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Kannauj News: टीईटी साॅल्वर गैंग में शामिल होने के आरोप में भी हो चुकी ऑडिटर की गिरफ्तारी
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कन्नौज। नीट-यूजी पेपर लीक प्रकरण की जांच में कन्नौज का भी कनेक्शन मिला है। कुशीनगर पुलिस ने यहां लेखा परीक्षा विभाग में तैनात सहायक ऑडिटर को गिरफ्तार किया है। उसे दो साल पहले टीईटी साॅल्वर गैंग में शामिल होने के आरोप में भी गिरफ्तार किया गया था। जेल से छूटने के बाद उसका नाम अब नीट-यूजी पेपर लीक में भी सामने आया है।
दरअसल शहर में कलक्ट्रेट के करीब मानपुर रोड स्थित जिला लेखा परीक्षा कार्यालय में सहायक ऑडिटर के पद पर तैनात देवप्रकाश पांडेय मूलरूप से प्रयागराज के नयापुर्वा स्टैनली रोड का निवासी है। वह वर्ष 2014 से इसी पद पर तैनात है। देवप्रकाश पांडेय का नाम वर्ष 2022 में टीईटी में साॅल्वर गैंग के सदस्य के रूप में कौशांबी से गिरफ्तार किया गया था। उस समय वह छह माह जेल में रहा था।
तत्कालीन लेखा परीक्षा अधिकारी उमाशंकर ने उसे निलंबित कर दिया था। जमानत पर छूटने के बाद वह बहाल होकर फिर से कन्नौज में अपने उसी पद पर आकर काम करने लगा था। वहां शहर में ही गोलकुआं के पास एक मकान में किराये पर रह रहा है। नीट-यूजी के पेपर लीक मामले में मुख्य सरगना राजीव नयन मिश्रा के साथ भी उसका नाम प्रकाश में आया है। इस पर जांच टीम ने उसकी गतिविधियों पर ध्यान देना शुरू किया। स्थानीय लोगों के मुताबिक बुधवार की सुबह पुलिस की एक गाड़ी आई और देवप्रकाश पांडेय को अपने साथ ले गई।
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उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका। गुरुवार को जब कुशीनगर में उसकी गिरफ्तारी की जानकारी की खबर आई तो विभागीय कर्मचारियों में चर्चा शुरू हो गई। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी हरि मोहन सिंह ने बताया कि कार्यालय में सहायक ऑडिटर के पद पर तैनात देवप्रकाश पांडेय पिछले दो दिनों से गैर हाजिर है।
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दरअसल शहर में कलक्ट्रेट के करीब मानपुर रोड स्थित जिला लेखा परीक्षा कार्यालय में सहायक ऑडिटर के पद पर तैनात देवप्रकाश पांडेय मूलरूप से प्रयागराज के नयापुर्वा स्टैनली रोड का निवासी है। वह वर्ष 2014 से इसी पद पर तैनात है। देवप्रकाश पांडेय का नाम वर्ष 2022 में टीईटी में साॅल्वर गैंग के सदस्य के रूप में कौशांबी से गिरफ्तार किया गया था। उस समय वह छह माह जेल में रहा था।
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तत्कालीन लेखा परीक्षा अधिकारी उमाशंकर ने उसे निलंबित कर दिया था। जमानत पर छूटने के बाद वह बहाल होकर फिर से कन्नौज में अपने उसी पद पर आकर काम करने लगा था। वहां शहर में ही गोलकुआं के पास एक मकान में किराये पर रह रहा है। नीट-यूजी के पेपर लीक मामले में मुख्य सरगना राजीव नयन मिश्रा के साथ भी उसका नाम प्रकाश में आया है। इस पर जांच टीम ने उसकी गतिविधियों पर ध्यान देना शुरू किया। स्थानीय लोगों के मुताबिक बुधवार की सुबह पुलिस की एक गाड़ी आई और देवप्रकाश पांडेय को अपने साथ ले गई।
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उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका। गुरुवार को जब कुशीनगर में उसकी गिरफ्तारी की जानकारी की खबर आई तो विभागीय कर्मचारियों में चर्चा शुरू हो गई। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी हरि मोहन सिंह ने बताया कि कार्यालय में सहायक ऑडिटर के पद पर तैनात देवप्रकाश पांडेय पिछले दो दिनों से गैर हाजिर है।