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दो मिनी बसों में गैरप्रांत के 42 लोग पकड़े, वाहन सीज

Thu, 02 Apr 2020 10:03 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 02 Apr 2020 10:03 PM IST
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do minee bason mein gairapraant ke 42 log pakade, vaahan seej
अर्शी पैरामेडिकल कालेज में खाना खाते परिवार के सदस्य। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। दिल्ली में फंसे मजदूरों को लेकर बिहार जा रहीं दो मिनी बसों को पुलिस ने जीटी रोड स्थित सफीपुर जप्ती में पकड़ लिया। इनमें 42 लोग सवार थे। एक बस लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे से निकल गई। पकड़े गए सभी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद शहर के अर्शी पैरामेडिकल कालेज में 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया गया। पुलिस ने दोनों बसों को सीज कर दिया है।
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बिहार प्रांत के सहरसा स्थित बरियादी गांव निवासी राम प्रवेश यादव पुत्र गोयल यादव ने बताया कि वह लोग दिल्ली की फैक्टरी में रहकर मजदूरी व माल ढोने का काम करते हैं। 25 मार्च को हुए लॉकडाउन में वह फंस गए। जब तक रुपये थे, वहीं गुजर-बसर करते रहे। बाद में भूख-प्यास से परेशान होकर सभी लोगों ने तीन टूरिस्ट मिनी बसों को बुक किया। इसके बाद एक्सप्रेसवे होते हुए कन्नौज तक पहुंचे। यहां सफीपुर जप्ती के पास चालक ने उतरने के लिए कहा। इससे कुछ लोग गाली गलौज करने लगे। सूचना पर पहुंची गुरसहायगंज पुलिस ने पकड़ लिया। एक मिनी बस एक्सप्रेसवे से निकल गई।
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टूरिस्ट मिनी बस के चालकों समेत 42 लोगों को जिला अस्पताल लाया गया। यहां सभी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। सभी लोग सामान्य पाए गए। मजदूरों को शहर के पश्चिमी बाईपास स्थित अर्शी पैरामेडिकल कालेज ले जाया गया। यहां ड्राइवर समेत सभी मजदूरों को क्वारंटीन किया गया। बसों को सीज कर दिया गया। सदर क्षेत्राधिकारी श्रीकांत प्रजापति ने बिना बताए जाने पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए।
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चालक और मजदूरों के खाने का किया गया इंतजाम
मिनी बसों में चालकों समेत 42 लोगों के पकड़े जाने पर सदर एसडीएम शैलेष कुमार व सीओ श्रीकांत प्रजापति अर्शी पैरामेडिकल कालेज पहुंचे। उन्होंने पकड़े गए सभी लोगों को अलग कमरों में रखने और खाने का इंतजाम करने के आदेश अमीन व लेखपाल को दिए।

तय थे प्रति व्यक्ति पांच हजार रुपये
गुरसहायगंज। बिहार के सहरसा निवासी अजय यादव ने बताया कि लॉकडाउन में कोई साधन न होने पर प्राइवेट ट्रैवल एजेंसी से बिहार छोड़ने की बात तय की गई। प्रति यात्री 5000 रुपये किराया तय हुआ। किराया संबंधित ट्रैवल एजेंसी पर जमा कर दिया। उन्हें मिनी बसों से 30 मार्च को बिहार के लिए भेजा गया। सीमाएं सील होने और पुलिस की सख्ती के चलते बुधवार की रात बस चालक ने थाना गुरसहायगंज के सफीपुर जप्ती के निकट उतरने के लिए कहा। इस पर यात्री हंगामा करने लगे। तभी ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दे दी।
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