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बारिश से उड़द, मूंग, तरबूज, खरबूजा को नुकसान
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कन्नौज। तीन दिन से रुक-रुक हो रही बेमौसम बारिश किसी किसान को लाभ तो किसी की फसल में नुकसान दे रही है। मक्का किसानों को लाभ हुआ है। वहीं उड़द, मूंग, तरबूज, खरबूजा बोने वाले किसानों को खासा नुकसान है।
बारिश से तरबूज व खरबूजा किसानों को नुकसान है। मानीमऊ के किसान रामदयाल बताते हैं कि तीन दिन से बारिश होने से तरबूज व खरबूजा को तगड़ा नुकसान है। धूप निकलेगी तो खरबूजा और तरबूज में पटका रोग लगेगा। इससे तैयार फल चंद दिनों में सड़ने लगेगी। इससे तैयार तरबूज को बेच रहे हैं। अधिक तरबूज बाजार में आ जाने से भाव गिर गए हैं। बुधवार को 2000 से 2400 रुपये ट्राली के हिसाब से तरबूज बिका। इस दशा में तरबूज किसानों को घाटा हो रहा है। यही हाल खरबूजा का है। इस बार कम किसानों ने खरबूजा लगाया है।
इसी तरह मूंग व उड़द की फसल को भी नुकसान हुआ है। इस समय फली निकलने वाली है। बारिश से फूल गिर गए हैं। इससे अब मूंग व उड़द की पैदावार गिरने की आशंका है। मक्का किसानों को लाभ हुआ है। फसल में एक पानी कम लगेगा। वहीं अगैती बरसाती मक्का लगाने वाले किसान जुताई के बाद मक्का लगा सकते हैं। साथ ही पशुओं के लिए चारा बोने में पलेवा करने की जरूरत नहीं होगी।
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बारिश से तरबूज व खरबूजा किसानों को नुकसान है। मानीमऊ के किसान रामदयाल बताते हैं कि तीन दिन से बारिश होने से तरबूज व खरबूजा को तगड़ा नुकसान है। धूप निकलेगी तो खरबूजा और तरबूज में पटका रोग लगेगा। इससे तैयार फल चंद दिनों में सड़ने लगेगी। इससे तैयार तरबूज को बेच रहे हैं। अधिक तरबूज बाजार में आ जाने से भाव गिर गए हैं। बुधवार को 2000 से 2400 रुपये ट्राली के हिसाब से तरबूज बिका। इस दशा में तरबूज किसानों को घाटा हो रहा है। यही हाल खरबूजा का है। इस बार कम किसानों ने खरबूजा लगाया है।
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इसी तरह मूंग व उड़द की फसल को भी नुकसान हुआ है। इस समय फली निकलने वाली है। बारिश से फूल गिर गए हैं। इससे अब मूंग व उड़द की पैदावार गिरने की आशंका है। मक्का किसानों को लाभ हुआ है। फसल में एक पानी कम लगेगा। वहीं अगैती बरसाती मक्का लगाने वाले किसान जुताई के बाद मक्का लगा सकते हैं। साथ ही पशुओं के लिए चारा बोने में पलेवा करने की जरूरत नहीं होगी।
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