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कन्नौज: एक लाख रुपये बैंक और तीन लाख रुपये साहूकारों का था कर्ज, नहीं चुका पाया तो फांसी पर झूला

Tue, 26 Oct 2021 11:25 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 26 Oct 2021 11:25 PM IST
सार

एक लाख रुपये बैंक और तीन लाख रुपये साहूकारों का कर्ज न चुकाने के चलते किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। वहीं तीन बीघा आलू की फसल खराब होने से सदमे में कुछ देर बाद पड़ोसी किसान ने भी दम तोड़ दिया।

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Kannauj: One lakh rupees was loan of bank and three lakh rupees of  moneylenders, farmer hanged himself
फांसी का फंदा - फोटो : फांसी का फंदा

विस्तार

कन्नौज के तालग्राम थाना इलाके के गदनापुर काजी में कर्ज में डूबे किसान ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं कुछ घंटे बाद पड़ोसी किसान ने सदमे में दम तोड़ दिया। गांव में एक साथ दो मौतों से कोहराम मच गया। 
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गदनापुर काजी निवासी मोहम्मद इस्लाम (56) खेती और मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। यह सोमवार देर शाम बिना खाए घर से निकल गए। रात में किसी समय गांव के मनोज कुमार कनौजिया के बरामदे में लगी खिड़की के सहारे फांसी लगा ली। मंगलवार सुबह मकान मालिक ने शव लटका देखकर परिजनों को जानकारी दी।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। किसान के इकलौते बेटे अंसार ने बताया कि मां अफसाना की 20 वर्ष पहले बीमारी से मौत हो गई थी। पिता ने किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया था। ग्रामीण बैंक का करीब एक लाख रुपये कर्ज है।

तीन लाख रुपये साहूकारों का कर्ज है। कर्ज अदा करने के लिए सवा बीघा खेत बेच दिया था। अभी तक कर्ज अदा नहीं हो सका। अब केवल सवा बीघा खेती बची है। वह कर्ज से परेशान रहते थे। इससे आत्महत्या कर ली। वहीं गांव के अलमुद्दीन (50) अपने दो बीघा खेत के साथ बटाई पर खेती करते थे। प्लास्टिक के खिलौने भी बेचा करते थे।

इनके बेटे साबिर ने बताया कि बारिश से तीन बीघा आलू की फसल खराब हो गई है। इससे पिता चिंतित रहते थे। पड़ोसी इस्लाम की मौत से सुबह सदमे में आ गए। शाम चार बजे के करीब बैठे-बैठे गिर गए। वहीं मौत हो गई। साबिर ने बताया तीन भाई साजिद और एक छोटू है। मां की 10 साल पहले मौत हो गई थी। पिता बटाई और उगाई पर भी खेती करते थे।
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