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गर्भपात रोकने के लिए बछिया खोजने में जुटा विभाग, पांच से नौ माह की बछियों को लगेंगे टीके
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तिर्वा(कन्नौज)। गोवंशों में गर्भपात रोकने के लिए पशु पालन विभाग बछियों में टीकाकरण कराएगा। इसके लिए महकमे ने बछियों को खोजना शुरू कर दिया है। इन्हें चिह्नित करने के बाद टीकाकरण किया जाएगा।
गोवंशों में ब्रूसेल्लोसिस बीमारी से गर्भपात हो जाता है। इससे पशु पालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पशुपालकों के सामने दूध की समस्या हो जाती है। यह ऐसे गोवंशों को पालने से कतराने लगते हैं। पशु पालकों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए महकमा बछियों में टीकाकरण कराएगा।
डिप्टी सीवीओ डॉ. संजय शाल्या ने बताया कि गोवंशों में गर्भपात की समस्या दूर करने के लिए छह माह की बछियों को टीके लगाए जाएंगे। इसके बाद इनके गर्भधारण करने पर गर्भपात नहीं होगा। दूध की क्षमता भी बढ़ेगी। पशुपालक इन्हें खुले में भी नहीं छोड़ेंगे। गांवों में अभियान चलाकर बछियों को तलाश किया जा रहा है। टीकाकरण के बाद छह से नौ माह के बीच होने वाला गर्भपात नहीं होगा।
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गोवंशों में ब्रूसेल्लोसिस बीमारी से गर्भपात हो जाता है। इससे पशु पालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पशुपालकों के सामने दूध की समस्या हो जाती है। यह ऐसे गोवंशों को पालने से कतराने लगते हैं। पशु पालकों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए महकमा बछियों में टीकाकरण कराएगा।
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डिप्टी सीवीओ डॉ. संजय शाल्या ने बताया कि गोवंशों में गर्भपात की समस्या दूर करने के लिए छह माह की बछियों को टीके लगाए जाएंगे। इसके बाद इनके गर्भधारण करने पर गर्भपात नहीं होगा। दूध की क्षमता भी बढ़ेगी। पशुपालक इन्हें खुले में भी नहीं छोड़ेंगे। गांवों में अभियान चलाकर बछियों को तलाश किया जा रहा है। टीकाकरण के बाद छह से नौ माह के बीच होने वाला गर्भपात नहीं होगा।
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