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जिले में ब्लैक फंगस से छिबरामऊ में पहली मौत
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छिबरामऊ(कन्नौज)। जिले में पहली बार ब्लैक फंगस का मामला सामने आया है। छिबरामऊ के भैनपुरा में रहने वाले सेल्समैन की आंख में ब्लैक फंगस व कोरोना के चलते मौत हुई है। परिजनों के मुताबिक कोरोना में आंख सूजती देख वह लोग दिल्ली ले गए थे। एम्स में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई। इसके बाद शरीर का एक हिस्सा सुन्न व ब्रेन हैमरेज होने से घर ले जाने की सलाह दी गई। घर लाते वक्त रास्ते में मौत हो गई।
छिबरामऊ के भैनपुरा गांव में रहने वाले गुरुपाल शाक्य (46) निजी ट्रैक्टर कंपनी के सेल्समैन थे। पिता राम बहादुर शाक्य बिजली विभाग में लाइनमैन थे। वह दिवंगत हो चुके हैं। गुरुपाल के छोटे भाई अवधेश शाक्य ने बताया कि भाई को 15 तारीख को पता चला कि कोरोना संक्रमण है। इसके बाद दायीं आंख में सूजन होने लगी। कोरोना में आंख में सूजन देख परिवार के लोग घबरा गए। ब्लैक फंगस सुन रखा था। इस वजह से 18 मई को भाई को लेकर दिल्ली एम्स पहुंचे। यहां उपचार शुरू हुआ। 19 को शाम पांच बजे तक इलाज हुआ।
सूजन वाले आंख की रोशनी चली गई। शरीर का एक अंग सुन्न पड़ गया। ब्रेन हैमरेज हो गया। बकौल अवधेश इसके बाद डॉक्टर ने घर जाने की सलाह दी। घर लाते वक्त रास्ते में ही मौत हो गई। भाई की मौत के बाद से पूरा परिवार डरा हुआ है। अवधेश का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम को घर के और लोगों की जांच करनी चाहिए।
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छिबरामऊ के भैनपुरा गांव में रहने वाले गुरुपाल शाक्य (46) निजी ट्रैक्टर कंपनी के सेल्समैन थे। पिता राम बहादुर शाक्य बिजली विभाग में लाइनमैन थे। वह दिवंगत हो चुके हैं। गुरुपाल के छोटे भाई अवधेश शाक्य ने बताया कि भाई को 15 तारीख को पता चला कि कोरोना संक्रमण है। इसके बाद दायीं आंख में सूजन होने लगी। कोरोना में आंख में सूजन देख परिवार के लोग घबरा गए। ब्लैक फंगस सुन रखा था। इस वजह से 18 मई को भाई को लेकर दिल्ली एम्स पहुंचे। यहां उपचार शुरू हुआ। 19 को शाम पांच बजे तक इलाज हुआ।
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सूजन वाले आंख की रोशनी चली गई। शरीर का एक अंग सुन्न पड़ गया। ब्रेन हैमरेज हो गया। बकौल अवधेश इसके बाद डॉक्टर ने घर जाने की सलाह दी। घर लाते वक्त रास्ते में ही मौत हो गई। भाई की मौत के बाद से पूरा परिवार डरा हुआ है। अवधेश का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम को घर के और लोगों की जांच करनी चाहिए।
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