{"_id":"5dd434ca8ebc3e55003c1c83","slug":"drying-of-river-ishan-increased-irrigation-crisis-kannauj-news-knp5268907108","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईशन नदी सूखने से सिंचाई का संकट बढ़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईशन नदी सूखने से सिंचाई का संकट बढ़ा
विज्ञापन
ईशन नदी का हाल, अब नहीं बचा है पानी।
- फोटो : KANNAUJ
तालग्राम(कन्नौज)। जिले की बड़ी नदियों में शुमार ईशन नदी सूखने की कगार पर पहुंच गई है। इससे तटवर्ती क्षेत्रों में सिंचाई का संकट शुरू हो गया है। नदी में कई जगह ही थोड़ा पानी रह गया है।
मैनपुरी जिले से निकलकर छिबरामऊ, तिर्वा, कन्नौज तहसील क्षेत्रों से गुजरती हुई कानपुर देहात में गंगा घाट पर मिलने वाली ईशन नदी में पहले खूब पानी रहता था। आसपास के गांवों में सिंचाई की समस्या नहीं थी। कभी-कभी तरया रामनगर तट बंध की निचली गंग नहर से पानी छोड़ दिया जाता था। अब पानी कम हो गया है। पानी सूखने से किसान चिंतित हैं। जल जीव व पशु पक्षी भी परेशान हैं।
क्षेत्र के बेटहा, उमरापुर, हंसनापुर, चटोरापुर, बरई, सुताह खजुरिया, लालसहायपुर्वा, सकरवारा, ताहपुर, छदामीपुर्वा, खबरामऊ, कुड़री, फिरोजपुर, सिंघनापुर, घुसुआपुर, चचियापुर, ककराह के पास नदी में कुछ जगह थोड़ा पानी बचा है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में नदी को कपूरापुर, सिरसा, छतनेपुर, खबरामऊ में नाव के सहारे पार करते थे। अब इन घाटों पर पुल बन गए हैं। पानी लगातार कम होता जा रहा है। ग्रामीण जीवालाल, नत्थू सिंह, अहिबरन, जिलेदार, दफेदार, मनीचंद्र, शमशेर बहादुर, सुनील कुमार आदि ने नदी में पानी छोड़ने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मैनपुरी जिले से निकलकर छिबरामऊ, तिर्वा, कन्नौज तहसील क्षेत्रों से गुजरती हुई कानपुर देहात में गंगा घाट पर मिलने वाली ईशन नदी में पहले खूब पानी रहता था। आसपास के गांवों में सिंचाई की समस्या नहीं थी। कभी-कभी तरया रामनगर तट बंध की निचली गंग नहर से पानी छोड़ दिया जाता था। अब पानी कम हो गया है। पानी सूखने से किसान चिंतित हैं। जल जीव व पशु पक्षी भी परेशान हैं।
विज्ञापन
क्षेत्र के बेटहा, उमरापुर, हंसनापुर, चटोरापुर, बरई, सुताह खजुरिया, लालसहायपुर्वा, सकरवारा, ताहपुर, छदामीपुर्वा, खबरामऊ, कुड़री, फिरोजपुर, सिंघनापुर, घुसुआपुर, चचियापुर, ककराह के पास नदी में कुछ जगह थोड़ा पानी बचा है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में नदी को कपूरापुर, सिरसा, छतनेपुर, खबरामऊ में नाव के सहारे पार करते थे। अब इन घाटों पर पुल बन गए हैं। पानी लगातार कम होता जा रहा है। ग्रामीण जीवालाल, नत्थू सिंह, अहिबरन, जिलेदार, दफेदार, मनीचंद्र, शमशेर बहादुर, सुनील कुमार आदि ने नदी में पानी छोड़ने की मांग की है।
विज्ञापन