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एक साथ तोड़ा दम, पास जलीं दोस्तों की चिताएं
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कन्नौज। हादसे में एक साथ दम तोड़ने वाले चिकित्सक और उनके दोस्त की एक साथ चिता चली। घर के दरवाजों से लेकर गंगा घाट तक दोस्ती की चर्चा कर लोगों की आंखें नम होती रहीं।
शहर के कुतलूपुर मकरंदनगर निवासी 65 वर्षीय डॉ. प्रताप नरायन वर्मा की मकरंदनगर के खालेपुर्वा में रहने वाले 67 वर्षीय राम शंकर यादव से गहरी मित्रता थी। रविवार रात करीब 10 बजे दोनों लोग चाय पीकर स्कूटी से लौट रहे थे। इस दौरान मकरंदनगर में जीटी रोड पर डीसीएम ने टक्कर मार दी। दोनों दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई थी। सोमवार को शहर के महादेवी गंगा घाट पर परिजनों ने दोनों दोस्तों को अंतिम विदाई दी गई। खाक में सुपुर्द होते दोस्तों को देखकर करीबियों की आंखें नम हो गईं। हर कोई इनकी दोस्ती की चर्चाएं कर रहा था। डॉ. प्रताप नरायन के भाई डॉ. राज नरायन वर्मा ने बताया कि भाई की राम शंकर यादव से अच्छी दोस्ती थी। कोई भी मौसम हो, दोनों लोग रात को एक साथ चाय पीने जाते थे। वहीं डॉ. प्रताप नरायन के बेटे मोहित वर्मा ने डीसीएम चालक के खिलाफ हादसे की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जान जोखिम में डालकर दोस्त की बचाई थी जान
डॉ. प्रताप नरायन वर्मा और राम शंकर यादव ने एक साथ शिक्षा ली थी। डॉ. प्रताप नरायन का शहर के संवेदनशील इलाके राजश्री टाकीज के पास क्लीनिक है। पांच जुलाई 2015 को शहर में क्लीनिक के पास हिंसा हो गई थी। डॉ. प्रताप नरायन वर्मा अंदर से क्लीनिक बंद कर सुरक्षित बैठ गए थे। दंगे की जानकारी मिलते ही राम शंकर यादव अपने दोस्तों के साथ खेतों के रास्ते क्लीनिक पहुंचे। यह दोस्त को घर तक छोड़ने गए थे।
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शहर के कुतलूपुर मकरंदनगर निवासी 65 वर्षीय डॉ. प्रताप नरायन वर्मा की मकरंदनगर के खालेपुर्वा में रहने वाले 67 वर्षीय राम शंकर यादव से गहरी मित्रता थी। रविवार रात करीब 10 बजे दोनों लोग चाय पीकर स्कूटी से लौट रहे थे। इस दौरान मकरंदनगर में जीटी रोड पर डीसीएम ने टक्कर मार दी। दोनों दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई थी। सोमवार को शहर के महादेवी गंगा घाट पर परिजनों ने दोनों दोस्तों को अंतिम विदाई दी गई। खाक में सुपुर्द होते दोस्तों को देखकर करीबियों की आंखें नम हो गईं। हर कोई इनकी दोस्ती की चर्चाएं कर रहा था। डॉ. प्रताप नरायन के भाई डॉ. राज नरायन वर्मा ने बताया कि भाई की राम शंकर यादव से अच्छी दोस्ती थी। कोई भी मौसम हो, दोनों लोग रात को एक साथ चाय पीने जाते थे। वहीं डॉ. प्रताप नरायन के बेटे मोहित वर्मा ने डीसीएम चालक के खिलाफ हादसे की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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जान जोखिम में डालकर दोस्त की बचाई थी जान
डॉ. प्रताप नरायन वर्मा और राम शंकर यादव ने एक साथ शिक्षा ली थी। डॉ. प्रताप नरायन का शहर के संवेदनशील इलाके राजश्री टाकीज के पास क्लीनिक है। पांच जुलाई 2015 को शहर में क्लीनिक के पास हिंसा हो गई थी। डॉ. प्रताप नरायन वर्मा अंदर से क्लीनिक बंद कर सुरक्षित बैठ गए थे। दंगे की जानकारी मिलते ही राम शंकर यादव अपने दोस्तों के साथ खेतों के रास्ते क्लीनिक पहुंचे। यह दोस्त को घर तक छोड़ने गए थे।
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