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Kannauj News: वनाधिकारियों की मिलीभगत से अवैध खनन की शिकायत
Sun, 31 Dec 2023 12:30 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Sun, 31 Dec 2023 12:30 AM IST
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तालग्राम-तेराजाकट। वन विभाग की जमीन पर अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से हो रहे अवैध खनन की शिकायत आला अधिकारियों से ऑनलाइन की गई है। इसमें रुपये लेकर वन अधिकारियों व कर्मचारियों पर आरोप लगाया गया है। शिकायत से वन रेंज गुरसहायगंज के कर्मचारियों में हड़कंप है। प्रभागीय वनाधिकारी ने वन क्षेत्राधिकारी से एक सप्ताह में जांच कर पूरी रिपोर्ट मांगी है।
तालग्राम देहात पंचायत निवासी अभिशेष राजपूत ने ऑनलाइन माध्यम से शिकायत में बताया कि बिरौल नरमऊ मार्ग के समीप वन विभाग की जमीन से हजारों ट्रैक्टर ट्राली मिट्टी अवैध खनन किया गया है। आरोप है जिसमें 50 हजार रुपये वन अधिकारियों व कर्मचारियों ने लिए है। वन प्रभागीय वनाधिकारी ने इस मामले की जांच वन रेंज गुरसहायगंज को सौंपी है। इस बारे में वन क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार चित्तौड़िया का कहना है कि जांच मिली है। असलियत क्या है, इस बारे में जांच के बाद ही कुछ बताया जा सकता है।
जिसकी शिकायत उसी के पास जांच
शिकायतकर्ता ने वन अधिकारियों व कर्मचारियों पर रुपए लेकर खनन करने का आरोप लगाया है। वन क्षेत्राधिकारी पर भी आरोप है, लेकिन जांच उन्हीं को सौंपी गई है। इससे निष्पक्ष जांच होना संभव नहीं है। किसी दूसरे विभाग के सक्षम अधिकारी से मामले की जांच होनी चाहिए थी। तभी सच्चाई सामने आ जाती।
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तालग्राम देहात पंचायत निवासी अभिशेष राजपूत ने ऑनलाइन माध्यम से शिकायत में बताया कि बिरौल नरमऊ मार्ग के समीप वन विभाग की जमीन से हजारों ट्रैक्टर ट्राली मिट्टी अवैध खनन किया गया है। आरोप है जिसमें 50 हजार रुपये वन अधिकारियों व कर्मचारियों ने लिए है। वन प्रभागीय वनाधिकारी ने इस मामले की जांच वन रेंज गुरसहायगंज को सौंपी है। इस बारे में वन क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार चित्तौड़िया का कहना है कि जांच मिली है। असलियत क्या है, इस बारे में जांच के बाद ही कुछ बताया जा सकता है।
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जिसकी शिकायत उसी के पास जांच
शिकायतकर्ता ने वन अधिकारियों व कर्मचारियों पर रुपए लेकर खनन करने का आरोप लगाया है। वन क्षेत्राधिकारी पर भी आरोप है, लेकिन जांच उन्हीं को सौंपी गई है। इससे निष्पक्ष जांच होना संभव नहीं है। किसी दूसरे विभाग के सक्षम अधिकारी से मामले की जांच होनी चाहिए थी। तभी सच्चाई सामने आ जाती।
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