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झोलाछाप संचालिका की तलाश में फतेहपुर तक छापेमारी
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तिर्वा (कन्नौज)। अवैध नर्सिंग होम में प्रसूता की मौत के मामले में झोलाछाप संचालिका की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए फतेहपुर तक छापा मारा। वहीं, एसीएमओ की तहरीर पर पुलिस ने उसके खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया। सूत्रों के अनुसार अवैध नर्सिंग होम के संचालन में संचालिका के अलावा फर्रुखाबाद का एक व्यक्ति और कुछ स्थानीय लोग भी शामिल हैं। अवैध नर्सिंग होम में गर्भवती को गुमराह कर ले जाने के पुख्ता सबूत भी स्वास्थ्य विभाग के हाथ लगे हैं। इससे बड़े पैमाने पर आशाओं के निलंबन की महकमे ने तैयारी की है।
पट्टी पवोरा गांव में रहने वाले कमलेश की पत्नी रीना देवी को प्रसव पीड़ा के चलते गांव की आशा ने तिर्वा कस्बे के जवाहर नगर में रुद्र कांप्लेक्स में अवैध ढंग से संचालित ममता पॉली क्लीनिक एंड हास्पिटल में भर्ती कराया था। यहां अप्रशिक्षित लोगों ने रीना का आपरेशन कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई थी। कमलेश की तहरीर पर अस्पताल संचालिका ममता और आशा श्यामा देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। श्यामा देवी को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। ममता की तलाश में पुलिस ने गुरुवार को उसकी ससुराल गांव नथापुरवा में छापा मारा। यहां वह और उसका पति सुमित गायब मिले। इसके बाद पुलिस की एक टीम ने ममता के जनपद फतेहपुर के पैतृक गांव में छापा मारा। यहां पुलिस ने उसकी मां से पूछताछ की। पुलिस को ममता के बारे में कोई सुराग नहीं मिला।
सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप के निर्देश पर अपर मुख्य चिकित्सा डॉ. राम मोहन तिवारी ने कोतवाली में ममता पॉली क्लीनिक एंड हास्पिटल की अज्ञात संचालिका के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज कराया है। प्रसूता रीना देवी की मौत के बाद नवजात की बिगड़ी हालत में सुधार हुआ है। इससे कमलेश कुमार उसे मेडिकल कालेज तिर्वा से घर ले गए। कोतवाल टीपी कुमार ने बताया कि गंभीरता से मामले की जांच चल रही है। प्राथमिक जांच में अवैध ढंग से चल रहे नर्सिंग होम में मकान मालिक का संरक्षण होने की बात भी सामने आ रही है। मकान मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि ममता की तलाश में छापा मारा जा रह है। जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने एसीएमओ की तहरीर पर अवैध नर्सिंग होम संचालिका के खिलाफ धारा 419,420 और 15 (3) इंडियन मेडिकल काउंसलिंग एक्ट 1956 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इन धाराओं में आरोपी को छह साल तक सजा और 50 हजार या इससे अधिक अर्थदंड का प्रावधान है।
डायरी में आशाओं के नाम, गर्भपात के मिले सबूत
अवैध अस्पताल में बड़े पैमाने पर चिकित्सीय गोरखधंधा चलता था। नर्सिंग होम संचालिका का पड़ोसी जनपदों में नेटवर्क था। आशाओं के माध्यम से पड़ोसी जनपद औरैया, फर्रुखाबाद और हरदोई तक से महिलाएं गर्भपात कराने पहुंचती थीं। इसका खुलासा स्वास्थ्य अधिकारियों के हाथ लगी डायरी से हुआ है। इसमें कई जनपदों की आशाओं के नाम, पते मोबाइल नंबरों के साथ उधारी का लेखा-जोखा है।
कस्बे में संचालित फर्जी नर्सिंग होम का भंडाफोड़ होने के बाद सक्रिय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सभी बिंदुओं पर जांच-पड़ताल शुरू की है। अस्पताल से बरामद दवाओं और उपकरणों के साथ सबसे अहम एक डायरी है। डायरी में जिले के साथ-साथ अन्य जनपदों की आशाओं के नंबर और पते मिले हैं। इसमें यह भी लिखा है कि कौन आशा कितने गर्भपात और प्रसव के केस लेकर आई है। कितना कमीशन दिया जा चुका है, कितना बाकी है। सूत्रों के मुताबिक रीना का आपरेशन फर्रुखाबाद में रहने वाले एक अप्रशिक्षित व्यक्ति ने ममता की मदद से किया था। उसे बेहोशी की दवा भी अप्रशिक्षित व्यक्ति ने दी थी। इससे आपरेशन सफल नहीं हो सका। ज्यादा रक्तस्राव होने से रीना देवी ने दम तोड़ दिया। सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप ने बताया कि सभी बिंदुओं पर जांच पड़ताल चल रही है। अवैध ढंग से स्वास्थ्य सेवाएं देने का धंधा करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नर्सिंग होम में मरीज ले जानी वाली आशाओं को चिह्नित किया जा रहा है। उन्हें बर्खास्त करने के साथ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
डीएम ने दिए अवैध नर्सिंग होमों पर कार्रवाई के निर्देश
अवैध ढंग से संचालित अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम रवींद्र कुमार के निर्देश पर टीम गठित की गई। इसमें सदर एसडीएम शैलेष कुमार, सीएमओ डा. कृष्ण स्वरूप, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राम मोहन तिवारी और वाईके मंजुल को शामिल किया गया है। यह टीम छापा मारकर फर्जी नर्सिंग होम संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
