फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Cattle are causing sleepless nights; farmers are guarding their fields like a border.

Kannauj News: गोवंशों ने उड़ाई नींद, किसान कर रहे सरहद जैसी रखवाली

Mon, 19 Jan 2026 12:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jan 2026 12:24 AM IST
विज्ञापन
Cattle are causing sleepless nights; farmers are guarding their fields like a border.
कन्नौज। कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे के बीच जिले में निराश्रित गोवंशों की समस्या ने किसानों की रातों की नींद उड़ा दी है। शासन द्वारा गोशालाओं में संरक्षित करने के निर्देशों के बावजूद, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। सड़कों और खेतों में घूम रहे बेसहारा गोवंश न केवल राहगीरों के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। बल्कि किसानों की मेहनत की कमाई पर भी भारी पड़ रहे हैं। हाड़कंपाऊ सर्दी में किसान रात में जागकर फसल की रखवाली करने को मजबूर है। किसान अपने घरों में आराम करने के बजाय लाठी-डंडा लेकर खेतों में फसलों की सरहद जैसी रखवाली करने को मजबूर हैं। गोशालाओं की बदहाली और सड़कों पर विचरण करते सैकड़ों गोवंश किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर रहे हैं। जिले की इस प्रमुख समस्या पर पड़ताल करती हुई एक रिपोर्ट-
विज्ञापन

-------

कड़ाके की ठंड में ठिठुरते गोवंश
शनिवार रात 10:03 बजे जीटी रोड पर भीषण कोहरे और ठंड में ठिठुरते हुए निराश्रित गोवंशों का दृश्य अत्यंत मार्मिक था। 10 मीटर तक की दृश्यता के कारण, ये गोवंश न केवल ठंड से कांप रहे थे। सड़क के बीचों-बीच घूमते गोवंशों के कारण वाहन चालकों के लिए भी यह एक बड़ा खतरा साबित हो रहा है। प्रशासन द्वारा गोशालाओं के दावों के बावजूद, सैकड़ों गोवंश खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

खेतों पर सरहद जैसी पहरेदारी, किसान बने चौकीदार

तालग्राम ब्लॉक के नैपालपुर, ककराह, सिंघनापुर, फिरोजपुर, कुडरी, मस्तियापुर और खबरामऊ में आवारा गोवंश किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। गेहूं, सरसों और आलू की फसलें रोजाना चर ली जाती हैं। इन फसलों को बचाने के लिए किसानों को कड़ाके की ठंड में दिन-रात खेतों में पहरा देना पड़ रहा है। किसान स्वयं को खेतों पर सरहद जैसी रखवाली करने वाले चौकीदार बता रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन




आवारा गोवंशों का आतंक: फसलें बर्बाद

गुगरापुर क्षेत्र में भी निराश्रित गोवंश किसानों की फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। पंचायत प्रशासन की उदासीनता के चलते चियासर, मधवापुर, अलीपुर जलेसर, भंवरगाढ़ा, मोहनपुर-रतनपुर, फराहरन, नौरंगपुर, राजपुर और सराय वारामऊ सहित गंगा व काली नदी के बीच स्थित ग्राम पंचायतों में आवारा गोवंश गेहूं, सरसों और आलू की फसलों को चट कर रहे हैं।



छिबरामऊ और विशुनगढ़ में भी वही हाल

छिबरामऊ क्षेत्र में भी निराश्रित गोवंश किसानों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गए हैं। खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों और आलू की फसलों को गोवंशों के झुंड भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। गोवंश खेतों में घुसकर फसल को चर जाते हैं और रौंद देते हैं, जिससे पैदावार कम होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि कड़ाके की ठंड में वे रात भर जागकर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं।


वर्जन

कुल 163 गोशालाएं स्थापित हैं, जिनमें नौ हजार गोवंश संरक्षित हैं। निराश्रित गोवंशों के लिए अभियान चलाया जा रहा है और शिकायत मिलने पर उन्हें पकड़कर गोशालाओं में संरक्षित किया जा रहा है।
-डॉ. सरदूल सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed