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बिना ड्यूटी डेढ़ माह का वेतन पाएंगे टीचर

Thu, 20 Oct 2016 10:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज Updated Thu, 20 Oct 2016 10:47 PM IST
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Duty half months without a teacher's salary will
पढ़ाने का तरीका रोचक बनाने को दिया प्रशिक्षण - फोटो : Logo

अंतर्जनपदीय स्थानांतरित होकर जिले में आए टीचरों ने डेढ़ महीने तक फरमाया है। इस दौरान वह शिक्षण कार्य से पूरी तरह आजाद रहे। टीचरों की हाजिरी के लिए बीएसए कार्यालय में रजिस्टर बनाया गया था, जिसमें उनको हाजिरी लगानी थी, लेकिन इस रजिस्टर में भी गोलमाल चलता रहा। सरकार को स्थानांतरित होकर आए 123 टीचरों को आराम फरमाने का 73 लाख 78 हजार 155 रुपये भुगतान करना पड़ेगा। बेसिक शिक्षाधिकारी ने कहा कि टीचरों के पदस्थापन के लिए बेसिक शिक्षा सचिव से मंजूरी ली गई थी। अगस्त व अक्तूबर में कई त्योहार पड़ने के कारण कार्यालयों में अवकाश रहा है। जिस कारण मंजूरी मिलने में देरी हुई है।

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    जिले में अगस्त में करीब 123 अंतर्जनपदीय शिक्षक स्थानांतरित होकर कन्नौज आए। टीचरों ने 29 अगस्त से लेकर आठ सितंबर तक अपनी ज्वाइनिंग दर्ज कराई है। इन टीचरों का अभी तक विद्यालयों में पदस्थापन की प्रक्रिया लंबित थी। गुरुवार को महिला व विकलांग टीचरों की काउंसलिंग कराई गई। लेटलतीफी का नतीजा यह रहा कि करीब डेढ़ माह का लंबा समय गुजर गया।
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इस दौरान टीचरों ने महज बीएसए कार्यालय पहुंचकर रजिस्टर पर अपने हस्ताक्षर किए। इसमें बड़ी संख्या में शिक्षक ऐसे रहे जो कि प्रतिदिन बीएसए कार्यालय में हस्ताक्षर करने के लिए नहीं आए। टीचरों को बीएसए ने निर्देश जारी किए थे कि वह नगर क्षेत्र के विद्यालयों में रहकर शिक्षण कार्य कर सकते हैं, लेकिन यह आदेश प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो सका।
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नतीजा यह रहा कि एक शिक्षक को सरकार को घर बैठने का लगभग 1333 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान करना पड़ेगा। जबकि कन्नौज में स्थानांतरित होकर आए टीचरों की संख्या के हिसाब से डेढ़ माह का 73 लाख 78 हजार155 रुपये का भुगतान बन रहा है। बीएसए अखंड प्रताप सिंह का कहना है कि टीचरों ने बीएसए कार्यालय पहुंचकर हस्ताक्षर किए हैं। पदस्थापन प्रक्रिया आदेश मिलने की मंजूरी की वजह से लेट हुई है। साथ ही दूसरे कई जिले अभी भी ऐसे हैं, जहां पर अंतर्जनपदीय टीचरों का पदस्थापन नहीं हो सका है।

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