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मछली पालन संग सिंघाड़े की फसल कर कमाएंगे दोहरा लाभ

Mon, 11 Jan 2021 11:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jan 2021 11:51 PM IST
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machhalee paalan sang singhaade kee phasal kar kamaenge dohara laabh
अयूबपुर में किसान अजीत सिंह का चिह्नित किया गया तालाब। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। परंपरागत खेती छोड़कर अलग करने की सोच रहे किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब किसान मछली पालन संग सिंघाड़े की खेती कर सकेंगे। इसमें भूमि संरक्षण विभाग मददगार बनेगा। खेत तालाब योजना के अंतर्गत किसानों को 1.10 लाख में 50 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। किसान खेत में तालाब बनाकर मछली पालन के साथ सिंघाड़े की खेती कर दोगुना लाभ कमा सकेंगे। भूगर्भ-जलस्तर को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इस योजना के तहत अभी आठ ब्लाकों में 18 किसान चिह्नित किए गए हैं।
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योजना के तहत छोटे तालाब की गहराई तीन मीटर रहती है। इसमें मत्स्य पालन किया जाता है। साथ ही सिंघाड़े की उपज भी ली जा सकती है। सिंघाड़ा उत्तम खाद्य पदार्थ है। तालाब में सिंघाड़ा बरसात में लगाया जाता है। अक्तूबर से दिसंबर तक निकाला जाता है। सिंघाड़े और मछली पालन से मछलियों को भोजन प्राप्त होता है। सिंघाड़े की पत्तियां और शाखाएं समय-समय पर टूटती रहती हैं। यह मछलियों के भोजन का काम करती हैं। पौधों के वह भाग जिन्हें मछलियां नहीं खातीं, वह तालाब में खाद का काम करते हैं।
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सिंघाड़े की बेल के लिए यहां करें संपर्क
बरसात में तालाब में सिंघाड़े की खेती करने के इच्छुक किसान नर्सरी के लिए स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र और जिला कृषि महकमे के दफ्तर से संपर्क कर सकते हैं। व्यावसायिक तौर पर सिंघाड़े की खेती करने वाले किसान तालाब या कीचड़युक्त जलाशय में बीज डाल देते हैं। दो माह के अंदर सिंघाड़े के बेल तैयार हो जाती है। अक्तूबर से लेकर दिसंबर तक सिंघाड़े की बिक्री होती है।
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ये होता फायदा
परंपरागत खेती करने वाले किसान सिंघाड़े की खेती की कर अच्छी आय कर सकते हैं। इसमें कम लागत आती है। मछली पालन के साथ सिंघाड़े की खेती से दोहरा लाभ होता है। अगर किसानों के पास सिंघाड़े की खेती करने के लिए अपना तालाब या जलाशय नहीं है तो ग्राम पंचायत से संपर्क कर सकते हैं। ग्रामसभा मामूली शुल्क देकर किसी भी किसान को तालाब पट्टा पर दे सकता है। प्रति हेक्टेयर भूमि से 25-30 टन सिंघाड़े की पैदावार होती है।

इन किसानों को किया गया चिह्नित
खेत तालाब योजना अंतर्गत जिले के आठ विकास खंडों में 18 किसानों का चयन किया गया है। इनमें ब्लाक सौरिख के हविलिया गांव निवासी ऋषिपाल, ब्लाक उमर्दा के हरेईपुर की शांति देवी, यहीं के सोनपाल, मवइया के रामरतन, सरौली के सतीश चंद्र, अज्योरा के मनोज कुमार, ब्लाक जलालाबाद के पछायपुर्वा के लाल सिंह, बिसंधुआ के अरविंद कुमार, गुलाम वारिस, ब्लाक छिबरामऊ के भाऊलपुर के बालकिशन, नगला भुइयन के सर्वेश कुमार, ब्लाक तालग्राम के अयूबपुर निवासी अजीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, नगला नरेंद्रपुर के रमेशचंद्र, अमरौली के अखिलेश कुमार, सदर ब्लाक के महचंद्रापुर के रामप्रकाश, ब्लाक हसेरन के ओमकार व ब्लाक गुगरापुर की प्रेमा देवी का चयन किया गया है।
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