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नष्ट फसल देखकर सदमा लगने से किसान की मौत
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ठठिया। बारिश से बर्बाद हुई फसल को देखकर सदमा लगने से किसान की खेत पर ही मौत हो गई। पुलिस ने किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जिले में फसल के नुकसान के सदमे में अब तक दो किसानों की मौत हो चुकी है।
थाना ठठिया क्षेत्र के खामा गांव निवासी किसान रावेंद्र कुमार (50) और उसकी पत्नी रानी देवी के छह बच्चे हैं। खेतीबाड़ी कर वह अपने बच्चों का पालन पोषण करते थे। किसान रावेंद्र कुमार के पास दो बीघा जमीन है, लेकिन वह लगान पर लेकर खेतीबाड़ी करते थे। इस बार बंटाई के 15 बीघा खेत में आलू और तीन बीघा में धान की फसल उगाई थी। हाल में हुई बारिश में फसल नष्ट हो गई।
रविवार सुबह खेत पर गया और बर्बाद हुई फसल को देखकर उन्हें सदमा लग गया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पत्नी रानी ने बताया कि जमा पूंजी लगाने के साथ कुछ लोगों से कर्ज लेकर फसल की थी। नष्ट होने के बाद से पति सदमे में थे। काफी हौसला बढ़ाने के बाद भी चुप रहते थे। तहसीलदार अनिल कुमार सरोज ने बताया कि बारिश एक सप्ताह पहले हुई थी। सदमे में किसान की मौत की बात परिजन कह रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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पिता की मौत के सात साल बाद भी नहीं दर्ज हुई विरासत
मृतक किसान की पत्नी रानी ने बताया कि उसके ससुर के नाम दो बीघे जमीन थी। उनकी मौत करीब सात साल पहले हुई थी। मौत के बाद भी लेखपाल की ओर से वरासत दर्ज नहीं की गई। तहसीलदार अनिल कुमार सरोज ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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थाना ठठिया क्षेत्र के खामा गांव निवासी किसान रावेंद्र कुमार (50) और उसकी पत्नी रानी देवी के छह बच्चे हैं। खेतीबाड़ी कर वह अपने बच्चों का पालन पोषण करते थे। किसान रावेंद्र कुमार के पास दो बीघा जमीन है, लेकिन वह लगान पर लेकर खेतीबाड़ी करते थे। इस बार बंटाई के 15 बीघा खेत में आलू और तीन बीघा में धान की फसल उगाई थी। हाल में हुई बारिश में फसल नष्ट हो गई।
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रविवार सुबह खेत पर गया और बर्बाद हुई फसल को देखकर उन्हें सदमा लग गया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पत्नी रानी ने बताया कि जमा पूंजी लगाने के साथ कुछ लोगों से कर्ज लेकर फसल की थी। नष्ट होने के बाद से पति सदमे में थे। काफी हौसला बढ़ाने के बाद भी चुप रहते थे। तहसीलदार अनिल कुमार सरोज ने बताया कि बारिश एक सप्ताह पहले हुई थी। सदमे में किसान की मौत की बात परिजन कह रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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पिता की मौत के सात साल बाद भी नहीं दर्ज हुई विरासत
मृतक किसान की पत्नी रानी ने बताया कि उसके ससुर के नाम दो बीघे जमीन थी। उनकी मौत करीब सात साल पहले हुई थी। मौत के बाद भी लेखपाल की ओर से वरासत दर्ज नहीं की गई। तहसीलदार अनिल कुमार सरोज ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।