{"_id":"597e211e4f1c1b51178b4859","slug":"adg-summoned-lucknow-to-call-co","type":"story","status":"publish","title_hn":"एडीजी ने सीओ को किया लखनऊ तलब ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एडीजी ने सीओ को किया लखनऊ तलब
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Sun, 30 Jul 2017 11:40 PM IST
विज्ञापन
सीओ
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव के दौरान वर्ष 2004 में भाजपा कार्यकर्ता नीरज मिश्रा हत्याकांड की फाइलें फिर खुलने लगी हैं। प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) ने इसी हत्याकांड के संबंध में पुलिस क्षेत्राधिकारी को लखनऊ तलब किया है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के आदेश पर इस हत्याकांड के उच्च स्तरीय जांच होगी, जिसके लिए आला अफसर अभी से फाइलें खंगालने में जुट गए हैं।
विज्ञापन
क्षेत्र के ग्राम कसावा में वर्ष 2004 में लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा कार्यकर्ता नीरज मिश्रा की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड ने सियासी गलियारों में तूफान मचा दिया। हत्याकांड में शामिल आरोपियों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसमें एक आरोपी की ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी, जबकि अन्य आरोपियों को जमानत मिल गई है।
विज्ञापन
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत पाठक के साथ नीरज के बड़े भाई मुनीश मिश्रा पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ से मिले थे। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा, जिस पर मुनीश मिश्रा को सुरक्षा प्रदान करते हुए दो गनर उपलब्ध करा दिए गए। अब प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) ने इसी मामले में क्षेत्राधिकारी श्रीकांत प्रजापति को लखनऊ तलब किया है। सीओ ने फोन पर बताया कि इस मीटिंग में कानपुर जोन के आईजी आलोक कुमार भी मौजूद थे। काफी देर तक नीरज हत्याकांड के बारे में अधिकारियों ने मंथन किया। अभी जांच संबंधी कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री के आदेश पर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो सकती है। इसी वजह से जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक के आला अफसर नीरज मिश्रा हत्या कांड की फाइलें खंगालने में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन
चुनावी रंजिश में हुई थी नीरज की हत्या
छिबरामऊ। वर्ष 2004 में 14वीं लोकसभा चुनाव के दौरान पांच मई को प्राथमिक विद्यालय कसावा बूथ पर वोट डाले जा रहे थे। इसी दौरान बसपा और सपा कार्यकर्ताओं में विवाद हो गया, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से फायरिंग हुई थी। इसमें सपा कार्यकर्ता ग्राम कबीरगंज निवासी हरीराम यादव की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस घटना में नीरज मिश्रा को राजनीतिक षड़यंत्र के तहत नामजद किया गया था। अगले दिन नीरज का अपहरण कर लिया गया और उसकी सिर कटी लाश नरदहा गांव के पास ईशन नदी से बरामद हुई थी। इस मामले में कबीरगंज निवासी अशोक यादव व अवनीश यादव, मुन्नू यादव, पप्पू, सुनील, मदारीपुर निवासी हरिविलास, ग्राम कसावा निवासी ब्रजेंद्रस्वरूप दुबे और सौरिख थाने में तैनात सिपाही जरमन सिंह यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने सिपाही जरमन सिंह यादव को निकाल दिया था, जबकि ट्रायल के दौरान गांधी की मौत हो गई। कोर्ट ने एक आरोपी सुनील यादव को बरी कर दिया था, जबकि अन्य अभियुक्तों को 27 सितंबर 2014 को आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये आर्थिक दंड की सजा सुनाई थी। इस समय सभी आरोपी जमानत पर जेल से बाहर हो गए हैं।