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Kannauj News: कृत्रिम गर्भाधान से बढ़ेगी जमुना पारी और सिरोही नस्ल की बकरियां
Thu, 22 Feb 2024 01:31 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Thu, 22 Feb 2024 01:31 AM IST
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तालग्राम। जल्द ही बकरियों की नस्ल बदलने के लिए कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा। इसके लिए पशु चिकित्सकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कृत्रिम गर्भाधान से अब जमुना पारी और सिरोही नस्ल की बकरियां पैदा होंगी। इन नस्लों की कम होती संख्या को देखते हुए पशुपालन विभाग ने संरक्षित करने को कदम उठाया है।
पशुपालन विभाग के आंकड़े के अनुसार ब्लाॅक तालग्राम में करीब 40 हजार बकरियां है। जबकि 95 फीसदी देसी व बरबरी नस्ल की बकरियां है। जिसमें करीब पांच फीसदी ही जमुना पारी व सिरोही नस्ल की है। इनकी संख्या बढ़ाने और संरक्षित करने के लिए सरकार ने बजट में प्रावधान भी किया है। अब पशुपालन विभाग मुफ्त कृत्रिम गर्भाधान से इनकी संख्या में बढ़ोतरी करेगा। सब कुछ ठीक रहा तो आगामी अप्रैल से बकरियों का कृत्रिम गर्भाधान किया जाने लगेगा। बकरी पालकों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी।
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इनसेट
बकरी पालकों की बढ़ेगी आमदनी
ब्लॉक में करीब तीन हजार से अधिक किसान बरबरी व देसी बकरी पालते हैं। इन बकरियों का अधिक वजन 15 से 20 किलो का होता है। जिन्हें बेचकर वह अपने घर का खर्च चलाते हैं, लेकिन ज्यादा समय तक पालने के बाद भी लोगों को कम वजन के कारण बकरी बेचने पर कम पैसा मिलता है। अब कृत्रिम गर्भाधान से जमुना पारी व सिरोही नस्ल की अधिक वजन की बकरियां मिलने लगेंगी। साथ ही कम समय में ही अधिक वजन की हो जाएंगी। यह बकरियां 30 से 35 किलों तक के वजन तक भी होती हैं। जिसे बेचने पर अधिक दाम मिलेंगे। बकरी पालकों की आमदनी भी बढ़ जाएगी।
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इनसेट
चिकित्सकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
सीवीओ डॉ.कर्णवीर सिंह, चिकित्साधिकारी तालग्राम डॉ. विकराल सिंह का कहना है कि जमुना पारी व सिरोही नस्ल की बकरियों के संरक्षित और संख्या बढ़ाने के लिए जल्द ही कृत्रिम गर्भाधान अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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पशुपालन विभाग के आंकड़े के अनुसार ब्लाॅक तालग्राम में करीब 40 हजार बकरियां है। जबकि 95 फीसदी देसी व बरबरी नस्ल की बकरियां है। जिसमें करीब पांच फीसदी ही जमुना पारी व सिरोही नस्ल की है। इनकी संख्या बढ़ाने और संरक्षित करने के लिए सरकार ने बजट में प्रावधान भी किया है। अब पशुपालन विभाग मुफ्त कृत्रिम गर्भाधान से इनकी संख्या में बढ़ोतरी करेगा। सब कुछ ठीक रहा तो आगामी अप्रैल से बकरियों का कृत्रिम गर्भाधान किया जाने लगेगा। बकरी पालकों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी।
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बकरी पालकों की बढ़ेगी आमदनी
ब्लॉक में करीब तीन हजार से अधिक किसान बरबरी व देसी बकरी पालते हैं। इन बकरियों का अधिक वजन 15 से 20 किलो का होता है। जिन्हें बेचकर वह अपने घर का खर्च चलाते हैं, लेकिन ज्यादा समय तक पालने के बाद भी लोगों को कम वजन के कारण बकरी बेचने पर कम पैसा मिलता है। अब कृत्रिम गर्भाधान से जमुना पारी व सिरोही नस्ल की अधिक वजन की बकरियां मिलने लगेंगी। साथ ही कम समय में ही अधिक वजन की हो जाएंगी। यह बकरियां 30 से 35 किलों तक के वजन तक भी होती हैं। जिसे बेचने पर अधिक दाम मिलेंगे। बकरी पालकों की आमदनी भी बढ़ जाएगी।
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चिकित्सकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
सीवीओ डॉ.कर्णवीर सिंह, चिकित्साधिकारी तालग्राम डॉ. विकराल सिंह का कहना है कि जमुना पारी व सिरोही नस्ल की बकरियों के संरक्षित और संख्या बढ़ाने के लिए जल्द ही कृत्रिम गर्भाधान अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।