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Kannauj News: एसआईआर को लेकर अखिलेश व सुब्रत आमने-सामने
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कन्नौज। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को लेकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व पूर्व सांसद सुब्रत पाठक बीच मंगलवार को जंग तेज हो गई है। सुब्रत ने बिधूना में कार्यकर्ताओं के बीच कहा था कि एसआईआर के बाद सपा दूरबीन से भी नहीं दिखाई देगी। यह उनके ताबूत में अंतिम कील है। वहीं, पलटवार करते हुए अखिलेश ने लिखा कि वो जायज़ वोटों को कटवाने की सलाह दे रहे हैं। चुनाव आयोग तत्काल संज्ञान ले।
इत्रनगरी से भाजपा के पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने कार्यकर्ताओं के बीच कहा था कि जिले में तीन लाख से अधिक फर्जी वोट कट गए। इससे भाजपा को नुकसान नहीं होगा बल्कि सपा को ही नुकसान है। इसीलिए अखिलेश यादव शुरुआत से ही इसका विरोध कर रहे थे। बैलेट पेपर से जब चुनाव होते थे तो सपाई पूरा बूथ ही लूट लेते थे। अब ईवीएम से चुनाव हो रहे हैं तो सपाई पोलिंग 99 प्रतिशत वोटिंग कर रहीं हैं। वहीं भाजपा बाहुल्य पोलिंग पर 55 प्रतिशत से अधिक मतदान नहीं हो पाता है। वहीं, इस पर पलटवार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लिखा कि कन्नौज के पूर्व सांसद का बयान बेहद आपत्तिजनक है। क्या वो जायज़ वोटों को कटवाने की सलाह दे रहे हैं। चुनाव आयोग तत्काल इसे संज्ञान ले। काले कारनामों का काला चश्मा लगाए, ये महानुभाव बोलते समय भूल गये कि ये जो कह रहे हैं वो उन्हीं के दल के भाजपाई मुख्यमंत्री से उलट बात है।मुख्यमंत्री के संज्ञान में जैसे ही ये बात आएगी वो इनकी क्लास लगा देंगे...। यदि उनसे बच गये तो दूर बैठे दूरबीन वाले इनको बुला लेंगे क्योंकि दूरबीन का इस्तेमाल करने के डॉयलॉग पर उनका एकाधिकार है। अब ये बेचारे भागे-भागे फिरेंगे कि किस-किस से बचें… चुनाव आयोग से, लखनऊ वालों से या दिल्ली वाले ‘द्वितीय’ (नितिन नवीन) से। फिलहाल दोनों नेताओं की सोशल मीडिया पर चल रही जंग से राजनीतिक गलियारों में चर्चा है और लोग एसआईआर को लेकर पक्ष व विपक्ष में कमेंट भी दे रहे हैं।
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इत्रनगरी से भाजपा के पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने कार्यकर्ताओं के बीच कहा था कि जिले में तीन लाख से अधिक फर्जी वोट कट गए। इससे भाजपा को नुकसान नहीं होगा बल्कि सपा को ही नुकसान है। इसीलिए अखिलेश यादव शुरुआत से ही इसका विरोध कर रहे थे। बैलेट पेपर से जब चुनाव होते थे तो सपाई पूरा बूथ ही लूट लेते थे। अब ईवीएम से चुनाव हो रहे हैं तो सपाई पोलिंग 99 प्रतिशत वोटिंग कर रहीं हैं। वहीं भाजपा बाहुल्य पोलिंग पर 55 प्रतिशत से अधिक मतदान नहीं हो पाता है। वहीं, इस पर पलटवार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लिखा कि कन्नौज के पूर्व सांसद का बयान बेहद आपत्तिजनक है। क्या वो जायज़ वोटों को कटवाने की सलाह दे रहे हैं। चुनाव आयोग तत्काल इसे संज्ञान ले। काले कारनामों का काला चश्मा लगाए, ये महानुभाव बोलते समय भूल गये कि ये जो कह रहे हैं वो उन्हीं के दल के भाजपाई मुख्यमंत्री से उलट बात है।मुख्यमंत्री के संज्ञान में जैसे ही ये बात आएगी वो इनकी क्लास लगा देंगे...। यदि उनसे बच गये तो दूर बैठे दूरबीन वाले इनको बुला लेंगे क्योंकि दूरबीन का इस्तेमाल करने के डॉयलॉग पर उनका एकाधिकार है। अब ये बेचारे भागे-भागे फिरेंगे कि किस-किस से बचें… चुनाव आयोग से, लखनऊ वालों से या दिल्ली वाले ‘द्वितीय’ (नितिन नवीन) से। फिलहाल दोनों नेताओं की सोशल मीडिया पर चल रही जंग से राजनीतिक गलियारों में चर्चा है और लोग एसआईआर को लेकर पक्ष व विपक्ष में कमेंट भी दे रहे हैं।
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