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दोस्तों के साथ नहाने गया बीसीए छात्र नदी में डूबा, मौत
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नदी के किनारे खड़े पुलिस कर्मी। संवाद
- फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ। दोस्तों के साथ अर्रुआ घाट पर नदी में नहाने गया छात्र डूब गया। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से पांच घंटे की खोजबीन के बाद नदी से छात्र का शव बाहर निकालवाया। छात्र के शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया।
रविवार को ग्राम पंचायत पृथ्वीपुर के मजरा चमन नगरिया के सुमित कुमार (20) पुत्र नारद, अपने गांव के मोहित, नितिन, मोनू व सोनू के साथ साइकिल से अर्रुआ घाट पर गए थे। सोनू का कहना है कि वे दोस्तों के साथ खेत का रकबा नापकर खेत स्वामी से बात करने के लिए गया था, लेकिन खेत स्वामी नहीं मिला। इस वजह से सभी दोस्त नदी में उतरकर नहाने लगे। इस बीच नितिन और मोनू नदी में डूबने लगे। इनको बचाने के लिए सुमित कुमार नदी में कूद गया।
चीख पुकार सुनकर घास काट रही महिला ग्राम भैंसे नगला निवासी संतोषी देवी ने युवकों को बचाने के लिए नदी में अपनी साड़ी फेंक दी। साड़ी को पकड़कर नितिन बाहर निकल आया, जबकि मोनू खुद से बाहर आ गया। इन दोनों को बचाने के लिए नदी में उतरा सुमित कुमार उसी में डूब गया। युवक के डूबने की जानकारी पाकर कोतवाल जयप्रकाश शर्मा, निरीक्षक हरिशंकर, करनौली चौकी इंचार्ज ब्रजपाल सिंह मौके पर पहुंच गए।
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पुलिस ने सुमित को बाहर निकालने के लिए गांव में गोताखोरों को नदी में उतारा। गोताखोरों ने पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला। इसके बाद परिजन शव को लेकर सौ शैया अस्पताल पहुंचे, जहां शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया।
पढ़ने में होनहार था सुमित
मृतक के परिजनों ने बताया कि सुमित कुमार छिबरामऊ के सुभाष अकादमी स्कूल में बीसीए का छात्र था और पढ़ने में काफी होनहार था। उसके पिता नारद खेतीबाड़ी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मृतक अपने दो भाई व दो बहनों में सबसे छोटा था। उसके शव पर मां इंद्रा देवी का रो-रोकर बुरा हाल था।
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रविवार को ग्राम पंचायत पृथ्वीपुर के मजरा चमन नगरिया के सुमित कुमार (20) पुत्र नारद, अपने गांव के मोहित, नितिन, मोनू व सोनू के साथ साइकिल से अर्रुआ घाट पर गए थे। सोनू का कहना है कि वे दोस्तों के साथ खेत का रकबा नापकर खेत स्वामी से बात करने के लिए गया था, लेकिन खेत स्वामी नहीं मिला। इस वजह से सभी दोस्त नदी में उतरकर नहाने लगे। इस बीच नितिन और मोनू नदी में डूबने लगे। इनको बचाने के लिए सुमित कुमार नदी में कूद गया।
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चीख पुकार सुनकर घास काट रही महिला ग्राम भैंसे नगला निवासी संतोषी देवी ने युवकों को बचाने के लिए नदी में अपनी साड़ी फेंक दी। साड़ी को पकड़कर नितिन बाहर निकल आया, जबकि मोनू खुद से बाहर आ गया। इन दोनों को बचाने के लिए नदी में उतरा सुमित कुमार उसी में डूब गया। युवक के डूबने की जानकारी पाकर कोतवाल जयप्रकाश शर्मा, निरीक्षक हरिशंकर, करनौली चौकी इंचार्ज ब्रजपाल सिंह मौके पर पहुंच गए।
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पुलिस ने सुमित को बाहर निकालने के लिए गांव में गोताखोरों को नदी में उतारा। गोताखोरों ने पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला। इसके बाद परिजन शव को लेकर सौ शैया अस्पताल पहुंचे, जहां शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया।
पढ़ने में होनहार था सुमित
मृतक के परिजनों ने बताया कि सुमित कुमार छिबरामऊ के सुभाष अकादमी स्कूल में बीसीए का छात्र था और पढ़ने में काफी होनहार था। उसके पिता नारद खेतीबाड़ी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मृतक अपने दो भाई व दो बहनों में सबसे छोटा था। उसके शव पर मां इंद्रा देवी का रो-रोकर बुरा हाल था।