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Kannauj News: खतरे के निशान से महज 43 सेंटीमीटर नीचे गंगा
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जलस्तर बढ़ने से डूब रहे गंगा के किनारे खड़े पेड़।
- फोटो : जलस्तर बढ़ने से डूब रहे गंगा के किनारे खड़े पेड़।
कन्नौज। दिनों दिन बढ़ रहा गंगा का जलस्तर अब खतरे के निशान से महज 43 सेंटीमीटर नीचे रह गया है। मंगलवार को कटान का दायरा बढ़ने से कटरी क्षेत्र के गांवों का हाल बेहाल है। उधर, उफना रही काली नदी ने भी कटरी के लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। लोग सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन कर रहे हैं।
नरौरा बांध से लगातार छोड़े जा रहे पानी से गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को 2.67 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था और जलस्तर 125.340 मीटर था। दिन में 2.60 लाख क्यूसेक पानी और छोड़ दिया गया और जलस्तर बढ़कर 125.540 मीटर पर पहुंच गया। इससे गंगा नदी व काली नदी में उफान आ गया। एक ही दिन में जलस्तर 20 सेंटीमीटर तक बढ़ गया है। तेजी से जलस्तर बढ़ने से कटरी क्षेत्र के गांव मेहंदीपुर, कटरी गंगपुर, महमूदपुर बीजा, गुमटिया, चौरा चांदपुर, सलेमपुर तारा बांगर, चौधरियापुर बांगर, जुकइया आदि गांवाें में कटान तेजी से होने लगा है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं और सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन कर रहे हैं।
मवेशियों का हाल खराब
कटरी इलाके में बाढ़ जैसे हालात होने के कारण लोग अपनी जान बचाने में जुटे हैं। ऐसे में मवेशियों का हाल बेहाल है। मवेशियों के लिए चारा, पानी व सुरक्षित स्थान की व्यवस्था न होने से परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण मवेशियों काे खुला छोड़ने के लिए विवश हैं।
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लकड़ी के लट्ठे नाकाफी
कटान रोकने के लिए लगाए गए लकड़ी के लट्ठे नाकाफी साबित हो रहे हैं। तेज बहाव के कारण लकड़ी के लट्ठे कटान नहीं रोक पा रहे हैं। यही वजह है कि गंगा व काली नदी के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। कई गांवों में पानी घुस गया है और कई घर तबाह हो चुके हैं।
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बाढ़ प्रभावितों का विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाए
मंगलवार को अपर जिलाधिकारी आशीष कुमार सिंह ने कटरी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर हालातों का जायजा लिया। उन्होनें कहा कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार का नाम, पता एवं संपर्क नंबर विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाए, ताकि आगामी दिनों में यदि बाढ का प्रभाव बढता है तो सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने बीमार ,वृद्ध, महिलाएं, गर्भवती महिलाएं तथा बच्चों वाले परिवारों को प्राथमिकता दिए जाने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान सदर तहसीलदार अभिनव वर्मा, जिला आपदा विशेषज्ञ जयलक्ष्मी पांडेय सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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नरौरा बांध से लगातार छोड़े जा रहे पानी से गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को 2.67 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था और जलस्तर 125.340 मीटर था। दिन में 2.60 लाख क्यूसेक पानी और छोड़ दिया गया और जलस्तर बढ़कर 125.540 मीटर पर पहुंच गया। इससे गंगा नदी व काली नदी में उफान आ गया। एक ही दिन में जलस्तर 20 सेंटीमीटर तक बढ़ गया है। तेजी से जलस्तर बढ़ने से कटरी क्षेत्र के गांव मेहंदीपुर, कटरी गंगपुर, महमूदपुर बीजा, गुमटिया, चौरा चांदपुर, सलेमपुर तारा बांगर, चौधरियापुर बांगर, जुकइया आदि गांवाें में कटान तेजी से होने लगा है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं और सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन कर रहे हैं।
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मवेशियों का हाल खराब
कटरी इलाके में बाढ़ जैसे हालात होने के कारण लोग अपनी जान बचाने में जुटे हैं। ऐसे में मवेशियों का हाल बेहाल है। मवेशियों के लिए चारा, पानी व सुरक्षित स्थान की व्यवस्था न होने से परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण मवेशियों काे खुला छोड़ने के लिए विवश हैं।
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लकड़ी के लट्ठे नाकाफी
कटान रोकने के लिए लगाए गए लकड़ी के लट्ठे नाकाफी साबित हो रहे हैं। तेज बहाव के कारण लकड़ी के लट्ठे कटान नहीं रोक पा रहे हैं। यही वजह है कि गंगा व काली नदी के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। कई गांवों में पानी घुस गया है और कई घर तबाह हो चुके हैं।
बाढ़ प्रभावितों का विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाए
मंगलवार को अपर जिलाधिकारी आशीष कुमार सिंह ने कटरी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर हालातों का जायजा लिया। उन्होनें कहा कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार का नाम, पता एवं संपर्क नंबर विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाए, ताकि आगामी दिनों में यदि बाढ का प्रभाव बढता है तो सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने बीमार ,वृद्ध, महिलाएं, गर्भवती महिलाएं तथा बच्चों वाले परिवारों को प्राथमिकता दिए जाने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान सदर तहसीलदार अभिनव वर्मा, जिला आपदा विशेषज्ञ जयलक्ष्मी पांडेय सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।