झोलाछाप संचालिका की तलाश में फतेहपुर तक छापा
एसीएमओ की तहरीर पर पुलिस ने अवैध नर्सिंग होम संचालिका के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया, नवजात की बिगड़ी हालत में हुआ सुधार, मेडिकल कालेज
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पट्टी पवोरा गांव में रहने वाले कमलेश की पत्नी रीना देवी को प्रसव पीड़ा के चलते गांव की आशा ने तिर्वा कस्बे के जवाहर नगर में रुद्र कांप्लेक्स में अवैध ढंग से संचालित ममता पॉली क्लीनिक एंड हास्पिटल में भर्ती कराया था। यहां अप्रशिक्षित लोगों ने रीना का आपरेशन कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई थी। कमलेश की तहरीर पर अस्पताल संचालिका ममता और आशा श्यामा देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। श्यामा देवी को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। ममता की तलाश में पुलिस ने गुरुवार को उसकी ससुराल गांव नथापुरवा में छापा मारा। यहां वह और उसका पति सुमित गायब मिले। इसके बाद पुलिस की एक टीम ने ममता के जनपद फतेहपुर के पैतृक गांव में छापा मारा। यहां पुलिस ने उसकी मां से पूछताछ की। पुलिस को ममता के बारे में कोई सुराग नहीं मिला।
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सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप के निर्देश पर अपर मुख्य चिकित्सा डॉ. राम मोहन तिवारी ने कोतवाली में ममता पॉली क्लीनिक एंड हास्पिटल की अज्ञात संचालिका के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज कराया है। प्रसूता रीना देवी की मौत के बाद नवजात की बिगड़ी हालत में सुधार हुआ है। इससे कमलेश कुमार उसे मेडिकल कालेज तिर्वा से घर ले गए। कोतवाल टीपी कुमार ने बताया कि गंभीरता से मामले की जांच चल रही है। प्राथमिक जांच में अवैध ढंग से चल रहे नर्सिंग होम में मकान मालिक का संरक्षण होने की बात भी सामने आ रही है। मकान मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि ममता की तलाश में छापा मारा जा रह है। जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने एसीएमओ की तहरीर पर अवैध नर्सिंग होम संचालिका के खिलाफ धारा 419,420 और 15 (3) इंडियन मेडिकल काउंसलिंग एक्ट 1956 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इन धाराओं में आरोपी को छह साल तक सजा और 50 हजार या इससे अधिक अर्थदंड का प्रावधान है।
डायरी में आशाओं के नाम, गर्भपात के मिले सबूत
अवैध अस्पताल में बड़े पैमाने पर चिकित्सीय गोरखधंधा चलता था। नर्सिंग होम संचालिका का पड़ोसी जनपदों में नेटवर्क था। आशाओं के माध्यम से पड़ोसी जनपद औरैया, फर्रुखाबाद और हरदोई तक से महिलाएं गर्भपात कराने पहुंचती थीं। इसका खुलासा स्वास्थ्य अधिकारियों के हाथ लगी डायरी से हुआ है। इसमें कई जनपदों की आशाओं के नाम, पते मोबाइल नंबरों के साथ उधारी का लेखा-जोखा है।
कस्बे में संचालित फर्जी नर्सिंग होम का भंडाफोड़ होने के बाद सक्रिय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सभी बिंदुओं पर जांच-पड़ताल शुरू की है। अस्पताल से बरामद दवाओं और उपकरणों के साथ सबसे अहम एक डायरी है। डायरी में जिले के साथ-साथ अन्य जनपदों की आशाओं के नंबर और पते मिले हैं। इसमें यह भी लिखा है कि कौन आशा कितने गर्भपात और प्रसव के केस लेकर आई है। कितना कमीशन दिया जा चुका है, कितना बाकी है। सूत्रों के मुताबिक रीना का आपरेशन फर्रुखाबाद में रहने वाले एक अप्रशिक्षित व्यक्ति ने ममता की मदद से किया था। उसे बेहोशी की दवा भी अप्रशिक्षित व्यक्ति ने दी थी। इससे आपरेशन सफल नहीं हो सका। ज्यादा रक्तस्राव होने से रीना देवी ने दम तोड़ दिया। सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप ने बताया कि सभी बिंदुओं पर जांच पड़ताल चल रही है। अवैध ढंग से स्वास्थ्य सेवाएं देने का धंधा करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नर्सिंग होम में मरीज ले जानी वाली आशाओं को चिह्नित किया जा रहा है। उन्हें बर्खास्त करने के साथ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
डीएम ने दिए अवैध नर्सिंग होमों पर कार्रवाई के निर्देश
अवैध ढंग से संचालित अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम रवींद्र कुमार के निर्देश पर टीम गठित की गई। इसमें सदर एसडीएम शैलेष कुमार, सीएमओ डा. कृष्ण स्वरूप, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राम मोहन तिवारी और वाईके मंजुल को शामिल किया गया है। यह टीम छापा मारकर फर्जी नर्सिंग होम संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
झोलाछाप संचालिका की तलाश में फतेहपुर तक छापा
एसीएमओ की तहरीर पर पुलिस ने अवैध नर्सिंग होम संचालिका के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया, नवजात की बिगड़ी हालत में हुआ सुधार, मेडिकल कालेज