कन्नौज। सरकारी दफ्तरों में कामचोरी, लेटलतीफी और अव्यवस्था किस कदर हावी है, इसकी एक तस्वीर गुरुवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में देखने को मिली। जब मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास सुबह 10:30 बजे अचानक निरीक्षण करने पहुंचे, तो पूरा दफ्तर खाली पड़ा था। जनता अपने कामों के लिए भटकती रही और साहब से लेकर बाबू तक सब नदारद थे।
सीडीओ ने जैसे ही उपस्थिति पंजिका उठाई, लापरवाही का बड़ा सच सामने आ गया। स्वयं बीएसए संदीप कुमार दफ्तर से नदारद थे। इसके अलावा 14 अन्य अधिकारी व कर्मचारी बिना किसी सूचना के गायब पाए गए। सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी समग्र शिक्षा अभियान अमित कुमार, लेखाकार शैलेंद्र कुमार यादव, डीसी (एमआईएस) विश्वनाथ शर्मा, डीसी प्रशिक्षण गौरव दीक्षित, डीसी निर्माण पीयूष श्रीवास्तव, चालक अनिल कुमार, डीसी समेकित शिक्षा सुबोध अवस्थी, परिचारक ममता, कंप्यूटर आपरेटर रमेश चंद्र, प्रधान सहायक प्रदीप सक्सेना, वरिष्ठ सहायक विमल पांडेय, वरिष्ठ सहायक अशोक कुमार, परिचारक अदील अहमद एवं नीतेश द्विवेदी अनुपस्थित पाए गए। मामले को बेहद गंभीर से लेते हुए सीडीओ ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का 23 जुलाई का वेतन व मानदेय रोकने के कड़े आदेश दिए हैं और तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है। समय से संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।