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Kannauj News: हैवानियत..पहले हाथ-पैर बांधे, कंक्रीट मसाला मुंह में भरा, फिर की सुनीता की हत्या
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कन्नौज। टाइल्स मिस्त्री और उसके दामाद ने लूट से पहले हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं थीं। सुनीता श्रीवास्तव के हाथ-पैर रस्सी ये बांधने के बाद उनके मुंह में सीमेंट-कंक्रीट का मसाला भर दिया। इसके बाद बसुली (हथौड़ा) से सिर पर प्रहार कर निर्ममता से हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि सुनीता के सिर पर वजनदार वस्तु से प्रहार किया गया। उनके शरीर पर 12 चोटों के निशान भी मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि वह काफी देर तक हत्यारोपियों से भिड़ीं थीं।
शहर के मोहल्ला कुतलूपुर मकरंदनगर में दिनदहाड़े हत्या और लूट की घटना के बाद मोहल्ले के लोगाें सहित पूरे शहर में आक्रोश है। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद सुनीता के शव को घर पर लाया गया तो भीड़ लग गई। मां के शव को देख दोनों बेटियां बेसुध हो गईं। किसी तरह परिजनों व रिश्तेदारों ने उन्हें संभाला। पांच साल पहले पिता अर्जुन श्रीवास्तव की हादसे में मौत के बाद मां ही उनका सहारा थीं। दीपावली पर नए घर में शिफ्ट होने की योजना थी। दोपहर बाद सुनीता के शव का महादेवी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया, जहां आर्य समाज की रीति के अनुसार मुखाग्नि दी गई। इससे पहले कानपुर रेंज के डीआईजी हरीश चंदर ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोनों बेटियों से घटना के बारे में जानकारी ली। डीआईजी के आदेश पर एसपी विनोद कुमार ने हत्या व लूट के आरोपी जसवंत सिंह उर्फ पंकज चौहान व उसके दामाद सूरज कश्यप पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। डीआईजी ने बताया कि हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमों को लगाया गया है। जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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दामाद-ससुर हैं हत्यारोपी जसवंत व सूरज
सुनीता श्रीवास्तव के मकान में पिछले तीन माह से टायल्स-पत्थर लगाने का काम कर रहे हत्यारोपी जसवंत सिंह उर्फ पंकज चौहान व सूरज कश्यप आपस में ससुर-दामाद हैं। सीओ सिटी अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि जसवंत सिंह मूलरूप से बलरामपुर जिले के तुलसीपुर का रहने वाला है, जबकि उसका दामाद सूरज कश्यप उन्नाव जिले के फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के ग्राम पखरापुर का रहने वाला है। जसवंत पांच साल पहले जब पंजाब के लुधियाना में काम करता था, तभी उसकी जान पहचान सूरज से हुई थी। बाद में सूरज ने जसवंत की बेटी से प्रेम विवाह कर लिया था।
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शातिर चोर है सूरज, लखनऊ में 19 मुकदमे
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि सूरज कश्यप शातिर चोर है। लखनऊ के अलग-अलग थानों में उसके ऊपर चोरी व लूट के 19 मुकदमे दर्ज हैं। तीन माह पहले ही सूरज लखनऊ जेल से छूटकर बाहर आया है। अन्य जिलों में भी उसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। उसके गांव पखरापुर में कोई नहीं रहता है। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है और पिता भी अपनी बेटी के यहां ही रहते हैं। उसके ससुर जसवंत का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वह डेढ़ साल पहले कन्नौज आया था, जहां टायल्स की दुकानों से संपर्क कर काम करने लगा। दोनों तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के फगुहा भट्ठा गांव में विनोद दुबे के मकान में किराये पर रहते थे। जसवंत की बेटी भी साथ थी। घटना के बाद से वह भी फरार है।
