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‘विशिष्ट बच्चों में कला के भंडार’
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Fri, 04 Dec 2015 12:17 AM IST
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वाले बच्चों के लिए खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इसमें
बच्चों ने सामान्य बच्चों की अपेक्षा कहीं अधिक प्रतिभाओं का नजारा
दिखाया। बीएसए रामकरन यादव ने ब्लाक स्तरीय खेलकूद व सांस्कृतिक
कार्यक्रमों का शुभारंभ मूक बधिर बच्चों की 100 मीटर दौड़ को झंडी दिखाकर
किया।
प्रतियोगिता में गणित दौड़, कुर्सी दौड़, रस्साकसी, छूकर पहचानो (दृष्टिहीन), गायन, नृत्य, सुलेख सहित अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। 100 मीटर बालक वर्ग में संदीप प्रथम, अल्ताफ द्वितीय, पारुल तृतीय रहे। बालिका में वंदना प्रथम, कुंती द्वितीय, रजनी तीसरे स्थान पर रही। गणित दौड़ में सीताराम प्रथम, राजन द्वितीय, प्रियंका तृतीय रही।
बालक वर्ग कुर्सी दौड़ में विपिन प्रथम, नितिन द्वितीय, सत्यम तृतीय रहे। बालिका वर्ग में शिल्पी प्रथम, गौरी द्वितीय, आशा तृतीय रही। गायन में नीलेश प्रथम, सौरभ द्वितीय, तारा तृतीय रही। 100 मीटर बच्चों की दौड़ में रचना प्रथम, ललिता द्वितीय, रूबी तृतीय रहीं। नृत्य में अमन प्रथम, सौम्या द्वितीय, अनन्या तृतीय रही।
ब्रेल लेखन प्रतियोगिता में धर्मेंद्र प्रथम, संकेत द्वितीय, चेतन तृतीय रहे। रस्सा कसी में पारुल, संकेत, चेतन, दिलीप, नितिन प्रथम, सत्यम, राजन, विनय, शिवम, आमीन तृतीय रहे। बीएसए ने अपने संबोधन में कहा कि विशिष्ट जरूरत वाले बच्चों में एक से एक कलायें छिपी हैं। इनकी छिपी कलाओं को निखारकर आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
ताकि वह समाज में सामान्य लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल सके। जिला समन्वयक समेकित शिक्षा राजेश वर्मा ने कहा कि विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे दया के पात्र नहीं हैं, ये बच्चे भी सामान्य बच्चों के साथ शिक्षा पाकर आगे बढ़ सकते हैं। केवल सही दिशा में इनको बढ़ावा देना है।
इस मौके पर संजीव कुमार, आलोक कुमार, मुकेश चंद्र शाक्य, पीयूष, महेंद्र कुमार सिंह, बाबू रामेंद्र कुमार राठौर, सुषमा राठौर, सीमा सिन्हा, श्वेता, अल्का दुबे, मनोज पांडेय, दिनेश, जितेंद्र, राजेश कुमार आदि मौजूद थे। कार्यक्रम में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान लाने वाले छात्रों को बीएसए ने पुरस्कृत किया।
प्रतियोगिता में गणित दौड़, कुर्सी दौड़, रस्साकसी, छूकर पहचानो (दृष्टिहीन), गायन, नृत्य, सुलेख सहित अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। 100 मीटर बालक वर्ग में संदीप प्रथम, अल्ताफ द्वितीय, पारुल तृतीय रहे। बालिका में वंदना प्रथम, कुंती द्वितीय, रजनी तीसरे स्थान पर रही। गणित दौड़ में सीताराम प्रथम, राजन द्वितीय, प्रियंका तृतीय रही।
बालक वर्ग कुर्सी दौड़ में विपिन प्रथम, नितिन द्वितीय, सत्यम तृतीय रहे। बालिका वर्ग में शिल्पी प्रथम, गौरी द्वितीय, आशा तृतीय रही। गायन में नीलेश प्रथम, सौरभ द्वितीय, तारा तृतीय रही। 100 मीटर बच्चों की दौड़ में रचना प्रथम, ललिता द्वितीय, रूबी तृतीय रहीं। नृत्य में अमन प्रथम, सौम्या द्वितीय, अनन्या तृतीय रही।
ब्रेल लेखन प्रतियोगिता में धर्मेंद्र प्रथम, संकेत द्वितीय, चेतन तृतीय रहे। रस्सा कसी में पारुल, संकेत, चेतन, दिलीप, नितिन प्रथम, सत्यम, राजन, विनय, शिवम, आमीन तृतीय रहे। बीएसए ने अपने संबोधन में कहा कि विशिष्ट जरूरत वाले बच्चों में एक से एक कलायें छिपी हैं। इनकी छिपी कलाओं को निखारकर आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
ताकि वह समाज में सामान्य लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल सके। जिला समन्वयक समेकित शिक्षा राजेश वर्मा ने कहा कि विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे दया के पात्र नहीं हैं, ये बच्चे भी सामान्य बच्चों के साथ शिक्षा पाकर आगे बढ़ सकते हैं। केवल सही दिशा में इनको बढ़ावा देना है।
इस मौके पर संजीव कुमार, आलोक कुमार, मुकेश चंद्र शाक्य, पीयूष, महेंद्र कुमार सिंह, बाबू रामेंद्र कुमार राठौर, सुषमा राठौर, सीमा सिन्हा, श्वेता, अल्का दुबे, मनोज पांडेय, दिनेश, जितेंद्र, राजेश कुमार आदि मौजूद थे। कार्यक्रम में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान लाने वाले छात्रों को बीएसए ने पुरस्कृत किया।