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काऊ मिल्क प्लांट हाजीपुर गांव के लिए बना मुसीबत
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उमर्दा (कन्नौज)। बढ़नपुर-बीरहार गांव के पास 141 करोड़ रुपये से बना काऊ मिल्क प्लांट पड़ोस के हाजीपुर गांव के लिए मुसीबत बन गया है। यहां के तालाब में प्लांट का गंदा और बदबूदार पानी इकट्ठा हो रहा है। इस बदबू से ग्रामीण परेशान हैं। इनमें संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है।
प्लांट पर प्रतिदिन 35 से 40 हजार लीटर दूध की पैकिंग की जाती है। इसके बाद मशीनों की ऑटोमेटिक सिस्टम से धुलाई की जाती है। धुलाई का दूषित पानी नाली के सहारे लगभग आधा किलोमीटर दूर हाजीपुर गांव के तालाब में भर जाता है। यहां के ग्रामीण सड़ रहे पानी की बदबू से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन व प्लांट के लोगों से शिकायत की गई। नतीजा कुछ नहीं निकला।
इस संबंध में काऊ मिल्क प्लांट के जीएम ब्रजमोहन त्यागी का कहना है कि अभी बाहर हूं। प्लांट पर पहुंच कर समस्या देखूंगा। वहीं
एसडीएम जयकरन का कहना है कि प्लांट के अधिकारियों से बात कर समस्या के निस्तारण की व्यवस्था कराई जाएगी। गांव वालों ने कभी शिकायती पत्र नहीं दिया है।
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प्लांट पर प्रतिदिन 35 से 40 हजार लीटर दूध की पैकिंग की जाती है। इसके बाद मशीनों की ऑटोमेटिक सिस्टम से धुलाई की जाती है। धुलाई का दूषित पानी नाली के सहारे लगभग आधा किलोमीटर दूर हाजीपुर गांव के तालाब में भर जाता है। यहां के ग्रामीण सड़ रहे पानी की बदबू से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन व प्लांट के लोगों से शिकायत की गई। नतीजा कुछ नहीं निकला।
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इस संबंध में काऊ मिल्क प्लांट के जीएम ब्रजमोहन त्यागी का कहना है कि अभी बाहर हूं। प्लांट पर पहुंच कर समस्या देखूंगा। वहीं
एसडीएम जयकरन का कहना है कि प्लांट के अधिकारियों से बात कर समस्या के निस्तारण की व्यवस्था कराई जाएगी। गांव वालों ने कभी शिकायती पत्र नहीं दिया है।