फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Investigation of land of schools of former block pramukh begins

Kannauj News: पूर्व ब्लॉक प्रमुख के स्कूलों की जमीन की जांच शुरू

Fri, 18 Jul 2025 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jul 2025 11:54 PM IST
विज्ञापन
Investigation of land of schools of former block pramukh begins
छिबरामऊ। पूर्व ब्लॉक प्रमुख के कई स्कूलों की जमीन की जांच शुरू हो गई है। एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार व लेखपाल ने शुक्रवार को राजस्व रिकार्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। जांच के बाद ही पूर्व ब्लॉक प्रमुख के विद्यालय पशुचर की जमीन पर बने है या ऊसर की, इसकी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अगर पशुचर की जमीन है तो आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
विज्ञापन



भाकियू (औनू) के पूर्व प्रदेश महासचिव गोपाल दुबे ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख बृजकिशोर सिंह यादव के 10 विद्यालय पशुचर की जमीन पर बने होने का दावा करते हुए शिकायत की थी। एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि ग्राम सभा असालत नगर के गाटा संख्या 92, 93, 94, 95 व 96 की भूमि की बिक्री रामप्रकाश निवासी छिबरामऊ, हाल निवासी कटरा बड़ा तालग्राम ने बृजकिशोर निवासी रामपुर बैजू के हक में की थी। इनका दाखिल खारिज एक नवंबर 1995 को किया गया था, जबकि यह भूमि राजस्व रिकार्ड में पशुचर में दर्ज है।
विज्ञापन

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए राजस्व तथा चकबंदी विभाग के अफसरों से सभी प्रपत्रों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद ही पता चलेगा कि रामप्रकाश के नाम यह जमीन कैसे दर्ज हुई है। वहीं, पूर्व ब्लॉक प्रमुख का दावा है कि राजकिशोर दुबे ने 1950 में रामचरण गुप्ता को चार एकड़ ऊसर का रजिस्ट्रीशुदा पट्टा किया था। रामचरण की मौत के बाद बेटे रामप्रकाश ने उन्हें रजिस्ट्री बैनामा किया था, जो संक्रमण भूमिधर हैं। खतौनी फसली सन् 1356 में खसरा 115 ऊसर में दर्ज है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, फसली 1459 में भी यह गाटा ऊसर में ही दर्ज है। 30 जनवरी 1951 में एसओसी ने उनके पक्ष में आर्डर किया है। तत्कालीन ग्राम प्रधान मंगूलाल ने उनके खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें पुलिस ने विवेचना के बाद फाइल रिपोर्ट लगा दी थी। इस संबंध में पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुमन यादव ने बताया कि जो भूमि उन्होंने खरीदी है, उसके साक्ष्य एसडीएम को दिए गए हैं। राजस्व अभिलेखों में भी वहां कोई पशुचर की भूमि दर्ज नहीं हैं। जांच में सब कुछ साफ हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed