{"_id":"633f267d89a5474d69022638","slug":"health-kannauj-kannauj-news-up-news-kannauj-news-knp721928154","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाई रिस्क प्रेगनेंसी की जांच के उपकरण ही नहीं मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाई रिस्क प्रेगनेंसी की जांच के उपकरण ही नहीं मिले
विज्ञापन
कन्नौज। गांव व कस्बों के स्वास्थ्य उप केंद्रों (एएनए सेंटर) पर गर्भवती महिलाओं व नौनिहालों का टीकाकरण होता है। गुरुवार को इसकी हकीकत जानने के लिए अतिरिक्त मजिस्ट्रेट और सीडीपीओ नजरापुर और बेहरिन स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचीं। यहां जोखिम वाली गर्भवतियों की जांचने के उपकरण नहीं मिले। साथ ही कई अन्य कमियां भी मिलीं।
डीएम शुभ्रांत शुक्ल के निर्देश पर गुरुवार को अतिरिक्त मजिस्ट्रेट गरिमा सिंह और सीडीपीओ ग्रामीण कन्नौज विजय लक्ष्मी दुबे नजरापुर स्वास्थ्य उपकेंद्र पहुंचे। यहां आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौजूदगी में टीकाकरण चल रहा था। 18 महिला व बच्चों का टीकाकरण हो गया था। बताया गया कि गंभीर खतरे वाली गर्भवतियों की जांच करने वाली किट व उपकरण न मिलने पर नाराजगी जताई गई।
प्रसव के लिए नई एएनएम को प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया है। साथ ही हेल्थ कम्यूनिटी ऑफिसर भी गैरहाजिर थे।
इसके बाद अतिरिक्त मजिस्ट्रेट बेहरिन स्वास्थ्य उप केंद्र पहुंचीं। गर्भवती महिलाओं से उन्होंने बात की। बताया गया कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वजन व अन्य मशीनें लेकर नहीं गईं हैं। निरीक्षण की पूरी रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम शुभ्रांत शुक्ल के निर्देश पर गुरुवार को अतिरिक्त मजिस्ट्रेट गरिमा सिंह और सीडीपीओ ग्रामीण कन्नौज विजय लक्ष्मी दुबे नजरापुर स्वास्थ्य उपकेंद्र पहुंचे। यहां आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौजूदगी में टीकाकरण चल रहा था। 18 महिला व बच्चों का टीकाकरण हो गया था। बताया गया कि गंभीर खतरे वाली गर्भवतियों की जांच करने वाली किट व उपकरण न मिलने पर नाराजगी जताई गई।
विज्ञापन
प्रसव के लिए नई एएनएम को प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया है। साथ ही हेल्थ कम्यूनिटी ऑफिसर भी गैरहाजिर थे।
इसके बाद अतिरिक्त मजिस्ट्रेट बेहरिन स्वास्थ्य उप केंद्र पहुंचीं। गर्भवती महिलाओं से उन्होंने बात की। बताया गया कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वजन व अन्य मशीनें लेकर नहीं गईं हैं। निरीक्षण की पूरी रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
विज्ञापन