{"_id":"6577fd74c1e31cd8320c2c06","slug":"had-gone-to-kanpur-with-the-dream-of-becoming-an-officer-died-kannauj-news-c-214-1-knj1003-6587-2023-12-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: अधिकारी बनने का सपना लेकर गया था कानपुर, मिली मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: अधिकारी बनने का सपना लेकर गया था कानपुर, मिली मौत
Tue, 12 Dec 2023 11:58 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Tue, 12 Dec 2023 11:58 AM IST
विज्ञापन
तिर्वा। अधिकारी बनने का सपना लेकर गांव से कानपुर पढ़ाई करने गए प्रदीप की हत्या उसके ही दोस्तों ने विवाद में हत्या कर दी। हत्या की खबर मिलते ही परिजनों पर दुख का पहाड़ टूट गया। आनन-फानन में परिजन कानपुर के लिए रवाना हो गए। परिजन बेटे काे अधिकारी बने देखना चाहते थे, लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था।
ठठिया थाना क्षेत्र के सिमरिया गांव निवासी शिवपाल सिंह यादव खेतीबाड़ी करते हैं। शिवपाल के दो बेटे बड़ा प्रदीप( 30) और छोटा शिवम (24) कानपुर में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। प्रदीप कानपुर के नवाबगंज मोहल्ले में किराए पर रहकर सिविल परीक्षा की तैयारी कर रहा था। वो आगे चलकर प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहता था। लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। सोमवार को प्रदीप की हत्या की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। आनन-फानन में परिजन कानपुर के लिए रवाना हो गए। मौत की खबर से गांव में सन्नाटा फैल गया। देर रात शव लेकर परिजन जैसे ही गांव पहुंचे तो आसपास क्षेत्र के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर कोई परिजनों को ढांढस बंधाते नजर आया।
अधिकारी बन पिता का नाम करना चाहता था रोशन
परिजनों ने बताया कि प्रदीप पढ़ाई में होशियार था। कानपुर में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा था। आसपास के लोग बताते हैं कि जब भी घर आता तो बस यही कहता था कि जल्द ही परीक्षा पास कर लूंगा और अधिकारी बन आसपास क्षेत्र समेत गांव व पिता का नाम रोशन करूंगा। यही सब बातों को याद कर लोगों के आंसू निकल आ रहे थे। प्रदीप की निर्मम हत्या से गांव के लोगों में आक्रोश है। हर कोई हत्यारों पर कार्रवाई की बात कह रहा है।
विज्ञापन
दीपावली पर आया था घर, उसके बाद बुझ घर का चिराग
परिजनों ने बताया कि दीपावली पर प्रदीप घर आया था और भाईदूज के बाद कानपुर चला गया था। प्रदीप ने सर्दियों में आने की बात कही थी, किसी को क्या पता था कि 25 दिन बाद उसकी हत्या का समाचार मिलेगा। घटना के बाद से परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उनकी हालत देखकर गांव के लोगों की भी आंखें नम हैं।
विज्ञापन
ठठिया थाना क्षेत्र के सिमरिया गांव निवासी शिवपाल सिंह यादव खेतीबाड़ी करते हैं। शिवपाल के दो बेटे बड़ा प्रदीप( 30) और छोटा शिवम (24) कानपुर में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। प्रदीप कानपुर के नवाबगंज मोहल्ले में किराए पर रहकर सिविल परीक्षा की तैयारी कर रहा था। वो आगे चलकर प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहता था। लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। सोमवार को प्रदीप की हत्या की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। आनन-फानन में परिजन कानपुर के लिए रवाना हो गए। मौत की खबर से गांव में सन्नाटा फैल गया। देर रात शव लेकर परिजन जैसे ही गांव पहुंचे तो आसपास क्षेत्र के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर कोई परिजनों को ढांढस बंधाते नजर आया।
विज्ञापन
अधिकारी बन पिता का नाम करना चाहता था रोशन
परिजनों ने बताया कि प्रदीप पढ़ाई में होशियार था। कानपुर में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा था। आसपास के लोग बताते हैं कि जब भी घर आता तो बस यही कहता था कि जल्द ही परीक्षा पास कर लूंगा और अधिकारी बन आसपास क्षेत्र समेत गांव व पिता का नाम रोशन करूंगा। यही सब बातों को याद कर लोगों के आंसू निकल आ रहे थे। प्रदीप की निर्मम हत्या से गांव के लोगों में आक्रोश है। हर कोई हत्यारों पर कार्रवाई की बात कह रहा है।
विज्ञापन
दीपावली पर आया था घर, उसके बाद बुझ घर का चिराग
परिजनों ने बताया कि दीपावली पर प्रदीप घर आया था और भाईदूज के बाद कानपुर चला गया था। प्रदीप ने सर्दियों में आने की बात कही थी, किसी को क्या पता था कि 25 दिन बाद उसकी हत्या का समाचार मिलेगा। घटना के बाद से परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उनकी हालत देखकर गांव के लोगों की भी आंखें नम हैं।