{"_id":"5740ac514f1c1be71fac77ac","slug":"sentenced-to-ten-years-in-rape","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाबालिग के साथ दुष्कर्म में दस साल की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नाबालिग के साथ दुष्कर्म में दस साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो/कन्नौज
Updated Sun, 22 May 2016 12:13 AM IST
विज्ञापन
लाोक अदालत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फास्ट ट्रैक प्रथम न्यायालय ने शनिवार को दुष्कर्म मामले में पाए गए दोषी को दस साल का कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया। जुर्माने की रकम से पीड़िता को 25 हजार रुपये देने का आदेश दिया है। शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि पीड़िता के पिता ने सदर कोतवाली में लिखाई रिपोर्ट में बताया कि 23 जुलाई 2012 को उसकी 16 वर्षीय पुत्री स्कूल जाने के लिए सुबह करीब 7:30 पर घर से निकली।
रास्ते में एक नाले के पास पहले से घात लगाए बैठा अशोक उर्फ गोलरेलाल ने उसे पकड़ लिया। उसने नाले के नीचे ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने उसे नशीला पदार्थ खिला दिया। इसके बाद वह उसे छिबरामऊ कचहरी ले गया। वहां वह शादी के कुछ कागजात तैयार करवाने लगा।
तभी मौका पाकर छात्रा वहां से भाग निकली। घर पहुंचने किशोरी ने पूरी घटना परिजनों को बताई। सदर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर तत्कालीन मानीमऊ चौकी इंचार्ज पीडी त्यागी को मामले की विवेचना सौंपी। विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा ने अशोक को दस वर्ष का कारावास व 30 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया। कोर्ट ने जुर्माने की रकम से 25 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देने का आदेश सुनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
रास्ते में एक नाले के पास पहले से घात लगाए बैठा अशोक उर्फ गोलरेलाल ने उसे पकड़ लिया। उसने नाले के नीचे ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने उसे नशीला पदार्थ खिला दिया। इसके बाद वह उसे छिबरामऊ कचहरी ले गया। वहां वह शादी के कुछ कागजात तैयार करवाने लगा।
विज्ञापन
तभी मौका पाकर छात्रा वहां से भाग निकली। घर पहुंचने किशोरी ने पूरी घटना परिजनों को बताई। सदर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर तत्कालीन मानीमऊ चौकी इंचार्ज पीडी त्यागी को मामले की विवेचना सौंपी। विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा ने अशोक को दस वर्ष का कारावास व 30 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया। कोर्ट ने जुर्माने की रकम से 25 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देने का आदेश सुनाया।
विज्ञापन