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Kannauj News: काशी की तर्ज पर होगा चौधरियापुर के बाबा विश्वनाथ मंदिर का विकास
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कन्नौज। सदर तहसील क्षेत्र के चौधरियापुर बांगर स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। सदर विधायक, समाज कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने शासन से इसे पर्यटक स्थल घोषित कर विकसित करने का अनुरोध किया था। इस पर शासन ने मुहर लगा दी है। जल्द ही कार्ययोजना बनाकर इसे पर्यटक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
गंगा की तलहटी में बसे ग्राम चौधरियापुर बांगर में आठवीं शदी में मां गंगा की गोद से प्रकट हुए शिवलिंग हूबहू काशी के बाबा विश्वनाथ की तरह दिखाई देते हैं। मान्यता है कि तब इन्हें काशी के बाबा विश्वनाथ मंदिर में स्थापित किए जाने की तैयारी थी, किंतु शिवलिंग को कोई यहां से हटा नहीं सका। इसलिए राय मशविरा कर शिवलिंग यहीं पर स्थापित कर मंदिर बना दिया गया। जिसे आज भी काशी के बाबा विश्वनाथ के समान मान्यता देकर पूर्ण आस्था और श्रद्धा भाव से पूजा जाता है।
आठवीं सदी का यह मंदिर अभी तक श्रद्धालु भक्तों व समाजसेवियाें की ही कृपा पर ही टिका हुआ है, लेकिन अब सरकार ने इसे पर्यटक स्थल की तरह विकसित करने का फैसला लिया है। इससे मंदिर के दिन बहुरने वाले हैं।
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इसके लिए सदर विधायक समाज कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने शासन से अनुरोध किया था। बाबा विश्वनाथ मंदिर में शिवरात्रि व अन्य प्रमुख त्योहारों पर मेला लगता है। जानकारों, स्थानीय इतिहासकारों व आचार्यों के अनुसार इस मंदिर की मान्यता भी काशी के बाबा विश्वनाथ के समान ही है। पर्यटक स्थल घोषित होने पर यह मंदिर प्राचीनता और नवीनता के परिवेश को एक साथ दर्शाते हुए बेहद खास पर्यटक स्थल बनेगा।
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गंगा की तलहटी में बसे ग्राम चौधरियापुर बांगर में आठवीं शदी में मां गंगा की गोद से प्रकट हुए शिवलिंग हूबहू काशी के बाबा विश्वनाथ की तरह दिखाई देते हैं। मान्यता है कि तब इन्हें काशी के बाबा विश्वनाथ मंदिर में स्थापित किए जाने की तैयारी थी, किंतु शिवलिंग को कोई यहां से हटा नहीं सका। इसलिए राय मशविरा कर शिवलिंग यहीं पर स्थापित कर मंदिर बना दिया गया। जिसे आज भी काशी के बाबा विश्वनाथ के समान मान्यता देकर पूर्ण आस्था और श्रद्धा भाव से पूजा जाता है।
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आठवीं सदी का यह मंदिर अभी तक श्रद्धालु भक्तों व समाजसेवियाें की ही कृपा पर ही टिका हुआ है, लेकिन अब सरकार ने इसे पर्यटक स्थल की तरह विकसित करने का फैसला लिया है। इससे मंदिर के दिन बहुरने वाले हैं।
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इसके लिए सदर विधायक समाज कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने शासन से अनुरोध किया था। बाबा विश्वनाथ मंदिर में शिवरात्रि व अन्य प्रमुख त्योहारों पर मेला लगता है। जानकारों, स्थानीय इतिहासकारों व आचार्यों के अनुसार इस मंदिर की मान्यता भी काशी के बाबा विश्वनाथ के समान ही है। पर्यटक स्थल घोषित होने पर यह मंदिर प्राचीनता और नवीनता के परिवेश को एक साथ दर्शाते हुए बेहद खास पर्यटक स्थल बनेगा।