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हृदय रोगियों को जल्द कार्डियक एंबुलेंस सेवा
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Fri, 12 Feb 2016 11:51 PM IST
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जिले के हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को जल्द कार्डियक
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एंबुलेंस की सेवा मिलेगी। सांसद डिंपल यादव के प्रयास से जिला अस्पताल को
दी गई एंबुलेंस को उच्चीकृत किया जाएगा। इस पर करीब 10 लाख रुपये खर्च
होगा। सीएमओ कार्यालय में एंबुलेंस को उच्चीकृत करने का टेंडर खोला गया।
सीएमओ डा. पीएन बाजपेयी ने बताया कि सांसद द्वारा मुहैया कराई गई एंबुलेंस को अब कार्डियक एंबुलेंस में तब्दील किया जाएगा। मार्च में यह उच्चीकृत एंबुलेंस जिले में दौड़ने लगेगी। एंबुलेंस देखरेख की जिम्मेदारी सीएमओ और सीएमएस की होगी। एंबुलेंस में ईसीजी मशीन, आक्सीजन, मिनी वेंटीलेटर, जीवन रक्षक औषधियां, सेक्शन मशीन, सिरंज पंप, इनवर्टर, मानीटर के अलावा एसी लगा होगा।
एंबुलेंस में एक डाक्टर, एक फार्मेसिस्ट, एक स्टाफ नर्स व टेक्नीशियन की तैनाती की जाएगी। इन्हें हृदय रोग से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। हृदय रोग से पीड़ित यदि कोई मरीज अपने घर से फोन करता है तो एंबुलेंस तत्काल मौके पर पहुंचेगी।
मरीज को एंबुलेंस में लिटाने के बाद उपचार शुरू कर दिया जाएगा। इस व्यवस्था से डाक्टरों को मरीज के उपचार देने में किसी भी तरह की दिक्कते नहीं आएंगी। साथ ही मरीज को भी बेहतर उपचार मिल सकेगा। उधर, जिले में अभी तक कार्डियक एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं थी।
र्वीआईपी के जिले में आने पर कानपुर से एंबुलेंस मंगाई जाती थी। अब जिले में अत्याधुनिक एंबुलेंस की व्यवस्था होने के बाद वीआईपी और आम नागरिक को भी सुविधा मिल सकेगी। साथ ही पड़ोसी जनपदों को भी वीआईपी के आने पर यह एंबुलेंस मुहैया कराई जाएगी।
सीएमओ डा. पीएन बाजपेयी ने बताया कि सांसद द्वारा मुहैया कराई गई एंबुलेंस को अब कार्डियक एंबुलेंस में तब्दील किया जाएगा। मार्च में यह उच्चीकृत एंबुलेंस जिले में दौड़ने लगेगी। एंबुलेंस देखरेख की जिम्मेदारी सीएमओ और सीएमएस की होगी। एंबुलेंस में ईसीजी मशीन, आक्सीजन, मिनी वेंटीलेटर, जीवन रक्षक औषधियां, सेक्शन मशीन, सिरंज पंप, इनवर्टर, मानीटर के अलावा एसी लगा होगा।
एंबुलेंस में एक डाक्टर, एक फार्मेसिस्ट, एक स्टाफ नर्स व टेक्नीशियन की तैनाती की जाएगी। इन्हें हृदय रोग से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। हृदय रोग से पीड़ित यदि कोई मरीज अपने घर से फोन करता है तो एंबुलेंस तत्काल मौके पर पहुंचेगी।
मरीज को एंबुलेंस में लिटाने के बाद उपचार शुरू कर दिया जाएगा। इस व्यवस्था से डाक्टरों को मरीज के उपचार देने में किसी भी तरह की दिक्कते नहीं आएंगी। साथ ही मरीज को भी बेहतर उपचार मिल सकेगा। उधर, जिले में अभी तक कार्डियक एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं थी।
र्वीआईपी के जिले में आने पर कानपुर से एंबुलेंस मंगाई जाती थी। अब जिले में अत्याधुनिक एंबुलेंस की व्यवस्था होने के बाद वीआईपी और आम नागरिक को भी सुविधा मिल सकेगी। साथ ही पड़ोसी जनपदों को भी वीआईपी के आने पर यह एंबुलेंस मुहैया कराई जाएगी।