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‘महिलाओं को कमजोर न समझें’
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Mon, 19 Oct 2015 12:04 AM IST
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इंदरगढ़ कसबे के पशु बाजार में रविवार की दोपहर महिला
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सशक्तीकरण को लेकर एक जनसभा का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी तादात में महिलाओं
की भीड़ उमड़ी। इस मौके पर महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा व प्रतिष्ठा को लेकर
लोगों ने सुझाव रखे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल ने कहा कि आज के दौर में जो लोग महिलाओं को कमजोर और निरीह समझते हैं, वह काफी भुलावे में है। आज की महिलाएं युद्धक विमान उड़ाने में सक्षम है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाएं घर की दहलीज को लांघकर शिक्षा व राजनीति के क्षेत्र में आगे आ रही हैं।
उन्होंने कविता के माध्यम से जहर देते रहे, जहर पीते रहे, कभी मरते रहे, कभी जीते रहे, जिंदगी भी हमें अजमाती रही और हम भी उसे अजमाते रहे सुनाकर कहा कि अब यह दौर खत्म हो चुका है। राज्यमंत्री की पुत्रवधू पूजा पाल ने कहा कि आज की नारी हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है।
उन्होंने मौजूद महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने में नारी समाज बढ़-चढ़कर उनका सहयोग करें। औरैया जिले के सहार कसबे से आई कवयित्री कविता पाल ने नारी सशक्तीकरण और दहेज की समस्या को लेकर कई कविताएं सुनाईं। प्रख्यात कवि अज्ञात ने चलने को तो एक पांव से भी चलते लोग, पर दूसरा पांव भी साथ दे तो और बात है सहित कई कविताएं सुनाकर महिलाओं को आगे आने की प्रेरणा दी।
इंजीनियर अनिल पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव की प्रेरणा से जनपद में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। कार्यक्रम को अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की प्रांतीय उपाध्यक्ष डा. धनदेवी कनौजिया, शंभूदयाल मौर्या, प्रेमनारायन वर्मा, शरद यादव, उमाशंकर बेरिया ने संबोधित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल ने कहा कि आज के दौर में जो लोग महिलाओं को कमजोर और निरीह समझते हैं, वह काफी भुलावे में है। आज की महिलाएं युद्धक विमान उड़ाने में सक्षम है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाएं घर की दहलीज को लांघकर शिक्षा व राजनीति के क्षेत्र में आगे आ रही हैं।
उन्होंने कविता के माध्यम से जहर देते रहे, जहर पीते रहे, कभी मरते रहे, कभी जीते रहे, जिंदगी भी हमें अजमाती रही और हम भी उसे अजमाते रहे सुनाकर कहा कि अब यह दौर खत्म हो चुका है। राज्यमंत्री की पुत्रवधू पूजा पाल ने कहा कि आज की नारी हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है।
उन्होंने मौजूद महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने में नारी समाज बढ़-चढ़कर उनका सहयोग करें। औरैया जिले के सहार कसबे से आई कवयित्री कविता पाल ने नारी सशक्तीकरण और दहेज की समस्या को लेकर कई कविताएं सुनाईं। प्रख्यात कवि अज्ञात ने चलने को तो एक पांव से भी चलते लोग, पर दूसरा पांव भी साथ दे तो और बात है सहित कई कविताएं सुनाकर महिलाओं को आगे आने की प्रेरणा दी।
इंजीनियर अनिल पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव की प्रेरणा से जनपद में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। कार्यक्रम को अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की प्रांतीय उपाध्यक्ष डा. धनदेवी कनौजिया, शंभूदयाल मौर्या, प्रेमनारायन वर्मा, शरद यादव, उमाशंकर बेरिया ने संबोधित किया।