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Kannauj News: नेपाल की तबाही में लापता इंजीनियर, परिवार की बढ़ी चिंता
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छिबरामऊ (कन्नौज)। नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ में हाइड्रो पाॅवर प्रोजेक्ट में कार्य कर रहे कल्यानपुर गांव का इंजीनियर भी लापता है। चार दिन से बेटे की जानकारी न मिलने पर शनिवार को परिवार की चिंता बढ़ गई है। परिजन बेटे के सकुशल आने की दुआ कर रहे है।
नेपाल के दुर्गम पहाड़ों में आई प्राकृतिक आपदा के बीच छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के कल्यानपुर गांव का एक होनहार इंजीनियर लापता हो गया है। त्रिशूली अपर हाइड्रो पाॅवर प्रोजेक्ट में कार्यरत 31 वर्षीय हिमांशु शाक्य का 26 अगस्त से परिजन से संपर्क नहीं हो सका है। हिमांशु जिस इलाके में तैनात हैं वहां बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। चार दिन से बेटे की खबर न मिलने से पैतृक गांव से लेकर भोपाल तक परिजन की सांसें अटकी हुई हैं।
भाई दीपांशु के अनुसार, जिस जगह हिमांशु की तैनाती है, वहां इस समय बाढ़ और भूस्खलन का विकराल रूप देखने को मिल रहा है। मोबाइल बंद होने और लगातार प्रयास के बाद भी संपर्क न हो पाने पर परिजन को अनहोनी का डर सताने लगा है। हिमांशु के माता-पिता वर्तमान में भोपाल में बड़े बेटे दीपांशु के पास रह रहे हैं।
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रोज होती थी माता-पिता से बात
कल्यानपुर निवासी अतर सिंह शाक्य के छोटे पुत्र हिमांशु शाक्य नेपाल के जिला रसुआ स्थित त्रिशूली अपर हाइड्रो पाॅवर प्रोजेक्ट में सिविल इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। हिमांशु 20 जुलाई को ही गांव कल्यानपुर से ड्यूटी पर नेपाल लौटे थे। परिजनों के मुताबिक, हिमांशु की दिनचर्या में माता-पिता से मोबाइल पर बात करना शामिल था। अहमदाबाद में टर्नर एंड टाउनसेंड कंपनी में सहायक प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत उनके बड़े भाई दीपांशु शाक्य ने बताया कि 26 अगस्त की सुबह हिमांशु ने पिता अतर सिंह से मोबाइल पर बात की थी। उस वक्त सब कुछ सामान्य था, लेकिन उसी दिन दोपहर के बाद से उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ है।
गांव में टीवी और सोशल मीडिया पर टिकीं निगाहें
उधर, हिमांशु के पैतृक गांव कल्यानपुर में भी माहौल बेहद गमगीन है। गांव में मौजूद हिमांशु के ताऊ अमर सिंह और चाचा अजीत सिंह पल-पल की जानकारी जुटाने में लगे हैं। परिजन सुबह से शाम तक टीवी समाचार चैनलों, समाचार पत्रों की वेबसाइट्स और सोशल मीडिया पर नेपाल के हालात की अपडेट खंगाल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हिमांशु बेहद सीधा और होनहार युवक है। पूरा गांव ईश्वर से उसकी सकुशल वापसी की प्रार्थना कर रहा है। परिजनों ने स्थानीय प्रशासन से भी नेपाल सरकार के संपर्क में रहकर हिमांशु की खोजबीन कराने की गुहार लगाई है।
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नेपाल के दुर्गम पहाड़ों में आई प्राकृतिक आपदा के बीच छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के कल्यानपुर गांव का एक होनहार इंजीनियर लापता हो गया है। त्रिशूली अपर हाइड्रो पाॅवर प्रोजेक्ट में कार्यरत 31 वर्षीय हिमांशु शाक्य का 26 अगस्त से परिजन से संपर्क नहीं हो सका है। हिमांशु जिस इलाके में तैनात हैं वहां बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। चार दिन से बेटे की खबर न मिलने से पैतृक गांव से लेकर भोपाल तक परिजन की सांसें अटकी हुई हैं।
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भाई दीपांशु के अनुसार, जिस जगह हिमांशु की तैनाती है, वहां इस समय बाढ़ और भूस्खलन का विकराल रूप देखने को मिल रहा है। मोबाइल बंद होने और लगातार प्रयास के बाद भी संपर्क न हो पाने पर परिजन को अनहोनी का डर सताने लगा है। हिमांशु के माता-पिता वर्तमान में भोपाल में बड़े बेटे दीपांशु के पास रह रहे हैं।
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रोज होती थी माता-पिता से बात
कल्यानपुर निवासी अतर सिंह शाक्य के छोटे पुत्र हिमांशु शाक्य नेपाल के जिला रसुआ स्थित त्रिशूली अपर हाइड्रो पाॅवर प्रोजेक्ट में सिविल इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। हिमांशु 20 जुलाई को ही गांव कल्यानपुर से ड्यूटी पर नेपाल लौटे थे। परिजनों के मुताबिक, हिमांशु की दिनचर्या में माता-पिता से मोबाइल पर बात करना शामिल था। अहमदाबाद में टर्नर एंड टाउनसेंड कंपनी में सहायक प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत उनके बड़े भाई दीपांशु शाक्य ने बताया कि 26 अगस्त की सुबह हिमांशु ने पिता अतर सिंह से मोबाइल पर बात की थी। उस वक्त सब कुछ सामान्य था, लेकिन उसी दिन दोपहर के बाद से उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ है।
गांव में टीवी और सोशल मीडिया पर टिकीं निगाहें
उधर, हिमांशु के पैतृक गांव कल्यानपुर में भी माहौल बेहद गमगीन है। गांव में मौजूद हिमांशु के ताऊ अमर सिंह और चाचा अजीत सिंह पल-पल की जानकारी जुटाने में लगे हैं। परिजन सुबह से शाम तक टीवी समाचार चैनलों, समाचार पत्रों की वेबसाइट्स और सोशल मीडिया पर नेपाल के हालात की अपडेट खंगाल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हिमांशु बेहद सीधा और होनहार युवक है। पूरा गांव ईश्वर से उसकी सकुशल वापसी की प्रार्थना कर रहा है। परिजनों ने स्थानीय प्रशासन से भी नेपाल सरकार के संपर्क में रहकर हिमांशु की खोजबीन कराने की गुहार लगाई है।