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लापरवाही में चली गई प्रसूता की जान

Sun, 22 Jan 2017 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज Updated Sun, 22 Jan 2017 11:04 PM IST
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Casually drifted into the life of procreative
मृतका - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

थाना तालग्राम के बिरियाहार में डाक्टरों और नर्सों की लापरवाही के चलते गर्भवती की प्रसव के बाद हालत बिगड़ गई। रेफर करने के बाद रास्ते में उसकी मौत हो गई है। ऐसे में सरकार गर्भवती के लिए नियमित टीकाकरण चेकअप, पुष्टाहार के अभियान पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। वहीं, मृतका के पति ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

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बिरियाहार गांव निवासी दीपक उर्फ भूरा की पिछले साल शादी हुई थी। उसकी पत्नी प्रेमलता (22) पहले बच्चे के जन्म के लिए शनिवार की सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दीपक परिजनों के साथ अपनी पत्नी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिर्वा लेकर गया। जहां पर डाक्टरों ने उसे अस्पताल में भर्ती करने से मना करते हुए जिला अस्पताल में ले जाने को कहा।
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हालत बिगड़ती देख परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां घंटों इलाज के बाद प्रसव के उपरांत महिला ने नवजात बच्ची को जन्म दिया। इलाज की समुचित व्यवस्था न होने के कारण महिला की हालत बिगड़ती गई।
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प्रसूता को जिला अस्पताल के डाक्टरों ने शरीर में खून की कमी बताते हुए फर्रुखाबाद के लिए रेफर कर दिया। परिजनों की ओर से एंबुलेंस मांगने पर उन्हें एंबुलेंस नहीं दी गई। महिला को तड़पता देख परिजन निजी वाहन से उसे लोहिया अस्पताल लेकर गए। जहां रास्ते में उसकी मौत हो गई।

पति दीपक का आरोप है कि नियमित रूप से टीकाकरण व हीमोग्लोबिन जांच के बाद प्रसूता के कार्ड पर सभी जांचें सामान्य होते हुए भी यह समस्या खड़ी हो गई। डाक्टरों ने उसकी पत्नी का इलाज किया होता तो शायद उसकी जान बच जाती।

नवजात के सिर से उठा मां का साया
प्रेमलता की मौत के बाद देर रात शव घर आते ही परिवार में कोहराम मच गया। मायके व ससुराल पक्ष के लोग प्रेमलता की मौत पर गमगीन है। नवजात पूर्ण रूप से स्वस्थ है। मासूम के सिर से मां का साया उठ जाने से सभी की आंखें नम हो गईं।


कोट
मामले की उनके पास अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है। मामले की जांच कराई जाएगी। यदि किसी चिकित्सक की लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई की जाएगी।  - डा. एके पचौरी (सीएमओ, कन्नौज)

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