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Kannauj News: गैंगस्टर एक्ट में गिरोह के सरगना को साढ़े सात साल की कैद
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कन्नौज। पांच भाइयों का गिरोह बनाकर वारदात को अंजाम देने वाले सरगना को अदालत ने दोषी करार देते हुए साढ़े सात साल कैद की सुनाई है।
इस गिरोह पर गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र में हत्या समेत कई वारदात को अंजाम देने का आरोप है। अदालत ने गिरोह के सरगना को गैंगस्टर एक्त के तहत कैद की सजा सुनाते हुए पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वह इन दिनों जमानत पर था, सजा के ऐलान के बाद उसे जिला जेल भेज दिया गया।
गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र में पांच भाइयों के गिरोह की काफी दहशत है। शासकीय अधिवक्ता संतकुमार दुबे ने बताया कि गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नैनापुर निवासी रामनिवास ने 30 जून 2012 को हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। उसने महेंद्र सिंह के घर में घुसकर उसके बेटे रजनीश की गोली मारकर हत्या की थी। उसने भाइयों जयवीर, सुनील, अनिल व जगदीश के साथ मिलकर गिरोह बना रखा था।
इस गिरोह ने हत्या समेत कई संगीन वारदातों को अंजाम दिया था। 30 जून 2012 को हत्या करने के दो साल बाद 28 जुलाई 2014 को गुरसहायगंज कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने रामनिवास पर गैंगस्टर एक्ट तहत कार्रवाई की थी। गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई के एक सप्ताह बाद चार अगस्त को रामनिवास को गिरफ्तार किया गया था। एक साल बाद 19 अगस्त 2015 को पुलिस ने गैंग चार्ट भी बनाया था। गिरफ्तारी के डेढ़ साल बाद पुलिस ने दो जनवरी 2016 को रामनिवास के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। गैंगस्टर के तहत दर्ज मुकदमे में पांच गवाह पेश हुए।
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इसी मामले की सुनवाई के बाद गुरुवार को गैंगस्टर एक्ट अदालत के विशेष न्यायाधीश हरेंद्रनाथ ने पांच भाई गिरोह के रामनिवास को दोषी करार दिया। गैंगस्टर एक्ट के तहत उसे साढ़े सात साल की कैद व पांच हजार रुपये का जुर्माना सुनाया गया। वह पिछले दो साल से जमानत पर था। 11 जनवरी 2022 को जमानत मिल गई थी। सजा सुनाए जाने के दौरान वह अदालत में मौजूद था। दोषी करार दिए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में लेकर जिला जेल भेज दिया गया। शासकीय अधिवक्ता के मुताबिब जेल में बिताई गई अवधि को भी सजा में शामिल किया जाएगा।
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इस गिरोह पर गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र में हत्या समेत कई वारदात को अंजाम देने का आरोप है। अदालत ने गिरोह के सरगना को गैंगस्टर एक्त के तहत कैद की सजा सुनाते हुए पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वह इन दिनों जमानत पर था, सजा के ऐलान के बाद उसे जिला जेल भेज दिया गया।
गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र में पांच भाइयों के गिरोह की काफी दहशत है। शासकीय अधिवक्ता संतकुमार दुबे ने बताया कि गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नैनापुर निवासी रामनिवास ने 30 जून 2012 को हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। उसने महेंद्र सिंह के घर में घुसकर उसके बेटे रजनीश की गोली मारकर हत्या की थी। उसने भाइयों जयवीर, सुनील, अनिल व जगदीश के साथ मिलकर गिरोह बना रखा था।
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इस गिरोह ने हत्या समेत कई संगीन वारदातों को अंजाम दिया था। 30 जून 2012 को हत्या करने के दो साल बाद 28 जुलाई 2014 को गुरसहायगंज कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने रामनिवास पर गैंगस्टर एक्ट तहत कार्रवाई की थी। गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई के एक सप्ताह बाद चार अगस्त को रामनिवास को गिरफ्तार किया गया था। एक साल बाद 19 अगस्त 2015 को पुलिस ने गैंग चार्ट भी बनाया था। गिरफ्तारी के डेढ़ साल बाद पुलिस ने दो जनवरी 2016 को रामनिवास के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। गैंगस्टर के तहत दर्ज मुकदमे में पांच गवाह पेश हुए।
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इसी मामले की सुनवाई के बाद गुरुवार को गैंगस्टर एक्ट अदालत के विशेष न्यायाधीश हरेंद्रनाथ ने पांच भाई गिरोह के रामनिवास को दोषी करार दिया। गैंगस्टर एक्ट के तहत उसे साढ़े सात साल की कैद व पांच हजार रुपये का जुर्माना सुनाया गया। वह पिछले दो साल से जमानत पर था। 11 जनवरी 2022 को जमानत मिल गई थी। सजा सुनाए जाने के दौरान वह अदालत में मौजूद था। दोषी करार दिए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में लेकर जिला जेल भेज दिया गया। शासकीय अधिवक्ता के मुताबिब जेल में बिताई गई अवधि को भी सजा में शामिल किया जाएगा।