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पंजाब गई पुलिस टीम, कई जिलों दबिश
हत्यारोपी जसवंत सिंह व सूरज कश्यप की तलाश में एसओजी व सर्विलांस समेत पांच टीमें लगीं हैं। एक टीम पंजाब गई है, जहां दोनों लुधियाना समेत कई शहरों में रह चुके हैं। वहीं, यूपी में लखनऊ, उन्नाव, गोंडा, बलरामपुर समेत कई जिलों में पुलिस की टीमें संभावित स्थानों पर दबिश दे रहीं हैं। एसपी ने बताया कि दोनों के पास कोई स्थायी मोबाइल नंबर भी नहीं है। अक्सर वह नंबर बदलते रहते हैं। जिन लोगों के यहां काम कर चुके हैं, उन लोगों ने बताया कि दोनों व्हाट्सएप कॉल से बात अधिक करते थे।
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बेटी को दिया गनर, घर पर भी पुलिस तैनात
डीआईजी कानपुर रेंज के निर्देश पर एसपी ने सुनीता की छोटी बेटी दीया श्रीवास्तव को गनर दिया है। वह उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ठठिया शाखा में कैशियर के पद पर तैनात है। वहीं, बड़ी बेटी की सुरक्षा के लिए घर पर भी महिला पुलिस कांस्टेबल तैनात रहेंगीं। एसपी ने बताया कि दोनों बेटियों की सुरक्षा के लिए महिला कांस्टेबलों को लगाया गया है। इसकी माॅनीटरिंग महिला थानाध्यक्ष सीमा पटेल करेंगीं।
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मंत्री से बोलीं बेटियां-जिंदा नहीं रहने चाहिए वो...
मंगलवार की देर शाम को सदर विधायक एवं समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण भी कुतलूपुर पहुंचे। उन्हें देखते ही बड़ी बेटी कोमल बोली- मंत्री जी, जिंदा नहीं रहने चाहिए वो..जिन्होंने मेरी मां को इतनी बेरहमी से मार दिया। इस पर मंत्री ने आश्वासन दिया कि योगी सरकार में अपराधी नहीं बच पाएंगे। वहीं, सुनीता के देवर सुनील श्रीवास्तव ने मंत्री से मांग की कि छोटी बेटी दीया का ट्रांसफर शहर में ही कर दिया जाए। सुरक्षा के लिहाज से ठठिया जाना उचित नहीं है। मंत्री ने कहा- कि इस बारे में वह बैंक के अधिकारियों से बात करेंगे। तब तक बेटी को गनर दिया जाएगा।
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शहर के मोहल्ला कुतलूपुर मकरंदनगर में दिनदहाड़े हत्या और लूट की घटना के बाद मोहल्ले के लोगाें सहित पूरे शहर में आक्रोश है। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद सुनीता के शव को घर पर लाया गया तो भीड़ लग गई। मां के शव को देख दोनों बेटियां बेसुध हो गईं। किसी तरह परिजनों व रिश्तेदारों ने उन्हें संभाला। पांच साल पहले पिता अर्जुन श्रीवास्तव की हादसे में मौत के बाद मां ही उनका सहारा थीं। दीपावली पर नए घर में शिफ्ट होने की योजना थी। दोपहर बाद सुनीता के शव का महादेवी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया, जहां आर्य समाज की रीति के अनुसार मुखाग्नि दी गई। इससे पहले कानपुर रेंज के डीआईजी हरीश चंदर ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोनों बेटियों से घटना के बारे में जानकारी ली। डीआईजी के आदेश पर एसपी विनोद कुमार ने हत्या व लूट के आरोपी जसवंत सिंह उर्फ पंकज चौहान व उसके दामाद सूरज कश्यप पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। डीआईजी ने बताया कि हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमों को लगाया गया है। जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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दामाद-ससुर हैं हत्यारोपी जसवंत व सूरज
