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दोपहर में धूप और सुबह-शाम गलन
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सर्दी में बच्चे के साथ जाती महिला। संवाद
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। तीन दिन बाद पारा सात से एक डिग्री बढ़कर आठ पर पहुंचा है। वहीं सर्द हवाएं चलने से तेज धूप के बावजूद लोगों को सर्दी से निजात नहीं मिली। गलन बरकरार है।
शनिवार सुबह से ठंडी हवाएं चलने लगीं। इसके चलते सुबह मौसम में गलन रही। सुबह 11 बजे बादलों के बीच से हल्की धूप दिखाई दी। इससे दोपहर में बाजार में चहल-पहल बढ़ गई। अधिकतम तापमान 17.4 और न्यूनतम 8.2 डिग्री सेल्सियस रहा। तेज धूप के बाद भी गलन बनी रही। सर्दी से पूरे दिन शहरवासी परेशान रहे। मवेशी अलाव देखकर उसके पास खड़े होने की कोशिश करते रहे। शाम के बाद सर्द हवाओं से ठिठुरन का अहसास होने लगा। सुबह-शाम की गलन से बचाव के लिए लोगों को अलाव, अंगीठी, हीटर आदि का सहारा लेना पड़ा।
प्रदर्शनी में बढ़ गई रौनक
तीन दिन तक पारा सात डिग्री पर रहने से लोगों ने बाहर निकलने से परहेज किया। इससे एसबीएस डिग्री कालेज के खेल मैदान में लगी प्रदर्शनी में भीड़ नजर नहीं आई। शनिवार को मौसम ठीक होने से लोग घरों से निकले। दिन और रात में दर्शकों, खरीदारों की भीड़ से दुकानदारों के चेहरे खिले रहे।
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तिर्वा। सर्दी बढ़ने केे साथ राजकीय मेडिकल कालेज की ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। इनमें दमा, खांसी, जुकाम, डायरिया और निमोनिया के मरीजों की संख्या ज्यादा है। मेडिकल कालेज में तैनात डॉ. राजीव शाक्य (एमडी) ने बताया कि सर्दी का मौसम दमा के मरीजों के खासा तकलीफदेह होता है। इसके साथ ही हृदय रोगियों को भी इस मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है। सर्दियों में रक्त वाहिनियां सिकुड़ जाती हैं। इसका असर हृदय को खून पहुंचाने वाली धमनियों पर पड़ता है। इससे इस मौसम में हार्टअटैक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में दमा व हृदय के रोगियों को सावधानी बरतनी चाहिए। बुजुर्गों को सर्दी में निकलने से बचना चाहिए। ऐसे रोगी शरीर को धूल और धुएं से दूर रखें। पूरे शरीर को गर्म कपड़ों से ढककर रखें। दमा के रोगी अपने पास हमेशा इनहेलर रखें।
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शनिवार सुबह से ठंडी हवाएं चलने लगीं। इसके चलते सुबह मौसम में गलन रही। सुबह 11 बजे बादलों के बीच से हल्की धूप दिखाई दी। इससे दोपहर में बाजार में चहल-पहल बढ़ गई। अधिकतम तापमान 17.4 और न्यूनतम 8.2 डिग्री सेल्सियस रहा। तेज धूप के बाद भी गलन बनी रही। सर्दी से पूरे दिन शहरवासी परेशान रहे। मवेशी अलाव देखकर उसके पास खड़े होने की कोशिश करते रहे। शाम के बाद सर्द हवाओं से ठिठुरन का अहसास होने लगा। सुबह-शाम की गलन से बचाव के लिए लोगों को अलाव, अंगीठी, हीटर आदि का सहारा लेना पड़ा।
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प्रदर्शनी में बढ़ गई रौनक
तीन दिन तक पारा सात डिग्री पर रहने से लोगों ने बाहर निकलने से परहेज किया। इससे एसबीएस डिग्री कालेज के खेल मैदान में लगी प्रदर्शनी में भीड़ नजर नहीं आई। शनिवार को मौसम ठीक होने से लोग घरों से निकले। दिन और रात में दर्शकों, खरीदारों की भीड़ से दुकानदारों के चेहरे खिले रहे।
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तिर्वा। सर्दी बढ़ने केे साथ राजकीय मेडिकल कालेज की ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। इनमें दमा, खांसी, जुकाम, डायरिया और निमोनिया के मरीजों की संख्या ज्यादा है। मेडिकल कालेज में तैनात डॉ. राजीव शाक्य (एमडी) ने बताया कि सर्दी का मौसम दमा के मरीजों के खासा तकलीफदेह होता है। इसके साथ ही हृदय रोगियों को भी इस मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है। सर्दियों में रक्त वाहिनियां सिकुड़ जाती हैं। इसका असर हृदय को खून पहुंचाने वाली धमनियों पर पड़ता है। इससे इस मौसम में हार्टअटैक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में दमा व हृदय के रोगियों को सावधानी बरतनी चाहिए। बुजुर्गों को सर्दी में निकलने से बचना चाहिए। ऐसे रोगी शरीर को धूल और धुएं से दूर रखें। पूरे शरीर को गर्म कपड़ों से ढककर रखें। दमा के रोगी अपने पास हमेशा इनहेलर रखें।