियाबाद में रहकर प्राइवेट नौकरी करता था। पिछले पांच छह दिनों से वह सांस व ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान था। रास्ते में बीमारी के चलते उसकी मौत हो गई। परिजन पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर शव साथ ले गए हैं।
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