सुनीता श्रीवास्तव के मकान में पिछले तीन माह से टायल्स-पत्थर लगाने का काम कर रहे हत्यारोपी जसवंत सिंह उर्फ पंकज चौहान व सूरज कश्यप आपस में ससुर-दामाद हैं। सीओ सिटी अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि जसवंत सिंह मूलरूप से बलरामपुर जिले के तुलसीपुर का रहने वाला है, जबकि उसका दामाद सूरज कश्यप उन्नाव जिले के फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के ग्राम पखरापुर का रहने वाला है। जसवंत पांच साल पहले जब पंजाब के लुधियाना में काम करता था, तभी उसकी जान पहचान सूरज से हुई थी। बाद में सूरज ने जसवंत की बेटी से प्रेम विवाह कर लिया था।
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शातिर चोर है सूरज, लखनऊ में 19 मुकदमे
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि सूरज कश्यप शातिर चोर है। लखनऊ के अलग-अलग थानों में उसके ऊपर चोरी व लूट के 19 मुकदमे दर्ज हैं। तीन माह पहले ही सूरज लखनऊ जेल से छूटकर बाहर आया है। अन्य जिलों में भी उसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। उसके गांव पखरापुर में कोई नहीं रहता है। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है और पिता भी अपनी बेटी के यहां ही रहते हैं। उसके ससुर जसवंत का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वह डेढ़ साल पहले कन्नौज आया था, जहां टायल्स की दुकानों से संपर्क कर काम करने लगा। दोनों तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के फगुहा भट्ठा गांव में विनोद दुबे के मकान में किराये पर रहते थे। जसवंत की बेटी भी साथ थी। घटना के बाद से वह भी फरार है।
पंजाब गई पुलिस टीम, कई जिलों दबिश
हत्यारोपी जसवंत सिंह व सूरज कश्यप की तलाश में एसओजी व सर्विलांस समेत पांच टीमें लगीं हैं। एक टीम पंजाब गई है, जहां दोनों लुधियाना समेत कई शहरों में रह चुके हैं। वहीं, यूपी में लखनऊ, उन्नाव, गोंडा, बलरामपुर समेत कई जिलों में पुलिस की टीमें संभावित स्थानों पर दबिश दे रहीं हैं। एसपी ने बताया कि दोनों के पास कोई स्थायी मोबाइल नंबर भी नहीं है। अक्सर वह नंबर बदलते रहते हैं। जिन लोगों के यहां काम कर चुके हैं, उन लोगों ने बताया कि दोनों व्हाट्सएप कॉल से बात अधिक करते थे।
बेटी को दिया गनर, घर पर भी पुलिस तैनात
डीआईजी कानपुर रेंज के निर्देश पर एसपी ने सुनीता की छोटी बेटी दीया श्रीवास्तव को गनर दिया है। वह उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ठठिया शाखा में कैशियर के पद पर तैनात है। वहीं, बड़ी बेटी की सुरक्षा के लिए घर पर भी महिला पुलिस कांस्टेबल तैनात रहेंगीं। एसपी ने बताया कि दोनों बेटियों की सुरक्षा के लिए महिला कांस्टेबलों को लगाया गया है। इसकी माॅनीटरिंग महिला थानाध्यक्ष सीमा पटेल करेंगीं।
मंत्री से बोलीं बेटियां-जिंदा नहीं रहने चाहिए वो...
मंगलवार की देर शाम को सदर विधायक एवं समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण भी कुतलूपुर पहुंचे। उन्हें देखते ही बड़ी बेटी कोमल बोली- मंत्री जी, जिंदा नहीं रहने चाहिए वो..जिन्होंने मेरी मां को इतनी बेरहमी से मार दिया। इस पर मंत्री ने आश्वासन दिया कि योगी सरकार में अपराधी नहीं बच पाएंगे। वहीं, सुनीता के देवर सुनील श्रीवास्तव ने मंत्री से मांग की कि छोटी बेटी दीया का ट्रांसफर शहर में ही कर दिया जाए। सुरक्षा के लिहाज से ठठिया जाना उचित नहीं है। मंत्री ने कहा- कि इस बारे में वह बैंक के अधिकारियों से बात करेंगे। तब तक बेटी को गनर दिया जाएगा।