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Kannauj News: फसल क्षतिग्रस्त होने से नहीं लगा कुछ हाथ, सदमें से किसान मौत
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भरुआ सुमेरपुर। क्षेत्र के बांकी गांव में ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त फसल की कटाई करने के दौरान जब कुछ भी नहीं निकला तो किसान की हालत बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए कस्बे में लाएं और हालत में सुधार होने पर घर ले गए। घर पहुंचने पर किसान ने दम तोड़ दिया।
बांकी गांव निवासी रामकरण ने बताया कि पिता रामसजीवन साहू के पास पांच बीघा कृषि योग्य भूमि थी। इसमें उन्होंने मटर व गेहूं की फसल बो रखी थी। 20 फरवरी को हुई ओलावृष्टि में सब कुछ तबाह हो गया। इसके बाद पिता ने क्षतिग्रस्त मटर की फसल एकत्र करके कतराने का निर्णय लिया। जब फसल कतराने में भूसे के अलावा कुछ नहीं निकला। तब यह देखकर उनकी हालत बिगड़ गई।
बताया कि वह अपने भाई शिवचरण के साथ इलाज के लिए कस्बा गए और उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर घर वापस आ गए। घर पहुंचने पर उन्होंने दम तोड़ दिया। अचानक हुई इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। बड़े बेटे रामकरण ने बताया कि पिता खेती-बाड़ी के साथ गांव में छोटी सी परचून की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिजनों ने बगैर पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया।
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बांकी गांव निवासी रामकरण ने बताया कि पिता रामसजीवन साहू के पास पांच बीघा कृषि योग्य भूमि थी। इसमें उन्होंने मटर व गेहूं की फसल बो रखी थी। 20 फरवरी को हुई ओलावृष्टि में सब कुछ तबाह हो गया। इसके बाद पिता ने क्षतिग्रस्त मटर की फसल एकत्र करके कतराने का निर्णय लिया। जब फसल कतराने में भूसे के अलावा कुछ नहीं निकला। तब यह देखकर उनकी हालत बिगड़ गई।
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बताया कि वह अपने भाई शिवचरण के साथ इलाज के लिए कस्बा गए और उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर घर वापस आ गए। घर पहुंचने पर उन्होंने दम तोड़ दिया। अचानक हुई इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। बड़े बेटे रामकरण ने बताया कि पिता खेती-बाड़ी के साथ गांव में छोटी सी परचून की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिजनों ने बगैर पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया।
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