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कन्नौज : शासन में अटकीं मेडिकल कालेज के आईसीयू की सांसें
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कन्नौज। तिर्वा में स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध चिकित्सालय के आईसीयू की सांसें शासन में अटकी हैं। शासन से एनस्थीसिया के चिकित्सक शिक्षकों का नियुक्ति आदेश जारी होते ही मेडिकल कॉलेज का आईसीयू नियमित रूप से संचालित होने लगेगा। अमर उजाला में प्रकाशित खबर पर मुख्यमंत्री कार्यालय से मांगे गए जवाब में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने यही लिखकर भेजा है। सधे शब्दों में कहें तो फौरी तौर पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने आईसीयू संचालित किए जाने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा में नौ बेड का आईसीयू है। इसमें वेंटिलेटर सहित अत्याधुनिक उपकरण भी हैं। पिछले लगभग नौ वर्ष में यहां महज दस मरीजों को ही भर्ती किया गया। ये 10 मरीज भी कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान भर्ती किए गए थे। आईसीयू के बंद रहने और यहां इलाज न मिलने को लेकर अमर उजाला ने नौ जुलाई के अंक में विस्तार से खबर प्रकाशित की थी। खबर को संज्ञान में लेकर मुख्यमंत्री के विशेष सचिव प्रथमेश कुमार ने डीएम राकेश मिश्र से पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्यवाई करने और इससे शासन को भी अवगत कराने के निर्देश दिए थे। इस पर डीएम ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीएस मर्तोलिया से जानकारी तलब की। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक डीएम को भेजे गए जवाब में प्राचार्य ने कहा है कि आईसीयू के लिए एनस्थीसिया के चिकित्सक की जरूरत है।
इसका चिकित्सा शिक्षक तैनात न होने के कारण आईसीयू नहीं चल पा रहा है। प्राचार्य ने यह भी बताया है कि एनस्थीसिया के चिकित्सा शिक्षकों की तैनाती संविदा पर करने की कोशिश हुई है। साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी कर चिकित्सा शिक्षकों की तैनाती के लिए प्रस्ताव महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण को भेज दिया गया है। प्राचार्य का दावा है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसकी संस्तुति करते हुए नियुक्ति आदेश जारी करने के लिए प्रस्ताव शासन में भेजा है। शासन से चिकित्सा शिक्षक मिलते ही आईसीयू सुचारु रूप से चालू हो जाएगा। प्राचार्य ने यह भी बताया कि मेडिकल कॉलेज के एनस्थीसिया विभाग में सीनियर रेजिडेंट के आठ पद सृजित हैं। इसके सापेक्ष छह की तैनाती है। यह सभी मेडिकल कॉलेज में होने वाले ऑपरेशन में सहयोग देते हैं।
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आईसीयू के लिए डॉक्टर शिक्षकों की तैनाती को चल रही प्रक्रिया
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीएस मर्तोलिया के मुताबिक चार जुलाई को आईसीयू के संचालन के लिए संविदा पर एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर और दो असिस्टेंट प्रोफेसर (एनस्थीसिया) की तैनाती के लिए साक्षात्कार हो चुके हैं। नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
एडीएम का दावा, चालू करा दिया आईसीयू
एडीएम गजेंद्र कुमार ने बताया कि मेडिकल कॉलेज तिर्वा के आईसीयू को चालू करा दिया गया है। वहां के सीएमएस को निर्देश दे दिए गए हैं कि उपलब्ध संसाधनों से ही फिलहाल आईसीयू का संचालन किया जाए। आईसीयू के लिए बाकायदा ड्यूटी भी लगाए जाने के निर्देश सीएमएस को दे दिए गए हैं।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा में नौ बेड का आईसीयू है। इसमें वेंटिलेटर सहित अत्याधुनिक उपकरण भी हैं। पिछले लगभग नौ वर्ष में यहां महज दस मरीजों को ही भर्ती किया गया। ये 10 मरीज भी कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान भर्ती किए गए थे। आईसीयू के बंद रहने और यहां इलाज न मिलने को लेकर अमर उजाला ने नौ जुलाई के अंक में विस्तार से खबर प्रकाशित की थी। खबर को संज्ञान में लेकर मुख्यमंत्री के विशेष सचिव प्रथमेश कुमार ने डीएम राकेश मिश्र से पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्यवाई करने और इससे शासन को भी अवगत कराने के निर्देश दिए थे। इस पर डीएम ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीएस मर्तोलिया से जानकारी तलब की। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक डीएम को भेजे गए जवाब में प्राचार्य ने कहा है कि आईसीयू के लिए एनस्थीसिया के चिकित्सक की जरूरत है।
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इसका चिकित्सा शिक्षक तैनात न होने के कारण आईसीयू नहीं चल पा रहा है। प्राचार्य ने यह भी बताया है कि एनस्थीसिया के चिकित्सा शिक्षकों की तैनाती संविदा पर करने की कोशिश हुई है। साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी कर चिकित्सा शिक्षकों की तैनाती के लिए प्रस्ताव महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण को भेज दिया गया है। प्राचार्य का दावा है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसकी संस्तुति करते हुए नियुक्ति आदेश जारी करने के लिए प्रस्ताव शासन में भेजा है। शासन से चिकित्सा शिक्षक मिलते ही आईसीयू सुचारु रूप से चालू हो जाएगा। प्राचार्य ने यह भी बताया कि मेडिकल कॉलेज के एनस्थीसिया विभाग में सीनियर रेजिडेंट के आठ पद सृजित हैं। इसके सापेक्ष छह की तैनाती है। यह सभी मेडिकल कॉलेज में होने वाले ऑपरेशन में सहयोग देते हैं।
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आईसीयू के लिए डॉक्टर शिक्षकों की तैनाती को चल रही प्रक्रिया
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीएस मर्तोलिया के मुताबिक चार जुलाई को आईसीयू के संचालन के लिए संविदा पर एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर और दो असिस्टेंट प्रोफेसर (एनस्थीसिया) की तैनाती के लिए साक्षात्कार हो चुके हैं। नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
एडीएम का दावा, चालू करा दिया आईसीयू
एडीएम गजेंद्र कुमार ने बताया कि मेडिकल कॉलेज तिर्वा के आईसीयू को चालू करा दिया गया है। वहां के सीएमएस को निर्देश दे दिए गए हैं कि उपलब्ध संसाधनों से ही फिलहाल आईसीयू का संचालन किया जाए। आईसीयू के लिए बाकायदा ड्यूटी भी लगाए जाने के निर्देश सीएमएस को दे दिए गए हैं।