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Kannauj News: चकबंदी के लिए बढ़ता जा रहा आक्रोश, आत्मदाह की चेतावनी
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कन्नौज। गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया में की जा रही मनमानी से किसान परेशान हैं। चकबंदी प्रक्रिया निरस्त कराने के लिए किसान कई दिन से आंदोलनरत हैं। इसी क्रम में शनिवार को किसानों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर चकबंदीकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए और चकबंदी निरस्त न होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी।
जलालाबाद क्षेत्र में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को निरस्त कराने के लिए 100 किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने प्रदर्शन करते हुए अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अविनाश गौतम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चकबंदी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए निरस्त कराने की मांग की गई है। किसानों ने कहा कि वह चकबंदी नहीं चाहते हैं, यदि जबरन चकबंदी प्रक्रिया उन पर थोपी गई तो सामूहिक रूप से आत्मदाह करेंगे। किसानों का आरोप है कि चकबंदीकर्ता कीमती जमीनों को दूसरों के हिस्से में शामिल कर किसानों का शोषण कर रहे हैं। सड़क से दूर सस्ती जमीनें किसानों के खाते में जोड़ने के प्रयास किया जा रहा है। पूरी चकबंदी प्रक्रिया भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है।
कस्बे से लेकर ग्राम पंचायत सचिवालय तक चकबंदी के विरोध में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं पर सुनवाई नहीं हुई। अतिरिक्त एसडीएम अविनाश गौतम ने किसानों से बात कर समझाने का प्रयास किया और कहा कि अभी एसआईआर प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद चकबंदी का भौतिक सत्यापन करवाकर आगे निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, किसान चकबंदी प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग पर अड़े रहे। किसानों ने कहा कि यदि चकबंदी प्रक्रिया निरस्त न की गई तो आत्मदाह करने पर विवश होंगे। किसान कन्हैया तिवारी ने कहा कि चकबंदी के नाम पर किसानों की कीमती जमीनें दूसरों को देकर किसानों का शोषण किया जा रहा है।
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समाज कल्याण मंत्री ने दिया चकबंदी रुकवाने का भरोसा
शनिवार को विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने आए सदर विधायक समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण से प्रदर्शनकारी किसानों ने मुलाकात की और समस्या से अवगत कराया। समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने शीघ्र चकबंदी प्रक्रिया रुकवाने का भरोसा दिया। मंत्री का आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने खुशी का इजहार किया।
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जलालाबाद क्षेत्र में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को निरस्त कराने के लिए 100 किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने प्रदर्शन करते हुए अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अविनाश गौतम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चकबंदी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए निरस्त कराने की मांग की गई है। किसानों ने कहा कि वह चकबंदी नहीं चाहते हैं, यदि जबरन चकबंदी प्रक्रिया उन पर थोपी गई तो सामूहिक रूप से आत्मदाह करेंगे। किसानों का आरोप है कि चकबंदीकर्ता कीमती जमीनों को दूसरों के हिस्से में शामिल कर किसानों का शोषण कर रहे हैं। सड़क से दूर सस्ती जमीनें किसानों के खाते में जोड़ने के प्रयास किया जा रहा है। पूरी चकबंदी प्रक्रिया भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है।
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कस्बे से लेकर ग्राम पंचायत सचिवालय तक चकबंदी के विरोध में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं पर सुनवाई नहीं हुई। अतिरिक्त एसडीएम अविनाश गौतम ने किसानों से बात कर समझाने का प्रयास किया और कहा कि अभी एसआईआर प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद चकबंदी का भौतिक सत्यापन करवाकर आगे निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, किसान चकबंदी प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग पर अड़े रहे। किसानों ने कहा कि यदि चकबंदी प्रक्रिया निरस्त न की गई तो आत्मदाह करने पर विवश होंगे। किसान कन्हैया तिवारी ने कहा कि चकबंदी के नाम पर किसानों की कीमती जमीनें दूसरों को देकर किसानों का शोषण किया जा रहा है।
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समाज कल्याण मंत्री ने दिया चकबंदी रुकवाने का भरोसा
शनिवार को विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने आए सदर विधायक समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण से प्रदर्शनकारी किसानों ने मुलाकात की और समस्या से अवगत कराया। समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने शीघ्र चकबंदी प्रक्रिया रुकवाने का भरोसा दिया। मंत्री का आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने खुशी का इजहार किया।