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Kannauj News: 72 दिनों बाद फिर दीपोत्सव, आतिशबाजी से रंगीन होगा आसमान
Sat, 20 Jan 2024 02:43 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Sat, 20 Jan 2024 02:43 AM IST
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छिबरामऊ। सनातन धर्म के लोगों को पहली बार 72 दिनों के अंतराल में दो बार दीपोत्सव पर्व मनाने का मौका मिल रहा है। इस गौरवशाली क्षण का गवाह बनना प्रत्येक सनातनधर्मी के लिए गौरव की बात है। मौका है मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के अयोध्या आगमन का।
12 नवंबर को लंका विजय कर अयोध्या लौटने की खुशी में दिवाली पर्व परंपरागत ढंग से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया था, अब 22 जनवरी को अयोध्या में लंबे संघर्ष के बाद बनकर तैयार हुए राम मंदिर में रामलला प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के स्थापना के मौके पर 72 दिनों के अंतराल में दूसरी बार दीपोत्सव पर्व मनाने का मौका मिल रहा है। पूरे देश ने इस दिन को यादगार बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
पटाखों की सजीं दुकानें, शुरू हुई खरीदारी
तहसील क्षेत्र में आतिशबाजी के थोक विक्रेता भानु प्रताप सिंह का कहना है कि दिवाली पर आतिशबाजी का स्टॉक खत्म हो गया था। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए आतिशबाजी का स्टॉक मंगवाकर दुकान सजा ली गई है। छोटे दुकानदारों ने भी इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। स्थानीय स्तर पर 20 जनवरी से आतिशबाजी की खरीदारी में तेजी आने लगेगी। नगर क्षेत्र में 22 जनवरी को लगभग दस से बीस लाख तक के पटाखे बिक्री होने का अनुमान है। नगर में 22 जनवरी की तैयारियों को लेकर आतिशबाजी की खरीद फरोख्त भले ही शुरू हो गई है, लेकिन इसकी बिक्री के लिए बनने वाले अस्थायी लाइसेंस को लेकर अभी भी असमंजस की स्थित है। इस संबंध में एसडीएम उमाकांत तिवारी ने बताया कि शासन से अभी तक इस संबंध में कोई गाइड लाइन नहीं मिली है।
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कुम्हारों की चाक ने भी पकड़ी तेजी
22 जनवरी को दीपोत्सव पर्व की तरह मनाए जाने की तैयारी को देखते हुए इलाके के कुम्हारों ने अपने चाक की रफ्तार तेज कर दी है। दिन और रात मेहनत कर मिट्टी के दीप तैयार किए जा रहे हैं। छिबरामऊ के निगोह रोड पर संचालित पीके माटी कला केंद्र के संचालक प्रत्यूष कुमार प्रजापति ने बताया कि दिवाली की तरह ही चौमुखा, अंडाकार, गोलाकार, तिकोना, सतिया, पंचाकार, शंखाकार, कमलाकार व पान आकार समेत कई आकर्षक डिजाइनों के दीपक बिक्री के लिए तैयार हो चुके हैं। कुछ ही दिनों से यह दीपक बाजार में भी बिक्री के लिए मिलने शुरू हो जाएंगे। दिवाली पर्व की तरह प्राण प्रतिष्ठा के दिन 22 जनवरी को लगभग 7 लाख से से अधिक दीपकों से तहसील क्षेत्र जगमगाएगा।
50 क्विंटल फूलों की झालरों से सजेंगे मंदिर
नगर के प्रमुख फूल विक्रेता आशाराम सैनी, धर्मा सैनी, पुन्नी सैनी, अशोक सैनी, हरीराम सैनी, अंकित सैनी व लल्ला ने बताया कि दिवाली पर्व पर नगर क्षेत्र में 80 क्विंटल से अधिक फूलों व झालरों की बिक्री हुई थी। उस समय फूल की कीमतें भी कम थी। इस समय 120 रुपये गेंदा, गुलाब 220 रुपये, गुलदावरी के थोक दाम 100 रुपये हैं। इस कारण बिक्री कुछ कम हो सकती है। फिर भी मंदिरों को सजाने के लिए आर्डर मिलने शुरू हो गए हैं। 50 क्विंटल फूलों का आर्डर बरेली व कानपुर मंडी में लगाया गया हैं, जिससे मंदिरों की सजावट की जाएगी।
