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रजिस्ट्रेशन के बगैर माल देने से इनकार
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Wed, 03 May 2017 11:48 PM IST
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जीएसटी
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जीएसटी (गुड एंड सर्विस टैक्स) जुलाई में लागू करने की तैयारी सरकार कर चुकी है, लेकिन उससे पहले ही छोटे दुकानदारों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। कई फेरी वाले और छोटे दुकानदारों को थोक विक्रेता व एजेंसी संचालकों ने बिना टिन के माल देने से इनकार कर दिया है। कहा कि जब तक टिन नंबर लेकर नहीं लाओगे, माल नहीं मिल पाएगा।
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अधिवक्ता नवीन कुमार द्विवेदी बताते हैं कि उनके पास तीन-चार दिनों से कई दुकानदारों और फेरी वालों ने बताया कि एजेंसी संचालक ने उन्हें माल देने से इनकार कर दिया है। कहा कि जब तक टिन नंबर लेकर नहीं लाओगे तब तक माल नहीं मिल पाएगा।
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बताया कि सरकार की नीति के हिसाब से बगैर टिन नंबर के 19 हजार 999 रुपये तक के माल की खरीदारी की जा सकती है। उसके बाद टिन नंबर की जरूरत पड़ेगी। गौतम कुमार फेरी वाले ने बताया कि उसे हर तीसरे दिन एक गुटखा के गत्ते की आवश्यकता होती है। ऐसे वह एक माह में तकरीबन आठ गत्तों की खरीदारी कर लेता है, जो कि करीब 70 हजार रुपये महीने का हिसाब होता है। अधिवक्ता ने बताया कि इस हिसाब से वह एक वर्ष में करीब आठ लाख रुपये के माल की बिक्री करता है। उसे किसी भी तरह के टिन नंबर की आवश्यकता नहीं है।
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वर्जन
19 हजार 999 रुपये तक के माल की खरीदारी पर किसी भी तरह के टिन नंबर या रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं है। कोई भी थोक विक्रेता फुटकर दुकानदार को इतनी राशि तक का माल बिना किसी अड़चन के दे सकता है। - पंकज लाल, असिस्टेंट कमिश्नर, सेल टैक्स