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Kannauj: पिता ने मासूम बेटी से किया था दुष्कर्म, कोर्ट ने सुनाई दोहरा आजीवन कारावास की सजा, एक लाख जुर्माना भी

Fri, 15 Dec 2023 01:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज Published by: कानपुर ब्यूरो Updated Fri, 15 Dec 2023 01:05 AM IST
सार

Kannauj News: मामले की विवेचना तत्कालीन एसआई सुरजीत वर्मा ने की और आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर बुधवार को ही अदालत ने दोष सिद्ध कर दिया था।

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Father had raped innocent daughter in Kannauj, court sentenced him to double life imprisonment
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कन्नौज जिले में साढ़े पांच साल पहले शराब के नशे में 11 वर्षीय पुत्री के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी पिता को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उसके खिलाफ आजीवन कारावास की दोहरी सजा सुनाई है। नाबालिग से दुष्कर्म और संरक्षक होने के बावजूद वारदात करने पर दो-दो आजीवन कारावास के साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

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जुर्माना अदा न करने पर दो साल अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। खुद को बचाने के लिए आरोपी ने सगे भाई पर बेटी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की जांच में वह खुद आरोपी निकला था। विशेष लोक अभियोजक किशोर दोहरे और शासकीय अधिवक्ता नवीन दुबे ने बताया कि विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में 19 अप्रैल 2018 की रात शराब के नशे में पिता ने 11 वर्षीय पुत्री के साथ दुष्कर्म किया।
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इसके बाद में उसने अपने छोटे भाई पर बेटी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि 15 अप्रैल को वह वारंट में जेल चला गया था। 20 अप्रैल को वह जेल से छूटकर घर आया था। तब उसकी पुत्री ने बताया कि चाचा ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज कराए, तो उसने चाचा की बजाए पिता पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया।

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साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर अदालत ने दोष सिद्ध कर दिया था
उसने बयान में कहा कि पिता ने ही उसके साथ गलत काम किया और चाचा का नाम पुलिस वालों को बताने का दबाव बनाया। कहा कि इससे पहले भी पिता उसके साथ खेत में गलत काम कर चुका था। इस मामले की विवेचना तत्कालीन एसआई सुरजीत वर्मा ने की और आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर बुधवार को ही अदालत ने दोष सिद्ध कर दिया था।

दो अलग-अलग धाराओं में उम्रकैद की सजा सुनाई
अगले दिन गुरुवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की जज अलका यादव ने आरोपी पिता को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने दोषी पिता को दो अलग-अलग धाराओं में उम्रकैद की सजा सुनाई है। धारा 376(2)(एफ) में 12 साल से कम उम्र की किशोरी से दुष्कर्म के लिए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये।

जुर्माना अदा न करने पर दो साल अतिरिक्त कारावास की सजा
इसी तरह धारा 376(2)(आई) के तहत संरक्षण में रखने के बावजूद दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देने पर कठोर आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दो साल अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। दोनों सजा एक साथ चलेगी। बेटी से दुष्कर्म के आरोप में पकड़ा गया पिता गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में है। गुरुवार को फैसला सुनाए जाने के दौरान उसे अदालत में लाया गया था।

यह घटना समाज को कलंकित करने वाली है
सजा सुनने के बाद वह पूरी तरह से खामोश हो गया। मानो उसे पछतावा हो रहा है। पिता की हवस का शिकार हुई बेटी को उसी दौरान बाल संप्रेक्षण गृह लखनऊ भेज दिया गया था। वह इन दिनों वहीं है। वह माता-पिता की इकलौती संतान है। पॉक्सो एक्ट अदालत की विशेष न्यायाधीश अलका यादव ने फैसला सुनाते हुए कहा कि यह घटना समाज को कलंकित करने वाली है। पिता ने पुत्री के साथ यह हरकत करके सभी को शर्मसार किया है। समाज में इसका गलत न संदेश न जाए, इसके लिए दोषी पिता को उम्रकैद की दोहरी सजा होनी चाहिए।

बच्ची के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी कदम उठाएं
उन्होंने डीएम शुभ्रांत शुक्ला को आदेशित किया है कि वह बच्ची के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी कदम उठाएं। उसकी परवरिश के साथ ही उच्च शिक्ष, भरण-पोषण, सुरक्षित भविष्य व पुनर्वास के लिए शासन से समन्वय स्थापित कर नियमानुसार कार्रवाई करें। पीड़िता को क्षतिपूर्ति योजना के तहत धनराशि दिया जाना भी न्यायोचित है। इसके लिए जिलाधिकारी व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी निर्णय की प्रति भेजी जाए।

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