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12 नवंबर को लंका विजय कर अयोध्या लौटने की खुशी में दिवाली पर्व परंपरागत ढंग से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया था, अब 22 जनवरी को अयोध्या में लंबे संघर्ष के बाद बनकर तैयार हुए राम मंदिर में रामलला प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के स्थापना के मौके पर 72 दिनों के अंतराल में दूसरी बार दीपोत्सव पर्व मनाने का मौका मिल रहा है। पूरे देश ने इस दिन को यादगार बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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पटाखों की सजीं दुकानें, शुरू हुई खरीदारी
तहसील क्षेत्र में आतिशबाजी के थोक विक्रेता भानु प्रताप सिंह का कहना है कि दिवाली पर आतिशबाजी का स्टॉक खत्म हो गया था। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए आतिशबाजी का स्टॉक मंगवाकर दुकान सजा ली गई है। छोटे दुकानदारों ने भी इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। स्थानीय स्तर पर 20 जनवरी से आतिशबाजी की खरीदारी में तेजी आने लगेगी। नगर क्षेत्र में 22 जनवरी को लगभग दस से बीस लाख तक के पटाखे बिक्री होने का अनुमान है। नगर में 22 जनवरी की तैयारियों को लेकर आतिशबाजी की खरीद फरोख्त भले ही शुरू हो गई है, लेकिन इसकी बिक्री के लिए बनने वाले अस्थायी लाइसेंस को लेकर अभी भी असमंजस की स्थित है। इस संबंध में एसडीएम उमाकांत तिवारी ने बताया कि शासन से अभी तक इस संबंध में कोई गाइड लाइन नहीं मिली है।
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कुम्हारों की चाक ने भी पकड़ी तेजी
22 जनवरी को दीपोत्सव पर्व की तरह मनाए जाने की तैयारी को देखते हुए इलाके के कुम्हारों ने अपने चाक की रफ्तार तेज कर दी है। दिन और रात मेहनत कर मिट्टी के दीप तैयार किए जा रहे हैं। छिबरामऊ के निगोह रोड पर संचालित पीके माटी कला केंद्र के संचालक प्रत्यूष कुमार प्रजापति ने बताया कि दिवाली की तरह ही चौमुखा, अंडाकार, गोलाकार, तिकोना, सतिया, पंचाकार, शंखाकार, कमलाकार व पान आकार समेत कई आकर्षक डिजाइनों के दीपक बिक्री के लिए तैयार हो चुके हैं। कुछ ही दिनों से यह दीपक बाजार में भी बिक्री के लिए मिलने शुरू हो जाएंगे। दिवाली पर्व की तरह प्राण प्रतिष्ठा के दिन 22 जनवरी को लगभग 7 लाख से से अधिक दीपकों से तहसील क्षेत्र जगमगाएगा।
50 क्विंटल फूलों की झालरों से सजेंगे मंदिर
नगर के प्रमुख फूल विक्रेता आशाराम सैनी, धर्मा सैनी, पुन्नी सैनी, अशोक सैनी, हरीराम सैनी, अंकित सैनी व लल्ला ने बताया कि दिवाली पर्व पर नगर क्षेत्र में 80 क्विंटल से अधिक फूलों व झालरों की बिक्री हुई थी। उस समय फूल की कीमतें भी कम थी। इस समय 120 रुपये गेंदा, गुलाब 220 रुपये, गुलदावरी के थोक दाम 100 रुपये हैं। इस कारण बिक्री कुछ कम हो सकती है। फिर भी मंदिरों को सजाने के लिए आर्डर मिलने शुरू हो गए हैं। 50 क्विंटल फूलों का आर्डर बरेली व कानपुर मंडी में लगाया गया हैं, जिससे मंदिरों की सजावट की जाएगी।