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किशोरी से दुष्कर्म में चौकीदार को 10 साल की कैद
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कन्नौज। चौकीदार ने किशोरी की मानसिक कमजोरी का फायदा उठाकर कई माह तक दुष्कर्म किया। किशोरी के गर्भवती होने पर डीएनए की जांच कराई गई तो चौकीदार दोषी निकला। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने दोषी चौकीदार को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। पीड़िता ने इस घटना के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
शासकीय अधिवक्ता तरुण चंद्रा के अनुसार एक गांव निवासी महिला ने बताया था कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री मानसिक रूप से कमजोर थी। आरोप था कि अल्हापुर निवासी चौकीदार विश्राम ने इसका फायदा उठाकर उसकी पुत्री के साथ कई महीने तक दुष्कर्म किया। 28 जून 2017 को पेट दर्द होने पर उसे चिकित्सक को दिखाया तो किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी हुई। महिला ने जानकारी पर आरोपित पर कार्रवाई की मांग की तो चौकीदार विश्राम ने खाकी का रौब दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। महिला ने उच्चाधिकारियाें से शिकायत की तो चौकीदार के डीएनए कराने के आदेश दिए गए।
डीएनए रिपोर्ट में चौकीदार दोषी पाया गया। वहीं किशोरी ने आत्मग्लानि में फांसी लगाकर जान दे दी। महिला ने बेटी को न्याय दिलाने के लिए आरोपी चौकीदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना कर चौकीदार के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मंगलवार को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी चौकीदार विश्राम सिंह को 10 साल की कैद व नौ हजार जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट को जुर्माना न देने पर चौकीदार को एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
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शासकीय अधिवक्ता तरुण चंद्रा के अनुसार एक गांव निवासी महिला ने बताया था कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री मानसिक रूप से कमजोर थी। आरोप था कि अल्हापुर निवासी चौकीदार विश्राम ने इसका फायदा उठाकर उसकी पुत्री के साथ कई महीने तक दुष्कर्म किया। 28 जून 2017 को पेट दर्द होने पर उसे चिकित्सक को दिखाया तो किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी हुई। महिला ने जानकारी पर आरोपित पर कार्रवाई की मांग की तो चौकीदार विश्राम ने खाकी का रौब दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। महिला ने उच्चाधिकारियाें से शिकायत की तो चौकीदार के डीएनए कराने के आदेश दिए गए।
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डीएनए रिपोर्ट में चौकीदार दोषी पाया गया। वहीं किशोरी ने आत्मग्लानि में फांसी लगाकर जान दे दी। महिला ने बेटी को न्याय दिलाने के लिए आरोपी चौकीदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना कर चौकीदार के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मंगलवार को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी चौकीदार विश्राम सिंह को 10 साल की कैद व नौ हजार जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट को जुर्माना न देने पर चौकीदार को एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
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