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नाबालिग से दुष्कर्म में जीजा-साले व बहन को सात साल की कैद
Updated Sat, 22 Jul 2017 12:14 AM IST
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किशोरी से दुष्कर्म में तीन को सात-सात साल कैद
कन्नौज। करीब चार वर्ष पूर्व क्षेत्र की एक किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने एक महिला समेत तीन को सात-सात साल कैद व कुल 40 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने युवक को दुष्कर्म का व उसकी बहन-जीजा को किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने का दोषी पाया है। वसूले गए अर्थदंड से 20 हजार रुपये पीड़िता पक्ष को देने के भी आदेश कोर्ट ने दिए हैं।
शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि वादी ने थाना सौरिख में तीन लोगों को पर कक्षा आठ में पढ़ने वाली 15 वर्षीय बेटी को घर से बहला-फुसलाकर ले जाने व उसके साथ जबरन दुष्कर्म करने की रिपोर्ट घटना के 18 दिन बाद दर्ज कराई थी। वादी ने रिपोर्ट में बताया कि 19 सितंबर 2013 उसकी पुत्री घर पर अकेली थी। उसकी मां मोहल्ले में दावत में गई थी। जनपद मैनपुरी थाना किशनी के गांव नगला सती निवासी गीता अपने पति प्रहलाद पुत्र जीतपाल जाटव के साथ सौरिख थानाक्षेत्र के गांव भावलपुर निवासी अपने भाई दिनेश उर्फ पिंटू पुत्र जंगबहादुर संग रहती थी।
आरोप था कि गीता उसके घर आई और शौच पर साथ चलने की बात कहकर पुत्री को अपने साथ ले गई। गांव के बाहर पहले से खड़े प्रहलाद व पिंटू ने उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर एक लोडर में डाल लिया। वहां से पिंटू पुत्री को अपने साथ ले गया। जबकि गीता और प्रहलाद गांव लौट आए। बेटी की जब आंख खुली तो उसने खुद को उन्नाव जनपद के एक कमरे में पाया। आरोप था कि पिंटू ने 18 दिन तक किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। किसी तरह किशोरी कमरे से बाहर निकली और उन्नाव बाजार आकर एक दर्जी की दुकान से अपने बहनोई को फोन किया।
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सूचना पाकर परिवार किशोरी को उन्नाव से लेकर आए। पुलिस ने लड़की की डाक्टरी कराई जिसमें वह नाबालिग पाई गई। स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा व स्कूलों के दस्तावेजों में भी नाबालिग थी।
शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि मामले की विवेचना तत्कालीन सौरिख थाना एसआई ऊदल सिंह ने की। विवेचक ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किए। साक्ष्योें पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अजय कुमार श्रीवास्तव ने दिनेश उर्फ पिंटू को दुष्कर्म का दोषी मानते हुए सात वर्ष की सजा व 20 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया। पिंटू की बहन गीता व जीजा प्रहलाद को नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर पिंटू के साथ भेजने का दोषी मानते हुए सात-सात वर्ष की सजा व 10-10 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया।
- आरोपी जीजा-साले व बहन पर कुल 40 हजार का जुर्माना भी लगाया
- चार साल पुराने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
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कन्नौज। करीब चार वर्ष पूर्व क्षेत्र की एक किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने एक महिला समेत तीन को सात-सात साल कैद व कुल 40 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने युवक को दुष्कर्म का व उसकी बहन-जीजा को किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने का दोषी पाया है। वसूले गए अर्थदंड से 20 हजार रुपये पीड़िता पक्ष को देने के भी आदेश कोर्ट ने दिए हैं।
शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि वादी ने थाना सौरिख में तीन लोगों को पर कक्षा आठ में पढ़ने वाली 15 वर्षीय बेटी को घर से बहला-फुसलाकर ले जाने व उसके साथ जबरन दुष्कर्म करने की रिपोर्ट घटना के 18 दिन बाद दर्ज कराई थी। वादी ने रिपोर्ट में बताया कि 19 सितंबर 2013 उसकी पुत्री घर पर अकेली थी। उसकी मां मोहल्ले में दावत में गई थी। जनपद मैनपुरी थाना किशनी के गांव नगला सती निवासी गीता अपने पति प्रहलाद पुत्र जीतपाल जाटव के साथ सौरिख थानाक्षेत्र के गांव भावलपुर निवासी अपने भाई दिनेश उर्फ पिंटू पुत्र जंगबहादुर संग रहती थी।
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आरोप था कि गीता उसके घर आई और शौच पर साथ चलने की बात कहकर पुत्री को अपने साथ ले गई। गांव के बाहर पहले से खड़े प्रहलाद व पिंटू ने उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर एक लोडर में डाल लिया। वहां से पिंटू पुत्री को अपने साथ ले गया। जबकि गीता और प्रहलाद गांव लौट आए। बेटी की जब आंख खुली तो उसने खुद को उन्नाव जनपद के एक कमरे में पाया। आरोप था कि पिंटू ने 18 दिन तक किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। किसी तरह किशोरी कमरे से बाहर निकली और उन्नाव बाजार आकर एक दर्जी की दुकान से अपने बहनोई को फोन किया।
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सूचना पाकर परिवार किशोरी को उन्नाव से लेकर आए। पुलिस ने लड़की की डाक्टरी कराई जिसमें वह नाबालिग पाई गई। स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा व स्कूलों के दस्तावेजों में भी नाबालिग थी।
शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि मामले की विवेचना तत्कालीन सौरिख थाना एसआई ऊदल सिंह ने की। विवेचक ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किए। साक्ष्योें पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अजय कुमार श्रीवास्तव ने दिनेश उर्फ पिंटू को दुष्कर्म का दोषी मानते हुए सात वर्ष की सजा व 20 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया। पिंटू की बहन गीता व जीजा प्रहलाद को नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर पिंटू के साथ भेजने का दोषी मानते हुए सात-सात वर्ष की सजा व 10-10 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया।
- आरोपी जीजा-साले व बहन पर कुल 40 हजार का जुर्माना भी लगाया
- चार साल पुराने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो