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Kannauj News: देवरानी और उसकी नवजात बच्ची की हत्या में जेठ-जेठानी को उम्रकैद

Thu, 17 Aug 2023 11:40 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज Updated Thu, 17 Aug 2023 11:40 PM IST
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Life imprisonment for brother-in-law and sister-in-law for killing Deorani and her newborn baby girl
कन्नौज। दहेज के लिए देवरानी और उसकी एक साल की बच्ची को आग लगाकर मारने के आरोपी जेठ-जेठानी को अदालत ने दोषी करार दिया है। दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न जमा करने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अदालत ने पति को निर्दोष मानते हुए उसे बरी कर दिया है।
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घटना 27 जून 2019 को छिबरामऊ कोतवाली के रोरी गांव की है। जिला शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद सालिम ने बताया कि ठठिया थाना क्षेत्र के बुढ़िना निवासी प्रेमचंद्र ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उसने पुत्री लक्ष्मी की शादी 23 सितंबर 2016 को छिबरामऊ थाना क्षेत्र के गांव रोरी निवासी अनुज से की थी। प्रेमचंद्र का आरोप था कि शादी के बाद से उसकी बेटी को ससुराल में प्रताड़ित किया जाता था। दहेज के लिए उससे मारपीट की जाती थी। शादी के करीब तीन साल बाद जेठ मनोज, जेठानी ममता और पति अनुज ने 27 जून 2019 लक्ष्मी के साथ मारपीट की। इससे भी जी नहीं भरा तो केरोसिन का तेल डालकर लक्ष्मी व उसकी एक साल की पुत्री आरुषि के शरीर में आग लगा दी। आरुषि की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि लक्ष्मी ने इलाज के दौरान सैफई मेडिकल काॅलेज में दम तोड़ा था। मुकदमे के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गुरुवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए जिला जज अजय श्रीवास्तव ने जेठ मनोज और जेठानी ममता को हत्या का दोषी करार दिया। दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह महीने की अतिरिक्त कैद की सजा काटनी होगी।
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मृत्यु से पहले बयान ने पति को बचाया

शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद सालिम ने बताया कि मामले में सुनवाई के दौरान लक्ष्मी का मृत्यु से पहले दिया गया बयान सबसे अहम साबित हुआ। लक्ष्मी ने इटावा के सैफई में इलाज के दौरान सैफई के तहसीलदार विशेश्वर सिंह को दिए अपने बयान में कहा था कि जेठ और जेठानी ने उसके साथ मारपीट कर केरोसिन का तेल डालकर उसे व उसकी पुत्री को जला दिया है। पति ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। जेठ जेठानी को सजा दी जाए। जेठ-जेठानी को आजीवन कारावास सुनाने के बाद अदालत ने लक्ष्मी के पति अनुज को बरी कर दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि क्ष्मी और पुत्री आरुषि की हत्या में उसके पति अनुज की संलिप्तता नहीं मिली। अनुज ने ही गंभीर हालत में लक्ष्मी को अस्पताल में भर्ती कराया था। इसलिए अदालत ने अनुज को बरी कर दिया।
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