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अंगद के पैर न हिला सके योद्धा
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Mon, 07 Dec 2015 12:04 AM IST
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अखिल नगर में चल रही रामलीला के पांचवें दिन अंगद
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रावण संवाद व लक्ष्मण शक्ति लीला का मंचन किया गया। लीला को देखने कस्बा
समेत कई गांवों के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। लीला का शुभारंभ मुख्य अतिथि
रमाकांत द्विवेदी चचुआ ने मां काली की आरती उतारकर किया।
मां काली की भूमिका लवम पाठक ने निभाई। अंगद रावण संवाद लीला के दौरान रावण की भूमिका विनोद वर्मा व अंगद की भूमिका अनिल द्विवेदी ने निभाई। रामलीला के प्रथम दृश्य में रामादल में मंत्रणा के दौरान लंका पर विजय के लिए युद्ध की रणनीति बनाई गई। जामवंत के सुझाव पर अंगद को शांति दूत बनाकर लंका भेजा गया।
उन्होंने बल, बुद्धि, विवेक का परिचय देते हुए रावण के दरबार में अपनी धाक जमा दी। अपने पैर को जमीन में जमाते हुए चुनौती दी तो रावण के दरबार के कोई योद्धा उसके पैर को हिला तक नहीं सके। इस पर अपमानित रावण ने अंगद को दरबार से भगा दिया।
बाद में मेघनाथ व लक्ष्मण के बीच भयंकर युद्ध हुआ। इसमें लक्ष्मण शक्ति लगने से मूर्छित हो जाते हैं। इससे रामादल में मायूसी छा गई। सुखेन वैद्य के सुझाव पर हनुुमानजी पूरा द्रोणागिरि पर्वत उठा लाए। लक्ष्मण शक्ति लीला के दौरान भाई के प्रति भाई का प्रेम देखकर दर्शक भावविभोर हो गए।
वहीं मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के मार्मिक विलाप को सुनकर श्रोताओं के आंसू निकल आए। राम की भूमिका राकेश दीक्षित, हनुमान की अमर सिंह कनौजिया ने निभाई। कार्यक्रम में विवेक पाठक, बड़े दुबे, पीयूष द्विवेदी, अमन तिवारी, रामू तिवारी और निकेश सक्सेना आदि लोग मौजूद थे।
मां काली की भूमिका लवम पाठक ने निभाई। अंगद रावण संवाद लीला के दौरान रावण की भूमिका विनोद वर्मा व अंगद की भूमिका अनिल द्विवेदी ने निभाई। रामलीला के प्रथम दृश्य में रामादल में मंत्रणा के दौरान लंका पर विजय के लिए युद्ध की रणनीति बनाई गई। जामवंत के सुझाव पर अंगद को शांति दूत बनाकर लंका भेजा गया।
उन्होंने बल, बुद्धि, विवेक का परिचय देते हुए रावण के दरबार में अपनी धाक जमा दी। अपने पैर को जमीन में जमाते हुए चुनौती दी तो रावण के दरबार के कोई योद्धा उसके पैर को हिला तक नहीं सके। इस पर अपमानित रावण ने अंगद को दरबार से भगा दिया।
बाद में मेघनाथ व लक्ष्मण के बीच भयंकर युद्ध हुआ। इसमें लक्ष्मण शक्ति लगने से मूर्छित हो जाते हैं। इससे रामादल में मायूसी छा गई। सुखेन वैद्य के सुझाव पर हनुुमानजी पूरा द्रोणागिरि पर्वत उठा लाए। लक्ष्मण शक्ति लीला के दौरान भाई के प्रति भाई का प्रेम देखकर दर्शक भावविभोर हो गए।
वहीं मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के मार्मिक विलाप को सुनकर श्रोताओं के आंसू निकल आए। राम की भूमिका राकेश दीक्षित, हनुमान की अमर सिंह कनौजिया ने निभाई। कार्यक्रम में विवेक पाठक, बड़े दुबे, पीयूष द्विवेदी, अमन तिवारी, रामू तिवारी और निकेश सक्सेना आदि लोग मौजूद थे।