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कन्नौज : चियासर-सवायजपुर की तरक्की के अधूरे ख्वाब, पुल की आस बरकरार

Sun, 21 Aug 2022 11:28 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 21 Aug 2022 11:28 PM IST
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Kannauj: Unfulfilled dreams of development of Chiasar-Sawaijpur, hope of bridge remains intact
फोटो 01- चियासर घाट पर बहती गंगा नदी। संवाद - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। चियासर में गंगा नदी पर पुल निर्माण का मुद्दा फिर उठा है। पुल निर्माण की मांग लंबे समय से चल रही है। इसके लिए कई बार आंदोलन भी हुए। आंदोलन करने वाले कई युवा वृद्ध हो चुके हैं, लेकिन अभी तक सरकार ने पुल को हरी झंडी नहीं दी है। इस बार क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने पुल निर्माण की मांग बुलंद की है। कुछ दिन पहले सांसद सुब्रत पाठक को ज्ञापन दिया। इसमें कहा कि पुल का निर्माण होने से न केवल कन्नौज का विकास होगा, बल्कि हरदोई के विकास की भी राह खुलेगी। लाखों लोगों के आवागमन की राह आसान होगी।
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जिले के तालग्राम ब्लाक क्षेत्र के चियासर घाट पर कई दशकों से गंगा नदी पर पुल निर्माण की मांग चल रही है। पुल न बनने से चियासर और हरदोई के सवायजपुर क्षेत्र के कई गांवों की तरक्की का ख्वाब अधूरा है। चुनाव के दौरान पुल बनवाने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन इसके बाद भूल जाते हैं।
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अब चियासर प्रधान रूपम सिंह, फराहन प्रधान संतोष कुमारी मिश्रा, भंवरगाढ़ा प्रधान वेदप्रकाश, मोहनपुर रतनपुर प्रधान प्रदीप शुक्ल, चचासंडा प्रधान मंजू देवी और हरदोई के दहेलिया गांव के प्रधान पंमी पठान ने एक बार फिर पुल निर्माण के लिए आवाज उठाई है।
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चियासर प्रधान रूपम सिंह ने बताया कि हाल में उन्होंने सांसद सुब्रत पाठक को ज्ञापन दिया है। कहा कि जल्द पुल निर्माण की हरी झंडी नहीं मिलती तो क्षेत्रीय और हरदोई के सवायजपुर के ग्राम प्रधानों के साथ लखनऊ पहुंचकर आंदोलन करेंगे। इस मामले में डीएम शुभ्रांत शुक्ल का कहना है कि पुल निर्माण के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। आदेश मिलते ही प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
इस इलाके का ऐतिहासिक महत्व भी है। गंगा नदी के तट पर ही चियासर घाट पर च्यवन ऋषि का आश्रम है। प्राचीन काल में यहीं पर च्यवन ऋषि ने जड़ी-बूटियों से च्यवनप्राश बनाया था, जिसके सेवन से वह वृद्ध से युवा हो गए थे।

च्यवन ऋषि के नाम से ही इस घाट का नाम चियासर हुआ है। च्यवन ऋषि के नाम पर यहां 100 बीघा जमीन भी आरक्षित है। आश्रम में च्यवन ऋषि की सदियों पुरानी मूर्ति भी स्थापित है। माघ पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और दशहरा पर कई प्रदेशों के लोग यहां गंगा स्नान करने आते हैं। च्यवन ऋषि का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

फोटो 02- चियासर घाट पर ऋषि च्यवन की स्थापित मूर्ति। संवाद

फोटो 02- चियासर घाट पर ऋषि च्यवन की स्थापित मूर्ति। संवाद- फोटो : KANNAUJ

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