‘बवाल की जांच सीबीआई से कराएं’
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प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अर्चना पांडेय
ने कहा कि कन्नौज में आपातकाल जैसे हालात पैदा हो गए हैं। मुख्यमंत्री
अखिलेश यादव प्रशासन के दम पर भाजपाइयों पर अत्याचार कर रहे हैं, इसलिए
दंगे का ठीकरा भाजपा के सिर फोड़कर सरकार व प्रशासन अपना दामन बचा रहे हैं।
कहा कि अफसरों ने भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दमनकारी रवैया न सुधारा तो
29 अक्तूबर के बाद जिले में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। कहा कि अफसरों को
लगता है कि यदि सुब्रत को गिरफ्तार करने से शहर में शांति बहाल हो सकती है
तो सुब्रत के साथ जिले के हजारों भाजपा कार्यकर्ता गिरफ्तार होने खुद आ
जाएंगे।
पूरे घटनाक्रम से प्रदेश नेतृत्व को अवगत करा दिया है। कहा कि
कई बड़े नेता जल्द कन्नौज आएंगे। पूर्व विधायक बनवारीलाल दोहरे ने
शहरवासियों से अमन-चैन से रहने की अपील कहा कि सत्ता सुख भोगने वाले बवाल
को बढ़ावा दे रहे हैं। एक तरफ एसपी मकरंदनगर में दुकानों में बिजली की
शार्ट सर्किट से आग लगने की बात कह रहे तो दूसरी ओर पुलिस मुकदमा लिखकर
निर्दोषों को घर से उठाकर जेल भेज रही है।
पूर्व विधायक कल्यान सिंह दोहरे
ने कहा कि पुलिस प्रशासन एकतरफा कार्रवाई कर रहा है। हत्या में नामजद सपा
नेता को बचाने का रातोंरात मृतक के परिवार पर दबाव डालकर जबरन
प्रार्थनापत्र लिखवाया गया। यह सरासर गलत है। नामजद सपा नेता को पहले
गिरफ्तार कर जेल भेजना चाहिए था।
निर्दोष मानकर उनका नाम निकालना ही है तो
विवेचना के दौरान ऐसा करें। कहा कि सुब्रत के घर पर दबिश देकर
अपराधियों की तरह बरताव करके प्रशासन ने सत्ता पक्ष के एजेंट वाली मानसिकता
का परिचय दिया है। इस मौके पर तरुण चंद्रा, देवेंद्र देव, मुनीष मिश्रा,
सौरभ मिश्रा, संजय मिश्रा, राजीव ठाकुर, अंशू तिवारी, वैभव मिश्रा, श्याम
तिवारी, अजय वर्मा, महाराणा प्रताप आदि मौजूद थे।