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तीन जूनियर डाक्टर और चार कर्मियों पर हत्या की रिपोर्ट
अमर उजाला/कन्नौज
Updated Fri, 30 Sep 2016 12:16 AM IST
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सजा सुनने के बाद भाग
- फोटो : amar ujala
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राजकीय मेडिकल कालेज के इमरजेंसी वार्ड में ढाई माह पहले उपचार के दौरान एक युवक की मौत के मामले में तीन जूनियर डाक्टर, दो वार्ड ब्वाय और दो सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ है। कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। कन्नौज कोतवाली के गुनाह गांव निवासी छोटेलाल पुत्र छेदालाल ने मेडिकल कालेज के जूनियर चिकित्सक डा. अंशुमान, डा. निशांत, डा. नफीस, वार्ड व्वाय दीपक कुमार व अनुज कुमार, सुरक्षा गार्ड बबलू व झुल्लू के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
हवाला दिया है कि उसके भतीजे मनीष पुत्र बालकराम को उपचार के लिए मेडिकल कालेज के इमरजेंसी वार्ड में बीती तेरह जुलाई की शाम को भर्ती कराया गया था। आरोप है कि इन डाक्टरों व सुरक्षा कर्मियों तथा वार्ड ब्वाय ने मिलकर उसके भतीजे को बेड पर बांध दिया। उसे मारापीटा। बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। कोतवाली प्रभारी आरपी पांडेय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच-पड़ताल शुरू है।
उधर इस प्रकरण को लेकर मेडिकल कालेज के सीएमएस डा.दिलीप सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी होने के बाद चौदह जुलाई को ही सभी आरोपियों को निलंबित कर दिया गया था। इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच कराई जा रही है। सीएमएस के मुताबिक विभागीय जांच के दौरान आरोपी डाक्टरों ने बयान दर्ज कराए हैं कि तेरह जुलाई की शाम 108 एंबुलेंस के जरिए एक अज्ञात युवक को मेडिकल कालेज लाया गया था।
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युवक मानसिक रूप से कमजोर था। उपचार के दौरान ग्लूकोज चढ़ाने व इंजेक्शन लगाने के दौरान वह काफी विरोध करता रहा। उसकी हालत गंभीर थी। वह अपना नाम पता भी नहीं बता पा रहा था। कई बार वह बेड से उठकर भाग निकला। इस वजह से उसे जबरन बेड पर लिटाया गया था। अगली सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इसमें किसी भी चिकित्सक व कर्मचारी का कोई दोष नहीं था।
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हवाला दिया है कि उसके भतीजे मनीष पुत्र बालकराम को उपचार के लिए मेडिकल कालेज के इमरजेंसी वार्ड में बीती तेरह जुलाई की शाम को भर्ती कराया गया था। आरोप है कि इन डाक्टरों व सुरक्षा कर्मियों तथा वार्ड ब्वाय ने मिलकर उसके भतीजे को बेड पर बांध दिया। उसे मारापीटा। बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। कोतवाली प्रभारी आरपी पांडेय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच-पड़ताल शुरू है।
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उधर इस प्रकरण को लेकर मेडिकल कालेज के सीएमएस डा.दिलीप सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी होने के बाद चौदह जुलाई को ही सभी आरोपियों को निलंबित कर दिया गया था। इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच कराई जा रही है। सीएमएस के मुताबिक विभागीय जांच के दौरान आरोपी डाक्टरों ने बयान दर्ज कराए हैं कि तेरह जुलाई की शाम 108 एंबुलेंस के जरिए एक अज्ञात युवक को मेडिकल कालेज लाया गया था।
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युवक मानसिक रूप से कमजोर था। उपचार के दौरान ग्लूकोज चढ़ाने व इंजेक्शन लगाने के दौरान वह काफी विरोध करता रहा। उसकी हालत गंभीर थी। वह अपना नाम पता भी नहीं बता पा रहा था। कई बार वह बेड से उठकर भाग निकला। इस वजह से उसे जबरन बेड पर लिटाया गया था। अगली सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इसमें किसी भी चिकित्सक व कर्मचारी का कोई दोष नहीं था।